The Central Government has introduced new regulations to amend the Indian Forest Service (Pay) Rules, 2007. These significant changes, effective retrospectively from January 1, 2006, aim to streamline pay scales and ensure equitable career progression for Indian Forest Service (IFS) officers. A key highlight is the provision for non-functional financial upgradation: when an Indian Administrative Service (IAS) officer from a specific batch is posted at the Centre in a particular grade pay (PB-3, PB-4, or HAG), IFS officers of the same batch or senior to them (by two or more years) who have not yet received that promotion will be granted the equivalent grade in their respective state cadres on a non-functional basis. For officers already serving at the Centre receiving such upgradation, their pay will be fixed with a 3% increment on their existing pay, subject to the minimum of the pay band or upgradation scale. Additionally, the rules detail the initial pay fixation for promoted or selected officers, who will receive a 3% increment on their existing pay in the applicable pay band and grade pay, rounded to the nearest multiple of 10, along with the corresponding grade pay for senior time scale, junior administrative grade, or selection grade in state service. The number of selection grade posts in state cadres for IFS will be determined by Central Government guidelines for cadre strength. It is certified that these retrospective amendments will not adversely affect any member of the Indian Forest Service.
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अधिमूचना
नई दिल्ली, 3 मार्च, 2010
सा.का.नि. 173(अ).—अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 3 की उप धारा
(1) द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय सरकार संबंधित राज्यों की सरकारों से परामर्श करके भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2007 में और आगे संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :-
1 (i) इन नियमों का नाम भारतीय वन सेवा (वेतन) संशोधन नियमावली, 2010 है ।
(ii) ये 1 जनवरी, 2006 को लागू हुए समझे जाएंगे ।
$$
850 \text { GI/10-2 }
$$2. भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2007 के नियम 3 के उप नियम (1) में (इसके आगे उपर्युक्त नियमों के रूप में संदर्भित) टिप्पणी 3 के लिए, निम्नलिखित टिप्पणी प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
“टिप्पणी 3 : जब कभी किसी बैच विशेष के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को पी.बी.-3 या पी.बी.-4 या एच.ए.जी. वेतनमान में विशिष्ट योड वेतन वाले किसी योड विशेष में केन्द्र में तैनात किया जाता है, सेवा के सदस्य, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के ऐसे अधिकारी से दो या उससे अधिक वर्षों तक वरिष्ठ हैं और जिन्हें उस योड विशेष में अब तक पदोन्नत नहीं किया गया है, उसे उस योड विशेष में भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी की तैनाती की तारीख से उनके संबंधित राज्य संवर्गों में गैर-कार्यात्मक आधार पर वही योड दिया जाएगा ।
सेवा के उन सदस्यों के मामले में जो गैर-कार्यात्मक उन्नयन प्रदान करने के समय केन्द्र में तैनात हैं, वेतन बैंड में उनका वेतन, वेतन बैंड या गैर-कार्यात्मक उन्नयन के वेतनमान के न्यूनतम के अध्ययधीन वेतन बैंड और विधमान योड वेतन में विधमान वेतन की राशि के $3 \%$ की दर से एक वेतनवृद्धि देते हुए नियत किया जाएगा तथा उन्हें उच्चतर योड वेतन या वेतनमान, जैसी भी स्थिति हो, नहीं दिया जाएगा । ऐसे अधिकारी उस पद, जिस पर उन्हें केन्द्रीय स्टाफिंग योजना के अंतर्गत केन्द्र में नियुक्त किया गया है, केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल भत्ता, जहां लागू हो, सहित योड वेतन लेते रहेंगे ।”
3. उपर्युक्त नियमों की अनुसूची 1 में, पैराग्राफ (1) के लिए निम्नलिखित पैराग्राफ प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“(1) नियम 3 के उप नियम (1) में प्रथम परन्तुक तथा उसके नीचे टिप्पणियों में किसी बात के होते हुए भी, पदोन्नत अधिकारी या चयन द्वारा नियुक्त किसी अधिकारी, जैसी स्थिति हो, का आरंभिक वेतन, वेतन बैंड और लागू योड वेतन में वेतन की राशि के $3 \%$ के बराबर एक वेतनवृद्धि जोड़कर वेतन बैंड 3 या वेतन बैंड 4 में नियत किया जाएगा, जो 10 के अगले गुणज में पूरा होगा और इसके अतिरिक्त, राज्य सेवा में वेतनमान या योड वेतन में तदनुरूप वरिष्ठ समय वेतनमान या कनिष्ठ प्रशासनिक योड या चयन योड का योड वेतन दिया जाएगा ।
परन्तु यह कि चयन योड में सम्मिलित योड वेतन लागू वेतन बैंड-4 में वेतन के साथ ही दिया जाएगा ।”
4. उपर्युक्त नियमों की अनुसूची-11 के भाग ख में, पैराग्राफ (1) के लिए निम्नलिखित पैराग्राफ प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :
“(1) राज्य संवर्ग में चयन योड में पदों की संख्या भारतीय वन सेवा की संवर्ग पद संख्या के निर्धारण के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा जारी मानदंडों के अनुसार होगी”टिप्पणी : मूल नियम भारत के असाधारण राजपत्र में सा.का.नि. संख्या 109(अ), तारीख 21 फरवरी, 2008 द्वारा प्रकाशित किए गए थे और बाद में निम्नलिखित सा.का.नि. संख्याओं द्वारा संशोधित किए गए थे :
| सा.का.नि. संख्या | तारीख |
|---|---|
| $610($ (अ) | 26/08/2008 |
| $691($ (अ) | 27/09/2008 |
| $194($ (अ) | 24/03/2009 |
| $499($ (अ) | 07/07/2009 |
| $501($ (अ) | 07/07/2009 |
| $503($ (अ) | 07/07/2009 |
| $505($ (अ) | 07/07/2009 |
| $507($ (अ) | 07/07/2009 |
| $588($ (अ) | 20/08/2009 |
| $906($ (अ) | 18/12/2009 |
| $908($ (अ) | 18/12/2009 |
| $910($ (अ) | 18/12/2009 |
| $912($ (अ) | 18/12/2009 |
व्याख्यात्मक ज्ञापन
केन्द्रीय सरकार ने केन्द्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी की, उस योड विशेष में, केन्द्र में तैनाती से सम्बद्ध, भारतीय वन सेवा अधिकारियों को, उनके संबंधित राज्य संवर्गों में वेतन बैंड 3 या वेतन बैंड 4 या एच.ए.जी. वेतनमान में गैर-कार्यात्मक वित्तीय उन्नयन का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया है । भारतीय वन सेवा (वेतन) नियम, 2007 दिनांक 01 जनवरी, 2006 से संशोधित किए जा रहे हैं ।
प्रमाणित किया जाता है कि इन नियमों को भूतलक्षी प्रभाव से लागू करने से भारतीय वन सेवा के किसी सदस्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पडेगा ।