This document outlines the decisions made by the State Advisory Committee regarding appeals for medical and compassionate grounds. After reviewing cases presented at the 74th meeting on November 17, 2009, the committee recommended rejecting several applications. These rejections were primarily based on the reasoning that the cases did not fall under the purview of the Uttar Pradesh Reorganisation Coordination Department’s notification dated February 4, 2009. The document lists 31 individuals whose grievances were considered and subsequently denied, with specific details of their medical conditions or family circumstances provided for each case. The findings and recommendations of the committee have been forwarded for necessary action and to inform the concerned officials.
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संख्या- 27/25/2009-एस.आर.एस.
भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
एस.आर. अनुभाग
तीसरा तल, लोकनायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली । दिनांक 2 अप्रैल, 2010
सेवा में,
मुख्य सचिव,
उत्तर प्रदेश सरकार,
लखनऊ ।
मुख्य सचिव,
उत्तरांचल सरकार,
देहरादून ।
विषय: चिकित्सकीय/वास्तविक व्यथा से आच्छादित प्रकरणों पर राज्य परामर्शीय समिति की दिनांक 17 नवम्बर,2009 को आयोजित 74 वीं बैठक में विचार
महोदय,
उपर्युक्त विषय में मुझे यह कहना का आदेश हुआ है कि राज्य परामर्शीय समिति की दिनांक 17 नवम्बर,2009 को आयोजित 74 -वीं बैठक में विचारोपरांत कमेटी ने संलग्नक में नामित कार्मिकों के अभ्यावेदनों को अस्वीकृत करने की सिफारिश की है । विस्तृत ब्यौरा संलग्नक पर है ।
कमेटी द्वारा इन मामलों में जो सिफारिशें की गईं उन्हें भारत सरकार द्वारा वास्तविक/चिकित्सकीय व्यथा के अन्तर्गत के अंतर्गत मान लिया गया है। संलग्नक में नामित कार्मिकों के उत्तराखण्ड राज्य आवंटन का परिशोधन नहीं करने का निर्णय लिया गया है ।
कृपया संबंधित अधिकारियों को इन निर्णयों से अवगत करा दिया जाए ।

प्रति:-
- श्री आर.एम. श्रीवास्तव, प्रधान सचिव, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय विभाग, लखनऊ ।
- श्री सुभाष कुमार, प्रधान सचिव, उत्तराखंड पुनर्गठन समन्वय विभाग देहरादून।
संलग्नक 31 कार्मिकों की सूची

राज्य परामर्शीय समिति की दिनांक 17 नवम्बर, 2009 को आयोजित 74 वीं बैठक में वास्तविक/चिकित्सकीय व्यथा के अन्तर्गत अस्वीकार किये प्रायावेदन
(अ) उच्च शिक्षा विभाग
| क्रमांक | कार्मिको का नाम/ पदनाम/तैयारी | प्रायावेदन में अंकित बीमारी | राज्य चिकित्सा परिषद की संस्तुति | राज्य परामर्शीय समिति की संस्तुति |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | डा. राजीव सिंह कन्तीजिया, वरिष्ठ प्रवक्ता-राज विज्ञान, राज. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नैनीताल। | स्वयं हृदय रोग ग्रसित। | डा. राजीव सिंह कन्तीजिया का परीक्षण काउँडेंसोलोजिस्ट बनवयपुर चिकित्सालय, लखनऊ से कराया गया। चिकित्सक की राय के अनुसार भी कन्तीजिया अत्याएच्छवाँध व गम्भीर हृदय रोग के र्कस है तथा इन्हें नियमित उपचार की आवश्यकता है व इन्हे हल्के कर्ता की सलाह दी जाती है। राज्य चिकित्सा परिषद उठ्या उक्त विशेषज्ञ अभिमत से सहमत है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनाँक 04 फरवरी, 2009 से आयवदित न होने के कारण समिति द्वारा प्रायावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 2 | श्री रवि प्रकाश, प्रवक्ता-समाज शास्त्र, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ॠमिकोर, देहरादून। | माता श्रीमती सुमित्रा देवी अश्वि एवं हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप से पीड़ित तथा पिता वृद्ध, अशक्त शिथिलांग, अश्वि एवं हृदय रोगी है। | 1- इनका परीक्षण वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ बनवयपुर चिकित्सालय, लखनऊ से कराया गया। चिकित्सक की राय के अनुसार श्रीमती सुमित्रा देवी आर्थोप्लास्टी लेयर शोल्डर की फालोवू र्कस है तथा इन्हें नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की आवश्यकता है। 2- श्री रामदेव सभ्याही का विशेषज्ञ परीक्षण वरिष्ठ आर्था सर्जन बनवयपुर चिकित्सालय, लखनऊ से कराया गया। श्री रामदेव सभ्याही ग्रास नी डैमेज के र्कस है तथा इन्हें टोटल नी रिप्लेसनेन्ट की आवश्यकता है जो कि किसी उच्च चिकित्सा संस्थान में ही सम्भव है। राज्य चिकित्सा परिषद, उठ्या उक्त विशेषज्ञ अभिमत से सहमत है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनाँक 04 फरवरी, 2009 से आयवदित न होने के कारण समिति द्वारा प्रायावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
(ब) माध्यमिक शिक्षा विभाग
| क्रमांक | कार्मिको का नाम/ पदनाम/तैयारी | प्रायावेदन में अंकित बीमारी | राज्य चिकित्सा परिषद की संस्तुति | राज्य चिकित्सा परिषद की संस्तुति |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री विजय प्रकाश रौक्षित, प्रवक्ता (रसायन विज्ञान), राजकीय इण्टर कालेज, नैनीताल। | माता श्रीमती लीलावती रौक्षित विकलांग | श्रीमती लीलावती रौक्षित अश्विचोआर्थराईटिस राईट नी विद लम्बर स्यान्डलोशिस विद स्क्वेलेराईजेशन आफ एल-5 की र्कस है तथा इन्हें नियमित उपचार की आवश्यकता है। | श्रीमती लीलावती रौक्षित माता श्री विजय प्रकाश रौक्षित विकलांग है और आखिरी की विकलांगता उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनाँक 04 फरवरी, 2009 से आयवदित न होने के कारण समिति द्वारा प्रायावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 2 | डा. विनय कुमार सिंह, प्रवक्ता (इतिहास), राज. इण्टर कालेज, ज्योलीकोट, नैनीताल। | स्वयं के दीये पैर में कम्पाउण्ड र्कंकवर। | डा. विनय कुमार सिंह र्कंकवर लेयर एन्कल विद पैल्मोबड् टिशु के र्कस व लम्बी दूरी तक चलने किरणे व चढ़ने उतरणे में समर्थ नहीं है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनाँक 04 फरवरी, 2009 से आयवदित न होने के कारण समिति द्वारा प्रायावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 3 | श्रीमती शशि गुप्ता, सहायक अध्यापिका, राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हाथीबड़कला, देहरादून। | सास जी को लगातार चक्कर आते रहते है जिससे वह अचानक बेहतर हो जाती है और लगभग 4-5 दिनों बाद ही सामान्य हो पाती है उनकी दियागी हालत ठीक नहीं रहती है। | श्रीमती प्रतिमा गुप्ता ब्रान्कियल एस्प्रया विद जसरेराईज्व सीजर्स विद अनकन्ट्रोल हाईपरटेन्सन विद आईएएचओंफ की रोगी है तथा इन्हें नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की आवश्यकता है। जिससे लम्बे समय तक चलने की सम्भावना है। इन्हें नियमित अटेम्प्रेन्ट की भी आवश्यकता है। | सास के आखिरी की श्रेणी में न आने व उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनाँक 04 फरवरी, 2009 से आयवदित न होने के कारण समिति द्वारा प्रायावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |

| 4 | श्री विजय शंकर,
सहायक अध्यापक,
राजकीय इण्टर कालेज,
राजगढ़ी; उतारकाशी। | पानी गम्भीर हृदय रोग एवं
डायबेटीज रोग से पीड़ित है।
जनपद जौनपुर, उतार प्रदेश के
मूल निवासी है। पानी का इलाज
इलाहाबाद, उतार प्रदेश में चल
रहा है। पर्वतीय क्षेत्र में तैनाती
के कारण पानी के इलाज एवं
बच्चों की देखरेख एवं शिक्षा में
काफी परेशानी का सामना करना
पड़ रहा है। | श्रीमती किरन तिवारी का स्वास्थ्य परीक्षण
बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ से कराया गया।
पदमपर्योता कार्डियोलॉजी बलरामपुर चिकित्सालय,
लखनऊ की राय दिनांक 31-05-2008 के
अनुसार श्रीमती किरन तिवारी हृदय रोग की रोगी
है तथा इनका उपचार आगे भी चलने की
सम्बन्धना है। राज्य चिकित्सा परिषद, जाळा
उक्त विशेषज्ञ अभिनव से सहमत है। | प्रकरण उड पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी
अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से
आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा
प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति
की गई। |
| — | — | — | — | — |
| 5 | श्री स्वातंत्र सुभार गुप्ता,
सहायक अध्यापक,
राजकीय इण्टर कालेज,
गँवला-उतारकाशी। | पानी / बच्चे पैतृक राज्य उतार
प्रदेश के जिला बहराइच में
नियासित है। माता जी हाई ब्लड
प्रेशर, हृदय रोग तथा शुगर रोगी
से ग्रस्त है। | श्रीमती सुशीला देवी हाईपरटेप्शन विद डायबेटीज
मैसाईटिस विद रिमिशनआफ हाईपोथाईराईडिज्म
की उपचाराधीन केस है तथा इन्हें लम्बे समय तक
नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की
आवश्यकता है। | प्रकरण उड पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी
अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से
आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा
प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति
की गई। |
| 6 | श्री रामबुध यादव,
सहायक अध्यापक,
राजकीय इण्टर कालेज,
बनथौरा, उतारकाशी। | उतार प्रदेश के जिला अम्बेडकर
नगर के मूल निवासी है तथा 10
वर्षीय पुत्र मूक वर्धित है। | श्री अंकुर यादव बाईस्टेल सेनसोरी न्यूरल हिपरिंग
लाल के विकलांग है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी
,उतारकाशी द्वारा निर्गत विकलांग प्रमाण पत्र
दिनांक 3-10-2007 के अनुसार इनकी हिपरिंग
विकलांगता 100 प्रतिशत है। उक्त के आधार पर
इनके डेफनेस की पुष्टि की जाती है। | प्रकरण उड पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी
अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से
आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा
प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति
की गई। |
| 7 | श्री संजय सुभार,
सहायक अध्यापक,
राजकीय इण्टर कालेज,
पोडाखुरी-टिहरी गढ़वाल। | दूढ़ पिता दमा व जोड़ों के दर्द से
पीड़ित है। | श्री खेम करन लाल का परीक्षण वरिष्ठ वरिष्ठ
फीजिशियन बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ से
कराया गया। वरिष्ठ फीजिशियन बलरामपुर
चिकित्सालय, लखनऊ की राय दि.25-9-2008
के अनुसार श्री खेम करन लाल हाईपरटेप्शन विद
आई एम्ब्रावॉॅल विद एल पी.एफ के रोगी है।राज्य
चिकित्सा परिषद, जाळा उक्त विशेषज्ञ अभिनव से
सहमत है। | प्रकरण उड पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी
अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से
आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा
प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति
की गई। |
| 8 | श्री जयराम,
प्रवाशा, राजकीय इण्टर
कालेज, जखोल, उतारकाशी। | पानी शादी के 10 वर्षो के
उपरान्त भी निसन्तान है जिनका
इलाज चिकित्सा विश्वविद्यालय,
लखनऊ में चल रहा है। माता जी
श्यारा रोग तथा दृष्टि दोष से
पीड़ित है। | 1- श्रीमती गुलाब का परीक्षण हृदय रोग विशेषज्ञ
बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ से कराया गया।
कार्डियोलॉजिस्ट बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ
की राय के अनुसार श्रीमती गुलाब टेप्शन विद
कारोनेरी आर्टरी डिजीज की रोगी है तथा इन्हें
नियमित उपचार की आवश्यकता है। वरिष्ठ नेत्र
विशेषज्ञ बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ की राय
के अनुसार उनकी आंखों की रोशनी काफी कम है
तथा मोतियाबिन्द की शुरूआत है व इनको
निरन्तर इलाज की आवश्यकता है। राज्य
चिकित्सा परिषद् जाळा अभिनव से सहमत है।
2- श्रीमती मंजू का परीक्षण पी0आबदा महिला
चिकित्सालय,लखनऊ से कराया गया।
चिकित्सक की राय के अनुसार श्रीमती मंजू
प्राईमेरी स्टारिलिटी का केस है जो कि
ट्यूबरसुलोसिस के कारण है। राज्य चिकित्सा
परिषद् जाळा उक्त विशेषज्ञ अभिनव से सहमत
है। | प्रकरण उड पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी
अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से
आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा
प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति
की गई। |
| | | | | |

| 9 | श्री नरेंद्र कुमार, सहायक अध्यापक, राजकीय उप्यहार माध्यमिक विद्यालय चन्द्रपुरी कला, हरिद्वार। | माता भद्रनेह उच्च रक्तचाप एवं हृदय की बीमारी से तथा पिता अस्धय्य,हृदय एवं उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। माता-पिता की इकलौती सन्तान होने के कारण परिवार की समस्त जिम्मेदारी स्वयं पर ही है। | राज्य चिकित्सा परिषद् देहरादून के परीक्षणोपरान्त श्रीमती राजेन्द्र देवी को हाईपरटेन्शन, डायबटिज, इनजाइनर, एट्रियल चाइक्विंशन के रोग से ग्रसित पाया गया। उन्हें नियमित जांच एवं उपचार की आवश्यकता है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनीक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
|---|---|---|---|---|
| 10 | श्री दान बहादुर कश्यप, सहायक अध्यापक, राजकीय इन्टर कालेज, कर्ज़गी-उत्तरकाशी। | उत्तर प्रदेश राज्य के जनपद सुल्तानपुर के मूल निवासी है तथा माता श्रीमती दासी शत-प्रतिशत विकलांगता से पीड़ित हैं। | मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सुल्तानपुर द्वारा निर्गत विकलांगता प्रमाण पत्र के अनुसार श्रीमती दासी अबलपुर, ग्लूकोमा बोध आई (शहरीशता विकलांग) है। राज्य चिकित्सा परिषद् 2000 उक्त से सहमत है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनीक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 11 | श्री शैलेश कुमार, प्रवक्ता, एस0सी0ई0आर0टी0, नरेंद्रनगर, टिहरी गड़वाल | माता हृदय रोग व उच्च रक्तचाप से पीड़ित है जिनको बलरामपुर चिकित्सालय के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा’अच्छा, लखनऊ में इलाज की संस्तुति की गई है। | श्रीमती शशो बजा श्रीवास्तव डिजेनरेटिव चेन्जस एट सी0-एल 6 की कंस है तथा उक्त हेतु इन्हें एस0डी0पी0जी0आई0 मेडिकल कालेज जैसे उच्च संस्थान में नियमित उपचार की आवश्यकता है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनीक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 12 | श्री अम्लेश कुमार,सहायक अध्यापक, राजकीय इन्टर कालेज, दुआधार, टिहरी गड़वाल | पानी श्रीमती कव्र्या तिवारी गम्भीर हृदय रोग से पीड़ित है और हृदय के व्रणजत्स टंसअन एवं (तत्प्रपथ टंसअन सिकुड़कर खराब हो चुके है। उत्सससप्त्च राज्य में तैनाती के कारण पानी की देखभाल करना सम्भव नहीं हो पा रहा है। | श्रीमती संजय तिवारी का विशेषज्ञ परीक्षण बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ के कार्डियोतोजिस्ट से कराया गया। कार्डियोतोजिस्ट बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ की राय के अनुसार श्रीमती संजय तिवारी आर0एच0डी0 विद एच0एच0 (भोड) की रोगी है तथा इन्हें उक्त के नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की आवश्यकता है। राज्य चिकित्सा परिषद् उत्तर प्रदेश उक्त विशेषज्ञ अभिनव से सहमत है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनीक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 13 | डा0 सिंघिलेश कुमार ओझा, प्रवक्ता- गणित, राजकीय इन्टर कालेज, टेवलीखेत, अल्मोड़ा। | पानी संजय ओझा को घाताईट तथा ओंखों के डाक्टर की रिपोर्ट के अनुसार इलाज हेतु गर्म जलवायु की आवश्यकता होना बताया गया है | श्रीमती संजय ओझा का विशेषज्ञ परीक्षण विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग, म्याक्स लखनऊ से भी कराया गया। विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग की राय के अनुसार श्रीमती संजय ओझा एटोपिक एलर्जी की कंस है व पहाड़ी क्षेत्र में ओकुलर एलर्जी विद हान्कियो स्पाज्म बड़ने की सम्भावना है इन्हें नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की आवश्यकता है। चिकित्सा परिषद्, 2000 उक्त विशेषज्ञ अभिनव से सहमत है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनीक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 14 | श्री सुशील कुमार द्विवेदी, सहायक अध्यापक, राजकीय इन्टर कालेज, ओखलाखाल, टिहरी गड़वाल। | वृह माताजी का हृदय कव्र्यायोशन पी0जी0आई0, लखनऊ में बुधा है तथा इनका इलाज निरन्तर जारी है। | श्रीमती विद्यादेवी त्रिपुनेटाईड हार्ट डिजीज विद बोल्कुल रिप्लेसमेंट की फालो घू कंस है तथा इन्हें उक्त हेतु नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की आवश्यकता है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनीक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 15 | श्री दीपक कुमार शुक्ल, प्रवक्ता-नौतिक विज्ञान, राजकीय इन्टर कालेज, छापराधार, टिहरी गड़वाल। | पिता वृहावस्था जनित अनेकानेक बीमारी से पीड़ित। | श्री वंशाव राम शुक्ल पिता श्री दीपक कुमार शुक्ल का विशेषज्ञ परीक्षण विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग सी0एच0एच0एच0पू0, लखनऊ से कराया गया। विभागाध्यक्ष नेत्र विभाग की रिपोर्ट के अनुसार श्री वंशाव राम शुक्ला देब-ए। कॅटरिस्ट बोध आई के कंस है तथा उक्त हेतु इन्हें आपरेशन की सलाह दी गयी है। इसके अतिरिक्त इन्हें कार्नियल एटिगमेटिज्म भी है जो कि कन्जेनाईटल प्रतीत होता है व वह डिजीज की श्रेणी में नहीं आता है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनीक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई। |
| 16 | श्री तिनोद कुमार शुक्ला, सहायक अध्यापक, राजकीय इण्टर कालेज, बगियाल, टिहरी गढ़वाल। | पत्नी हड्डी रोग में पीढित। | राज्य चिकित्सा परिषद् द्वारा श्रीमती सुनीता शुक्ला के चिकित्सा अभिलेखों का अवलोकन किया गया जिन्हें फिक्स्ट फलेक्सन डिफार्मिटी आफ राईट एस्बो का केस बताया गया है तथा इनका डिसेबिल्टी का प्रतिशत 45 प्रतिशत बताया गया है। श्रीमती शुक्ला परमानेन्ट ली सिलिकली कैप्प्रीकेज है। | प्रकल्प उड् युनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अपिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
|---|---|---|---|---|
| 17 | श्री तेजपाल सिंह, सहायक अध्यापक, राजकीय इण्टर कालेज, धारयूला, चियौरागढ़। | 70 वर्षीय वृह् माता जिनके कूल्हे के भ्रैक्यर का आपरेशन हो चुका है से पीढित। | श्रीमती राया देवी माता श्री तेजपाल सिंह के स्वास्थ्य का परीक्षण राज्य चिकित्सा परिषद् द्वारा किया गया। श्रीमती राया देवी आर्थराईटिस विद हाईपरटेन्शन विद भौंसपर लैफ्ट नेक फीचर की केस है तथा इन्हें नियमित उपचार की आवश्यकता है। यह बिना सपोर्ट के चलने-फिरने में असमर्थ है। | प्रकल्प उड् युनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अपिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 18 | श्री उदित नारायण शर्मा, प्रवक्ता-नौतिक विज्ञान, राजकीय इण्टर कालेज, कोयियार, चौड़ी गढ़वाल। | पुत्री कूठ प्रगति शर्मा गम्भीर रूप से बीमार एवं वर्तमान में एसएजीएपीएजीएआईए, लखनऊ में इलाज प्रचलित। | कूठ प्रगति शर्मा पुत्री श्री उदित नारायण शर्मा के राज्य चिकित्सा परिषद् द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा अभिलेखों के अवलोकनोपसन्त इन्हें एसएजीएपीएजीएआईए, लखनऊ में उपचाराधीन केस बताया गया है तथा नियमित विशेषज्ञ जॉब एवं उपचार की सलाह दी गयी है। | प्रकल्प उड् युनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अपिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 19 | श्री कमल कुमार, सहायक अध्यापक, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ओबरी, टिहरी गढ़वाल | स्वयं हृदय रोगी। | श्री कमल कुमार का विशेषज्ञ ऑर्थोपसन्त राज्य चिकित्सा परिषद् द्वारा आई एच डी विद हाईपरटेन्शन विद एन्जाईना विद एल बी एच का रोगी तथा इन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली को संदर्भित किये जाने की सलाह दी गयी है। | प्रकल्प उड् युनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अपिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 20 | श्री अखिलेश कुमार अवस्थी, सहायक अध्यापक, राजकीय इण्टर कालेज, टेवलपार, टिहरी गढ़वाल | वृह् पिताजी जिनके दोनो गुर्दे खराब हो चुके है व उनकी नियमित रूप से डायलिसिस करानी पड़ रही है। | श्री शिव वीर शुक्ला का विशेषज्ञ परीक्षण वरिष्ठ परामर्शदाता नेत्रोलोजी विभाग, बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ से कराया गया। वरिष्ठ परामर्शदाता की तांब के अनुसार श्री शुक्ला डायबेटीज पैलाइटिस टाईप-11 विद ईएएसएआरएजीए के उपचाराधीन केस है तथा इन्हें उक्त गुर्रा रोग के नियमित विशेषज्ञ जाय एवं उपचार तथा अटेन्डेन्ट की आवश्यकता है। राज्य चिकित्सा परिषद, 70000 उक्त विशेषज्ञ अभिमत से सहमत है। | समूह के आवेदनों की श्रेणी में न आने व उड् युनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अपिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 21 | श्री शिव कुमार त्रिवेही, सहायक अध्यापक, राजकीय इण्टर कालेज, सेमण्डीयार, टिहरी गढ़वाल | पुत्र श्री सत्यम की ओपेन हार्ट बाई पास सर्जरी सस्ट्रजीएपीएजीएआई, लखनऊ से करायी है। | राज्य चिकित्सा परिषद्, उत्तर प्रदेश की राय के अनुसारस श्री सत्यम सीसीएचडी-टाईफस्मिथ अटेस्ण, पीएएसएजीए, पीएस, एन एस आर तथा कतेनेरी एन्विपॉय्राफी के फार्मार्मू केस है तथा इनके द्वारा उक्त हेतु एसएजीएपीएजीएआई, लखनऊ में उपचार कराया जा रहा है। श्री सत्यम को हृदय रोग हेतु नियमित विशेषज्ञ जाय एवं उपचार की आवश्यकता है। | प्रकल्प उड् युनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अपिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 22 | श्री गिरीश कुमार, प्रवक्ता-नौतिकी विज्ञान, राजकीय इण्टर कालेज, मनान, अल्मोड़ा। | स्वयं कार्मिक हान्फियल अश्वणा रोग से गम्भीर रूपसे पीढित। | राज्य चिकित्सा परिषद्, 70000 द्वारा श्री गिरीश कुमार को कार्मिक हान्फियल एसएमए के केस बताया गया है तथा इन्हें नियमित विशेषज्ञ जाय एवं उपचार की आवश्यकता बतायी गयी है। | प्रकल्प उड् युनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अपिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
(अ) द्रेयपुर 11 (1) 1111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111111
(स) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग
| क्रमांक | कार्मिकों का नाम/पदनाम/तैनाती | प्रत्यारोपण में अंकित बीमारी | राज्य चिकित्सा परिषद की संस्कृति | राज्य परामर्शीय समिति की संस्कृति |
|---|---|---|---|---|
| 1 | श्री विजय कुमार सिंह, नेत्र सहायक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पार्टनर, पौड़ी गढ़वाल | हूढ़ पिता हृदय रोग से ग्रसित है तथा जिनका इलाज जेएएनएमेडिकल कालेज, अलीगढ़ में चल रहा है। पैतृक सम्पत्ति अलीगढ़, उत्तर प्रदेश में। | श्री प्रहलाद सिंह का विशेषज्ञ परीक्षण कार्डियोलोजिस्ट बतरायपुर चिकित्सालय, लखनऊ से कराया गया। वरिष्ठ परामर्शदाता हृदय रोग बलरामपुर चिकित्सालय की राय के अनुसार श्री प्रहलाद सिंह हाईपरटेन्शन विद एन्जाईना के केस हैं तथा इन्हें नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की आवश्यकता है। राज्य चिकित्सा परिषद जाफा वक्त विशेषज्ञ अभिनव से सक्षम है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से जारी कीटित न होने के कारण समिति द्वारा आगामी वित्त को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 2 | श्रीमती सुदा पाण्डेय, उपचारिका, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, लोकपाल, पम्पावत। | यदि श्री श्याम नारायण पाण्डेय हृदय रोग से पीड़ित। | चिकित्सा परिषद, जाफा ने श्री श्याम नारायण पाण्डेय पति श्रीमती सुदा पाण्डेय को सन्कोयल एटैक्स, 101 खोज 50 के बैठक, लखनऊ में उपचारकीय केस बताया गया है जिन्हें नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की सलाह दी गई है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से जारी कीटित न होने के कारण समिति द्वारा आगामी वित्त को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
अन्य प्रकरण
| क्रमांक | कार्मिकों का नाम/पदनाम/तैनाती | प्रत्यारोपण में अंकित बिन्दु/बीमारी | राज्य चिकित्सा परिषद की संस्कृति/अन्य बिन्दुओं से संबंधित विवरण | राज्य परामर्शीय समिति की संस्कृति |
|---|---|---|---|---|
| 1 | श्री रवीन्द्र कुमार मिश्र, प्रवक्ता, जिला सत्तापन केन्द्र (मिनी डाइट), लोकपाल, पम्पावत। | उत्तर प्रदेश मृत निवासी। डायबिटीज/ ब्लड प्रेशर तथा अर्थराइटिस रोग से पीड़ित। 60 वर्षीय हूढ़ माता की देखरेख करने वाला उनके अलावा कोई नहीं। | राज्य चिकित्सा परिषद, जाफा द्वारा श्री रवीन्द्र कुमार मिश्र केस को रूर लेफ्ट एन्कल का रोगी बताया गया है जिन्हें उपचार की सलाह दी गई है। | श्री प्रहलाद सिंह की उपस्थिति |
| 2 | श्री महेश चन्द्र सक्सेना, प्रवक्ता, राजकीय इम्टर कॉलेज, गणाई गपोली, चिर्थयागढ़, उत्तराखण्ड। | स्वयं पैरों से विकलांग एवं पर्वतीय जलवायु 30 वर्षीय हूढ़ माता के प्रतिकूल। | मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महोबा द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र में श्री महेश चन्द्र को 40 प्रतिशत विकलांग बतलाया गया है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से जारी कीटित न होने के कारण समिति द्वारा आगामी वित्त को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 3 | श्री सत्यम शिवम् सुन्दरम्, सहायक अध्यापक, राजकीय इम्टर कॉलेज, रघुलीयोपल, अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड। | 60 वर्षीय हूढ़ माँ डायबिटीज एवं आर्थराइटिस रोग से ग्रसित, 70 वर्षीय हूढ़ पिता हृदय रोग, बाल रोग एवं मोतियाबिन्द्य रोग से पीड़ित तथा पत्नी उदर रोग से पीड़ित जिनका इलाज वर्ष 2004 से प्रचलित। | माता श्रीमती रीवा देवी डायबिटीज मैलाईटिस विद हैमिर्ररिसिस की फार्मूनी केस है जिन्हें लम्बे समय तक विशेषज्ञ जाँच एवं उपचार की आवश्यकता बतायी गयी है। पिता श्री राम दुलारे हृदय रोग, सर्वाइकल स्पान्यालोसिस विद जनरल डिबेटिटी ड्यू टू ओल्ड एज के केस हैं जिन्हें नियमित विशेषज्ञ जाँच एवं उपचार की आवश्यकता बतायी गयी है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से जारी कीटित न होने के कारण समिति द्वारा आगामी वित्त को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 4 | श्री पकज तिवारी, वित्त नियन्त्रक, वन विभाग, देशराष्ट्र, उत्तराखण्ड। | माता एवं पिता हृदय रोग से पीड़ित है एवं माताजी को अपोलो हास्पिटल, नई दिल्ली द्वारा बाई-चास सर्जरी का परामर्श दिया गया है एवं वर्तमान में उनका इलाज लखनऊ में चल रहा है। | राज्य चिकित्सा परिषद, जाफा द्वारा श्रीमती रागिनी तिवारी को करोनेरी आर्टरी डिजीज का रोगी बताया गया है तथा इन्हें इन्फ्लियोग्राफी/सीएबीजी के विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता बतायी गयी है। जिसके लिये इन्हें एसएजीएपीएजीएआई, लखनऊ को सम्प्रभित किया गया है। इन्हें लम्बे समय तक नियमित विशेषज्ञ जांच एवं उपचार की आवश्यकता बतायी गयी है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से जारी कीटित न होने के कारण समिति द्वारा आगामी वित्त को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
| 5 | श्री सुदीव कुमार पाण्डेय, ज्येष्ठा रसायनज्ञ, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग, लखनऊ। | पिता 60 प्रतिशत शारीरिक रूप से विकलांग। | राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा श्री सुखदेव प्रसाद पाण्डेय, पिता श्री सुप्रीम कुमार पाण्डेय, एम्युटेशन ऑफ लेग अबब नी विद फोलन शॉल्डर की स्थायी विकलांगता के केस बताया गया है तथा इन्हें 80 प्रतिशत विकलांग घोषित किया गया है। | प्रकरण उ.प्र. पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 04 फरवरी, 2009 से जारी कीटित न होने के कारण समिति द्वारा आगामी वित्त को अस्वीकार किये जाने की संस्कृति की गई। |
अन्य प्रकरण