Indian Administrative Service (Probation) Amendment Rules, 2011

I

This document details amendments to the Indian Administrative Service (Probation) Rules, 1954. Specifically, it concerns the training requirements for probationers. The amendment mandates that probationers must undergo training at an academy, state training institute, or other recognized institution as deemed necessary by the central government. If a probationer fails to complete this training within the probation period (or its extension), they will be reverted to their original position in the state civil service. The notification also lists previous amendments to these rules dating back to 1954.

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असाधारण

EXTRAORDINARY

भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)

प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY

सं. 248] नई दिल्ली, बुधवार, मई 11, 2011/वैशाख 21, 1933
No. 248] NEW DELHI, WEDNESDAY, MAY 11, 2011/VAISAKHA 21, 1933

कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय

(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)

अधिसूचना

नई दिल्ली, 10 मई, 2011

सा.का.नि. 379(अ).—अखिल भारतीय सेवाएँ अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 3 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार के परामर्श से भारतीय प्रशासनिक सेवा (परिवीक्षा) नियमावली, 1954 में आगे और संशोधन करने के लिए एतद्वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :—

  1. (1) ये नियम भारतीय प्रशासनिक सेवा (परिवीक्षा) संशोधन नियमावली, 2011 कहलाएंगे।
  2. (2) ये नियम शासकीय राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
  3. भारतीय प्रशासनिक सेवा (परिवीक्षा) नियमावली, 1954 में नियम 5 के उप-नियम (2) के लिए निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—

“(2) नियम (3) के उप-नियम (2) में संदर्भित कोई परिवीक्षार्थी परिवीक्षा की अवधि अथवा परिवीक्षा की विस्तारित अवधि, जैसा भी मामला हो, के भीतर अकादमी में अथवा राज्य प्रशिक्षण संस्थान में अथवा देश में किसी अन्य मान्यताप्राप्त प्रशिक्षण संस्थान में, ऐसा प्रशिक्षण जैसा केन्द्रीय सरकार द्वारा आवश्यक समझा जाए, ऐसी अवधि हेतु प्राप्त करेगा :

बशर्ते कि जहाँ कोई परिवीक्षार्थी परिवीक्षा की अवधि अथवा परिवीक्षा की विस्तारित अवधि, जैसा भी मामला हो, के भीतर ऐसे प्रशिक्षण को प्राप्त नहीं करता है, उसे राज्य सिविल सेवा में उसके मूल पद पर प्रत्यावर्त कर दिया जाएगा।”

[फा. सं. 11058/01/2002-अ.भा.से.-III]

दोषि उभाशंकर, निदेशक (सेवाएँ)

पाद टिप्पण :- मुख्य नियम संख्या सा.का.नि. 152(अ), दिनांक 8 सितम्बर, 1954 द्वारा अधिसूचित किए गए थे तथा तत्पश्चात् निम्नलिखित द्वारा संशोधित किए गए :—

क्र. सं. सा.का.नि. संख्या दिनांक
(1) (2) (3)
(i) 13/01/57-अ.भा.से. (III) 17 मार्च, 1958
(ii) 2/1/61-अ.भा.से. (I) 5 जून, 1961

(1) (2)
(iii) 165
(iv) 1163
(v) 101
(vi) 944
(vii) 1426
(viii) 1882
(ix) 4/36/65-अ.भा.से. (III)-क
(x) 1216,1219
(xi) 1086
(xii) 22/4/71-अ.भा.से. (III)-क
(xiii) 13/4/71-अ.भा.से. (I)
(xiv) 388
(xv) 1248
(xvi) 471
(xvii) 22/2/71-अ.भा.से. (III)-क
(xviii) 39
(xix) 904
(xx) 1019
(xxi) 1360
(xxii) 1767
(xxiii) 1397
(xxiv) 11037/6/77-अ.भा.से. (III)
(xxv) 453
(xxvi) 555
(xxvii) 11037/3/86-अ.भा.से. (III)
(xxviii) 639
(xxix) 638(अ)
(xxx) 11037/2/98-अ.भा.से. (III)
(xxxi) 354

23 फरवरी, 1963
22 अगस्त, 1964
28 जनवरी, 1967
24 जून, 1967
3 अगस्त, 1968
26 अक्तूबर, 1968
6 मई, 1969
24 मई, 1968
23 अगस्त, 1969
21 अगस्त 1971
11 जनवरी, 1972
1 अप्रैल, 1972
22 सितम्बर, 1972
18 मई, 1974
15 जून, 1974
2 जनवरी, 1975
26 जून, 1976
17 जुलाई, 1976
25 सितम्बर, 1976
25 दिसम्बर, 1976
2 अक्तूबर, 1976
10 जून, 1978
9 मई, 1981
30 जुलाई, 1983
25 अगस्त, 1986
23 जून, 1989
23 जून, 1989
7 जून, 1999
14 सितम्बर, 2002