Navigating the complexities of government service often involves balancing personal lives with professional commitments. A recent decision by the Indian government highlights the careful consideration given to its ‘Spouse Policy,’ designed to support employees whose partners are also working. In a particular instance, a State Advisory Committee reviewed a case involving an employee seeking to remain in Uttarakhand, whose husband was employed in Uttar Pradesh with a non-transferable position. The committee initially found that the specific application did not fully align with the detailed guidelines of the policy, primarily because the husband’s role could not be transferred. However, after thorough deliberation and acceptance of the committee’s overall assessment, the government made a compassionate decision to allow the employee to be retained in Uttarakhand. This demonstrates a nuanced approach to applying policies, ensuring employee well-being while adhering to administrative frameworks.
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संख्या- 27/11/2011-एस.आर.एस. भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
तीसरा तल, लोकनायक भवन, खान माकेट, नई दिल्ली । दिनांक 23 सितम्बर, 2011
सेवा में, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ । मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार, देहरादून । विषय : दाम्पाय नीति से सम्बन्धित प्रकरणों पर राज्य परामर्शी समिति की दिनांक 15, जून 2011 को आयोजित बैठक में विचार । महीना, उपर्युक्त विषय में मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि राज्य परामर्शी समिति की दिनांक 15, जून 2011 को आयोजित बैठक में विचारोपरांत समिति ने निम्नलिखित कार्मिक के अध्यावेदन को दाम्पाय नीति से सम्बन्धित दिशा-निर्देशों से आच्छादित न होने के कारण अस्वीकृत करने की संस्तुति की है ।-
उच्च शिक्षा विभाग
| क्रमांक | कार्मिकों का नाम, पदनाम व तैनाती | नियुक्ति तिथि | दम्पति का नाम, पदनाम व तैनाती | नियुक्ति तिथि | अभ्युक्ति/समिति का निर्णय |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 11 |
| 1 | डॉ0 ऊषा यादव, वरिष्ठ प्रवक्ता, वनस्पति विज्ञान, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर, ऊषम सिंह नगर, उत्तराखण्ड। | 14.12.1998 | श्री छोटे लाल यादव, सहायक प्रबन्धक, इण्डियन टेलीफोर्ड, इन्डस्ट्रीज लिमिटेड, रायबरेसी, उत्तर प्रदेश। | 14.10.1978 | समिति की बैठक दिनांक 09 सितम्बर, 2010 में डॉ0 ऊषा यादव का प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। समिति द्वारा विचारोपरान्त डॉ0 ऊषा यादव के पति श्री छोटे लाल यादव के सम्बन्ध में यह जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिने थे कि इनकी सेवायें उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानान्तरणीय तो नहीं हैं। श्री छोटे लाल यादव, उप प्रबन्धक, आई0टी0आई0 लिमिटेड, रायबरेसी ने अपने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि उनकी सेवायें व्यवहारिक रूप से स्थानान्तरणीय नहीं हैं और बिना उनकी स्वेच्छा के स्थानान्तरण के कोई सम्भावना भी नहीं है। समिति द्वारा विचारोपरान्त यह पाया कि प्रकरण दाम्पाय नीति सम्बन्धी जारी अधिसूचना दिनांक 06 फरवरी, 2009 से आच्छादित न होने के कारण प्रत्यावेदन को अस्वीकार किये जाने की संस्तुति की गई । |
2
समिति द्वारा इस मामले में जो संसुति की गई उसे भारत सरकार द्वारा दाम्पत्य नीति के अन्तर्गत मान लिया गया है । उपर्युक्त स्तम्भ 2 में उल्लिखित कार्मिक को उत्सराखंड राज्य में बनाये रखे जाने का निर्णय लिया गया है ।
कृपया संबंधित अधिकारी को इस निर्णय से अवगत करवा दिया जाए ।

प्रति:-
1. श्री राजेन्द्र मोहन श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, उतार प्रदेश पुनर्गठन समन्वय विभाग, 8-ए, नवीन भवन, सचिवालय, लखनऊ ।
2. “मख सचिव, उताराखंड पुनर्गठन उमन्वय विभाग, देहरादून।