Government Decisions on Consultative Committee Recommendations for Medical Grievances and Personnel Allocation

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A recent official communication from the government addresses crucial decisions made by a consultative committee on personnel matters. One notable outcome involves the rejection of a constable’s application for medical distress, specifically concerning his wife’s heart condition. This rejection was due to the employee’s repeated failure to present his wife before the State Medical Board for verification, an omission that had also led to his salary being withheld. Beyond this individual case, the government has accepted broader recommendations from the committee regarding the allocation of personnel. Specifically, a decision has been made to retain certain personnel within the state of Uttarakhand. These significant administrative decisions are now being disseminated to relevant authorities for implementation.

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संख्या- 27/02/2012-एस.आर.एस. भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग एस.आर. अनुभाग तीसरा तल, लोकनायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली । दिनांक 2.2 जून, 2012

सेवा में, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ । मुख्य सचिव, उत्तरांचल सरकार, देहरादून । विषय: चिकित्सकीय/वास्तविक व्यथा से संबंधित प्रकरणों पर परामर्शी समिति की 09-02-2012 को आयोजित बैठक में विचार ।

महोदय, उपर्युक्त विषय में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि परामर्शी समिति की दिनांक 09-02-2012 को आयोजित बैठक में विचारोपरांत समिति ने संलग्नक में निम्नलिखित कार्मिक के अभ्यावेदन को उसके सामने दर्शाये गये कारणों से अस्वीकृत करने की संस्तुति की है :-

गृह विभाग

| क०
सं0 | नाम व
पदनाम/TF
AL | प्रत्यावेदन में
उल्लिखित
बिन्दु | विभागीय आख्या | चिकित्सा
परिषद की
संस्तुति | समिति की संस्तुति |
| — | — | — | — | — | — |
| 1 | 2 | 3 | 5 | 4 | 6 |
| | श्री अजय
कुमार पाण्डे,
आरक्षी,
1804 | पत्नी हृदय एवं
शारीरिक रोग
से पीड़ित | श्री अजय कुमार पाण्डे, आरक्षी,
1804 के सम्बन्ध में प्रशासकीय
विभाग द्वारा अवगत कराया गया
कि उन्हें कई बार निर्देशित किये
जाने के पश्चात भी उनके द्वारा
अभी तक अपनी पत्नी को राज्य
चिकित्सा परिषद के सम्मुख
उपस्थित नही किया गया है। जबकि
राज्य चिकित्सा परिषद न जाने के
कारण उनका वेतन भी रोक दिया
गया है। | अप्राप्त | समिति द्वारा श्री
अजय कुमार पाण्डेय
को कई बार उनकी
पत्नी को राज्य
चिकित्सा परिषद के
सम्मुख उपस्थित होने
हेतु अवसर प्रदान
किया गया, परन्तु श्री
पाण्डेय जानबूझ कर
अपनी पत्नी को राज्य
चिकित्सा परिषद के
सम्मुख उपस्थित नही
कर रहे है। अतः
समिति द्वारा इनके
प्रत्यावेदन
को
अस्वीकार करते हुये || | | | | उत्तराखण्ड राज्य
आवंटन की संस्तुति
की गई । |
| :– | :– | :– | :– | :– |

समिति द्वारा इन मामलों में जो संस्तुति की गई उन्हें भारत सरकार द्वारा मान लिया गया है। संलग्नक में उल्लिखित कार्मिकों को उत्तराखण्ड राज्य में बनाये रखे जाने का निर्णय लिया गया है ।

कृपया संबंधित अधिकारियों को इन निर्णयों से अवगत करा दिया जाए ।
भवदीय
(सारंगधर नायक)
अवर सचिव, भारत सरकार

प्रतिलिपि:-

  1. श्री प्रशांत त्रिवेदी, सचिव, उत्‍तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय विभाग, 47, नवीन भवन, सचिवालय, लखनऊ ।
  2. अपर सचिव, पुनर्गठन विभाग, उत्‍तराखंड सरकार, सचिवालय, देहरादून।