Indian Administrative Service (Seniority) Amendment Rules, 2016

I

This notification announces amendments to the Indian Administrative Service (Seniority) Rules, 1987. The changes pertain to the calculation of service weightage for non-state civil service officers appointed to the Indian Administrative Service, based on ratios established by the Punjab & Haryana High Court and the Supreme Court in the Praveen Kumar case. Specifically, the rules modify how years of service are weighted when determining seniority, providing different weightage for service up to 12 years, between 12 and 21 years, and exceeding 21 years. The notification also lists previous amendments to the principal rules.

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[भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग II, खण्ड 3, उप-खंड (i) में प्रकाशनार्थ]
भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग

अधिसूचना
नई दिल्ली, 5 मई, 2016

सा.का.नि. ———- (अ).- अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 3 की उप-धारा
(1) द्‌वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार, संबंधित राज्यों की सरकारों से परामर्श
पश्चात भारतीय प्रशासनिक सेवा (वरिष्ठता का विनियमन) नियमावली, 1987 में और सुधार करने के लिए
एतद्‌द्वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थातः-

  1. (1) इन नियमों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वरिष्ठता का विनियमन) संशोधन नियमावली,
    2016 कहा जाएगा।

(2) ये सरकारी राजपत्र में उनके प्रकाशन की तिथि से लागू होंगे।

(3) यह संशोधन उन सभी अधिकारियों के लिए लागू होगी जिन्हें उन चयन सूची (सूचियों) के
आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त किया गया है, जिन्हें माननीय पंजाब एवं
हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित और प्रवीण कुमार केस संबंधी मामले में माननीय
उच्चतम न्यायालय द्वारा पुष्टि किए गए अनुपात के अनुसार और इस विभाग के दिनांक
17.03.2015 के कार्यालय जापन सं. 22012/99/2009-अ.भा.से.-1 में समाविष्ट प्रावधानों को ध्यान
में रखते हुए गैर-राज्य सिविल सेवा के अधिकारियों का चयन द्वारा नियुक्ति के लिए तैयार किया
गया है अथवा तैयार किया जाएगा।

  1. भारतीय प्रशासनिक सेवा (वरिष्ठता का विनियमन) नियमावली, 1987 में, नियम 3 में, उप-नियम
    (3) में खंड (iii) के लिए;

(क) “वर्ष से तत्काल पूर्व वर्ष के 31 दिसम्बर तक, डिप्टी कलैक्टर के पद अथवा किसी उच्चतर पद के
समकक्ष” शब्दों, आंकड़ों एवं अक्षरों के लिए, को “वर्ष के 31 दिसम्बर तक, डिप्टी कलैक्टर के पद अथवा
किसी उच्चतर पद के समकक्ष” शब्दों, आंकड़ों एवं अक्षरों से प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(ख) उप-खंडों (क) एवं (ख) के लिए, निम्नलिखित उप-खंडों को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थातः-

“(क) बारह बर्षों तक उसके द्‌वारा की गई सेवा के लिए, उसे सेवा के प्रत्येक पूरे किए गए चार वर्षों के लिए
एक वर्ष का महत्व (वेटेज) दिया जाएगा, जो न्यूनतम तीन वर्षों के अध्यधीन होगा;(ख) उसके द्‍वारा 12 वर्षो से अधिक की गई सेवा के लिए, उप-खंड (क) में यथा-उल्लिखित तथा 21 वर्षो तक, उसे सेवा के प्रत्येक पूरे किए गए तीन वर्षो के लिए एक वर्ष का महत्व दिया जाएगा; (ग) उसके द्‍वारा 21 वर्षो से अधिक की गई सेवा के लिए, उप-खंड (ख) में यथा-उल्लिखित, उसे सेवा के प्रत्येक पूरे दो वर्षो के लिए एक वर्ष का महत्व दिया जाएगा, जो अधिकतम तीन वर्षो के अधीन होगा।” फा.सं. 14014/4/2011-अभासे-। (टी. जैकब) अपर सचिव, भारत सरकार

टिप्पणः- प्रधान नियमों को भारत के असाधारण राजपत्र के भाग II, खंड 3 उपखंड (I) में सं.सा.का.नि. 896(अ) दिनांक 6 नवम्बर, 1987 द्‍वारा प्रकाशित किया गया था तथा और आगे संशोधन संबंधित तिथियों सहित निम्नलिखित सा.का.नि. संख्याओं के द्‍वारा किया गया थाः

क्रम सं. संख्या सा.का.नि. दिनांक
1. 42(3f) 18/01/1988
2. 77(3f) 03/02/1989
3. 736(3f) 31/12/1997
4. 549(3f) 30/08/2005
5. 300(3f) 18/04/2012

(टी. जैकब) अपर सचिव, भारत सरकार