This document details amendments to the Indian Administrative Service (Cadre) Rules, 1954. Key changes involve the process for appointments and transfers of cadre officers, emphasizing recommendations from the Civil Services Board. It outlines the composition of the Civil Services Board, its functions regarding appointments and premature transfers, and the procedures for considering such transfers, including obtaining justifications from administrative departments and recording reasons for decisions. The rules aim to streamline the appointment and transfer process while ensuring transparency and adherence to established procedures.
SOURCE PDF LINK :
Click to access 11033_1_A_2014-AIS-II-28012014-Hindi.pdf
Click to view full document content


असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 47 | नई दिल्ली, मंगलवार, जनवरी 28, 2014/माघ 8, 1935 |
|---|---|
| No. 47 | NEW DELHI, TUESDAY, JANUARY 28, 2014/MAGHA 8, 1935 |
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 28 जनवरी, 2014
स.का.नि. 67(अ).—अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 3 की उप धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों के परामर्श से एतद्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) नियमावली, 1954 में पुनः संशोधन हेतु निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
- (1) इन नियमों का नाम भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) संशोधन नियम, 2014 होगा।
- (2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
- भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) नियम, 1954 में,—
- (क) नियम 7 के लिए निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—
“7 नियुक्तियां.— (1) संवर्ग अधिकारियों की सभी नियुक्तियां इन नियमों में अनुबंधित अनुसूची में निर्धारित किए अनुसार सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिश के अनुसार की जाएंगी।
(2) उप-नियम (1) में उल्लिखित संवर्ग पदों पर सभी नियुक्तियां —
(क) राज्य संवर्ग के मामले में राज्य सरकार द्वारा; और
(ख) संयुक्त संवर्ग के मामले में, संबंधित राज्य सरकार द्वारा की जाएगी :
(3) किसी संवर्ग पद पर नियुक्त संवर्ग अधिकारी का इस दौरान पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, राज्य से बाहर प्रतिनियुक्ति अथवा दो महीनों से अधिक प्रशिक्षण आदि को छोड़कर उनका कम से कम दो वर्षों का कार्यकाल होगा।
(4) किसी संवर्ग बाह्य पद पर नियुक्त संवर्ग अधिकारी का इस दौरान पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, राज्य से बाहर प्रतिनियुक्ति अथवा दो महीनों से अधिक प्रशिक्षण आदि को छोड़कर, उक्त पद के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई अवधि का कार्यकाल रहेगा।
(5) जैसा कि इन नियमों में अनुबंधित अनुसूची में विनिर्दिष्ट किया गया है, केन्द्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो, किसी संवर्ग अधिकारी को सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिश पर न्यूनतम निर्धारित कार्यकाल से पहले स्थानांतरित कर सकती है।
बशर्ते कि सक्षम प्राधिकारी इसके कारणों को रिकार्ड करते हुए सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिश को रद्द कर सकता है। (ख) 7क. अभिभावी प्रभाव,- इस समय लागू अन्य अधिसूचनाओं में शामिल विपर्ययों के होते हुए भी ये नियम प्रभावी होंगे।” (ग) अधिसूची के लिए निम्नलिखित अनुसूची प्रतिस्थापित की जाएगी अर्थात् :—
अनुसूची [नियम 7(1) और (5) देखें]
- सिविल सेवा बोर्ड की संरचना:
प्रत्येक राज्य सरकार एक सिविल सेवा बोर्ड का गठन करेगी जिसकी संरचना निम्नानुसार होगी:
| (i) | मुख्य सचिव | अध्यक्ष |
| — | — | — |
| (ii) | वरिष्ठतम अपर मुख्य सचिव अथवा अध्यक्ष, राजस्व बोर्ड या वित्त आयुक्त या
समकक्ष पद या स्तर का कोई अधिकारी | सदस्य |
| (iii) | राज्य सरकार के कार्मिक विभाग में प्रधान सचिव या सचिव | सदस्य सचिव |
- कार्यकरण.- (क) सिविल सेवा बोर्ड संवर्ग अधिकारियों की सभी नियुक्तियों हेतु सिफारिशें करेगा। (ख) सिविल सेवा बोर्ड, भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) नियम, 1954 के नियम 7 के उप नियम (3) और (4) के तहत यथानिर्धारित न्यूनतम कार्यकाल के पूरा होने से पूर्व स्थानांतरण हेतु प्रस्तावित अधिकारियों के मामलों की जांच करेगा। (ग) सिविल सेवा बोर्ड, भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) नियमावली, 1954 के नियम 7 के उप नियम (3) और (4) के तहत निर्धारित कार्यकाल से पूर्व स्थानांतरण पर उन अपेक्षित परिस्थितियों के आधार पर विचार करेगा जिनसे सिविल सेवा बोर्ड स्वयं संतुष्ट हो। (घ) सिविल सेवा बोर्ड न्यूनतम कार्यकाल पूरा होने से पहले स्थानांतरित किए जाने वाले अधिकारियों के नाम लिखित रूप में रिकार्ड किए जाने वाले कारणों सहित सक्षम प्राधिकारी को सिफारिश करेगा। 3. प्रक्रिया.- (क) सिविल सेवा बोर्ड निर्धारित कार्यकाल से पहले किसी अधिकारी के स्थानांतरण हेतु सरकार के संबंधित प्रशासनिक विभाग से विस्तृत औचित्य प्राप्त करेगा। (ख) सिविल सेवा बोर्ड- (i) अन्य विश्वस्त स्रोतों से उसको प्राप्त अन्य निविष्टियों सहित प्रशासनिक विभाग की रिपोर्ट पर विचार करेगा; (ii) बोर्ड के पास स्थानांतरित किए जाने हेतु प्रस्तावित अधिकारी से प्रस्ताव के औचित्य के रूप में बोर्ड को प्रस्तुत की गई परिस्थितियों के संबंध में टिप्पणियां प्राप्त करेगा; (iii) समयपूर्व स्थानांतरण के संबंध में कारणों से संतुष्ट हुए बिना इस प्रकार के स्थानांतरण की सिफारिश नहीं करेगा।
(ग) सिविल सेवा बोर्ड न्यूनतम निर्धारित कार्यकाल से पूर्व स्थानांतरण हेतु अनुशंसित अधिकारियों का स्पष्ट विवरण दर्शाते हुए उसके कारणों सहित उसके द्वारा उचित समझे जाने वाले प्रारूप में केन्द्र सरकार को एक तिमाही रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा :
बशर्ते कि सक्षम प्राधिकारी लिखित आदेश के माध्यम से कारणों को रिकार्ड करते हुए सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों को निरस्त कर सकता है। [फा. सं. 11033/1(क)/2014-अ.भा.से.-II] मनोज कुमार द्विवेदी, निदेशक (सेवा ) टिप्पणी: मुख्य नियम भारत के राजपत्र के भाग II, खंड 3, उपखंड (1) में दिनांक 08 सितम्बर, 1954 को सा.का.नि.सं. 152 के तहत प्रकाशित किए गए थे और निम्नलिखित अधिसूचनाओं द्वारा संशोधित किए गए थे।
| क. सं. | सा.का.नि. सं. | दिनांक |
|---|---|---|
| 1. | 115 | 28 फरवरी, 1958 |
| 2. | 1717 | 05 दिसम्बर, 1964 |
| 3. | 1718 | 05 दिसम्बर, 1964 |
| 4. | 279 | 22 मार्च, 1973 |
| 5. | 524 | 01 मई, 1974 |
| 6. | 56 | 18 जनवरी, 1975 |
| 7. | 899 | 26 जुलाई, 1975 |
| 8. | 1464 | 16 अक्तूबर, 1975 |
| 9. | 213ई | 14 मार्च, 1984 |
| 10. | 909ई | 11 नवम्बर, 1987 |
| 11. | 128ई | 10 मार्च, 1995 |
| 12. | 289 | 05 अगस्त, 2000 |
| 13. | 502ई | 24 अगस्त, 2006 |