In a significant update concerning the career progression and pay structure of high-ranking police officials, new amendments have been introduced to existing service rules. These changes clarify how the strength of positions at the Director General grade, which includes the HAG+ pay scale (ranging from Rs 75,500 with a 3% annual increment up to Rs 80,000), will be determined. It’s now explicitly stated that all designated cadre posts within this rank, including the crucial role of the Director General of Police (who leads the police force), will be factored into the calculation for the total number of such positions. Importantly, these new provisions also ensure that no additional ex-cadre positions for the Director General of Police (Head of Police Force) will be created within the apex pay scale of Rs 80,000. These regulations aim to streamline cadre management and bring greater clarity to the structure of senior leadership roles within the police service, effective immediately upon their official promulgation.
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कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) अधिसूचना नई दिल्ली, 18 अक्तूबर, 2011
सं. का.नि. 763(अ).—अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (3951 का 61) की धारा 3 की उप धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार संबद्ध राज्य सरकारों के परामर्श से भारतीय पुलिस सेवा (वेतन) नियमावली, 2007 में आगे और संशोधन करने के लिए पाठ्यक्रम निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :-
- (1) ये नियम भारतीय पुलिस सेवा (वेतन) चतुर्थ संशोधन नियमावली, 2011 कहलाएंगे । (2) ये नियम शासकीय राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रदत्त होंगे ।
- भारतीय पुलिस सेवा (वेतन) नियमावली, 2007 के उप-नियम (7) के पश्चात् नियम 11 में निम्नलिखित का सन्निवेश किया जाएगा, अर्थात् :-
“बशर्ते कि एचएजी+ वेतनमान [75500 – वार्षिक वेतनवृद्धि 3 प्रतिशत की दर से – 80000 रूप] के महानिदेशक बैठे में संवर्ग पदों के अलावा पदों की संख्या के परिकलन के उद्देश्य से, पुलिस भहानिदेशक (पुलिस बल शीर्ष) सहित इस रैंक में सभी संवर्ग पदों पर ध्यान दिया जाएगा :
बशर्ते इसके आगे यह कि 80,000/- रूप के शीर्ष वेतनमान में किसी पुलिस भहानिदेशक (पुलिस बल शीर्ष) के संवर्ग-थोड़ा पद का सुजन नहीं किया जाएगा”।
[फा. सं. 16017/1/2010-अ.भा.से.-II]
दीप्ती उमाशंकर, निदेशक (सेवाएं)
टिप्पणी : मुख्य विनियम दिनांक 21.02.2008 की सा.का.नि. सं. 108(अ) द्वारा भारत के असाधारण राजपत्र में प्रकाशित किए गए थे और तत्पश्चात् निम्नलिखित सा.का.नि. सं.692(अ) दिनांक 27.09.2008, सा.का.नि. सं. 189(अ), दिनांक 24.03.2009, सा.का.नि. सं.231(अ), दिनांक 01.04.2009, सा.का.नि. सं. 497(अ), दिनांक 07.07.2009, सा.का.नि. सं. 589(अ), दिनांक 20.08.2009, सा.का.नि. सं. 771(अ), दिनांक 20.10.2009, सा.का.नि. सं. 894 (अ), दिनांक 11.12.2009, सा.का.नि. सं. 894(अ), दिनांक 11.12.2009, सा.का.नि. सं. 172(अ), दिनांक 03.03.2010, सा.का.नि. सं.228(अ) दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 230(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 232(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं.234(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 236(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 238(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 240(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 242(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 244(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 246(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 248(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 250(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 252(अ), दिनांक 30.03.2010, सा.का.नि. सं. 299(अ), दिनांक 08.04.2010, सा.का.नि. सं. 510(अ), दिनांक 16.06.2010, सा.का.नि. सं. 512(अ), दिनांक 16.06.2010, सा.का.नि. सं. 514(अ), दिनांक 16.06.2010, सा.का.नि. सं. 516(अ), दिनांक 16.06.2010, सा.का.नि. सं. 620(अ), दिनांक 23.07.2010, सा.का.नि. सं. 622(अ), दिनांक 23.07.2010, सा.का.नि. सं. 624(अ), दिनांक 23.07.2010, सा.का.नि. सं. 626(अ), दिनांक 23.07.2010, सा.का.नि. सं. 628(अ), दिनांक 23.07.2010, सा.का.नि. सं.725(अ), दिनांक 01.09.2010, सा.का.नि. सं. 879(अ), दिनांक 02.11.2010, सा.का.नि. सं. 725(अ), दिनांक 01.09.2010, सा.का.नि. सं. 29(अ), दिनांक 17.01.2011, सा.का.नि. सं. 204(अ), दिनांक 08.03.2011 और सा.का.नि. सं. 320(अ) दिनांक 13.04.2011 द्वारा संशोधित किए गए :