Ex-Servicemen (Central Civil Services and Posts) Re-employment Rules, 1979

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This document outlines the rules established by the President of India, utilizing the powers conferred by Article 309 of the Constitution, to regulate the recruitment of ex-servicemen into Central Civil Services and posts. It defines key terms like ‘Armed Forces of the Union,’ ‘Disabled Ex-Serviceman,’ and ‘Ex-Serviceman,’ specifying eligibility criteria related to service length and discharge conditions. The rules detail the application to specific groups of services (‘C’ and ‘D’ groups) and paramilitary forces, reserving a percentage of vacancies for ex-servicemen. It also addresses age relaxation, educational qualifications, and the process for filling reserved vacancies, emphasizing consideration for disabled ex-servicemen. The document clarifies that these rules are intended to provide permanent civil employment opportunities for ex-servicemen and are based on recommendations from a task force.

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हैभारत के राजपत्र भाग 2 यज्ञ 3 है । है में प्रकाशनार्थ है संख्या 39016/10/79-स्थापना हैग है भारत सरकार गृह मंत्रालय कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग नई दिल्ली, दिनांक 15 दिसम्बर, 1979

अधिसूचना

राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सिविल सेवाओं और पदों पर भूतपूर्व सैनिकों की भर्ती को विनियमित करने वाले निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-

1- संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ-

है। है इन नियमों का नाम भूतपूर्व सैनिक है केन्द्रीय सिविल सेवा और पद पुनर्नियोजन है नियम, 1979 है ।

है2 है ये । जुलाई, 1979 को प्रवृत्त हुए समक्ष ज्ञात । 2- परिभाषाएँ- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो-

हैव है “संघ के सशस्त्र बल” से, संघ के नौ सेना, स्थल सेना और वायु सेना बल अभिप्रेत है;

हैय है “निःशक्त भूतपूर्व सैनिक” से, ऐसा भूतपूर्व सैनिक अभिप्रेत है, जो संघ के सशस्त्र बलों में सेवा करते हुए, शत्रु के विरुद्ध संक्रियाओं में या उपद्रवग्रस्त वेलों में निशक्त हुआ है;

हैग है “भूतपूर्व सैनिक” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसने संघ के सशस्त्र बलों में, जिनके अन्तर्गत भूतपूर्व भारतीय राज्यों के सशस्त्र बल भी हैं, किन्तु जिनके अन्तर्गत आसाम राइफल्स, सेना सुरक्षा फोर, जनरल रिजर्व इंजीनियरी बल, लोक सहायक सेना और प्रादेशिक सेना नहीं हैं, शपथ ग्रहण के पश्चात् कम से कम छह मास की निरन्तर अवधि तक किसी रैंक में है चाहे योधक के रूप में या अयोधक के रूप में है सेवा की है, और

है । है जिसे स्वानुरोध पर या अवचार अथवा अदक्षता के कारण पदच्युक्ति या सेवान्युक्ति के कारण से अन्यथा किसी रूप में नियुक्ति कर दिया गया है, अथवा ऐसे नियोजन तक के लिए रिजर्व को स्थानान्तरित कर दिया गया है, या

है । । है जिसे यथा पूर्वोक्त नियुक्त या रिजर्व को स्थानान्तरित किए जाने के लिए हकदार बनने के लिए अपेक्षित सेवा की अवधि पूरी करने के लिए अधिक से अधिक छह मास सेवा करनी है; या81118 जिले संड के सशस्त्र बलोँ में पाँच वर्ष की सेवा पूरी कर लेने के पश्चात् स्वानुरोध पर निर्गुक्त कर दिया गया है;
898 “पैरा-लैन्च बल” ले, सीमा सुरक्षा बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, केन्द्रीय औधोगिक सुरक्षा बल,साँच्चालय सुरक्षा बल, आसाम राइफल्त और रेल सुरक्षा बल अभिप्रेत हैं;
828 “आरक्षित रिक्तियाँ” ले, भूतपूर्व सैनिकों में से भरी जाने के लिए नियम 4 के अधीन आरक्षित रिक्तियाँ अभिप्रेत हैं ।
3- लागू होना-ये नियम समूह “ग” और समूह “ड” की सभी केन्द्रीय सिविल सेवाओं और पदों तथा तभी पैरा-लैन्च बलोँ में सहायक कमान्डेन्ट के स्तर के पदों को लागू होंगे ।
4- रिक्तियों का आरक्ष्य-8। 8 सभी पैरा-लैत्यं बलोँ में सहायक कमान्डेन्ट के स्तर के पदों में रिक्तियाँ का दल प्रतिशत; “समूह-ग” पदों के और प्रत्येक समूह “ग” सेवा के पदों के प्रत्येक प्रवर्ग में रिक्तियों का दल प्रतिशत; और समूह “ड” पदों के और प्रत्येक समूह “ड” सेवा के पदों के प्रत्येक प्रवर्ग में रिक्तियों का, जिनके अन्तर्गत किसी वर्ष में सीधी भर्ती द्वारा भरी जाने वाली अस्थायी आधार पर आरम्भ में भरी गई स्थायी रिक्तियाँ और ऐसी अस्थायी रिक्तियाँ भी हैं जिनके स्थायी किए जाने की संभावना है या जिनके तीन मांस और उसले अधिक समय तक बने रहने की सम्भावना है, वीस प्रतिशत भूतपूर्व सैनिकों द्वारा भरे जाने के लिए आरक्षित रखा जाएगा :

परन्तु पदों के किसी प्रवर्ग में भूतपूर्व सैनिकों के लिए इस प्रकार विनिर्दिष्ट आरक्ष्य के प्रतिशत में, किसी भर्ती-वर्ष में वहाँ तक वृद्धि या कमी कर दी जाएगी, जहाँ तक वह भूतपूर्व सैनिकों, अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ/8। उसके अन्तर्गत अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियों के लिए अग्नीत आरक्ष्य भी हैंड और विन्दी अन्य प्रवर्गों के लिए, मूल मिलाकर, उस वर्ष में भरे गए पदों के उस प्रवर्ग में रिक्तियों के पचास प्रतिशत से, यथास्थिति, कम या अधिक है :

परन्तु यह और कि पूर्ववर्ती परन्तुक के अधीन भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्ष्य में वृद्धि की दशा में, उनके लिए इस प्रकार उपलब्ध की गई अतिरिक्त रिक्तियाँ का उपयोगं प्रथमत: निःशक्त भूतपूर्व सैनिकों की नियुक्ति के लिए किया जाएगा और यदि तत्पश्चात् कोई ऐसी रिक्ति भरना शोध रह जाती है तो वह अन्य भूतपूर्व सैनिकों को उपलब्ध कराई जाएगी ।
828 भूतपूर्व सैनिकों द्वारा भरी जाने के लिए आरक्षित रिक्तियाँ में से, रिक्तियाँ, ऐसे आदेशों के अनुसार, जो केन्द्रीय सरकार समय-समय पर इस निषिक्त जारी करें, अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियों के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की जाएगी :परन्तु यदि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का कोई भूतपूर्व सैनिक चुन लिया जाता है तो उसके चयन की गणना आरक्ष्य के ऐसे सम्पूर्ण छोटा के प्रति की जाएगी, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए आदेशों के अनुसार अनुसूचित जातियाँ या अनुसूचित जनजातियाँ के लिए उपविन्धित किया जाए।

§3§ युली प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम के आधार पर वे अन्यथा भरे जाने वाले पद पर भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित कोई रिक्ति, नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा किसी साधारण अध्यक्ष की नियुक्ति करके तव तक नहीं भरी जाएगी, जब तक उक्त प्राधिकारी ने,—

§1§ रोजगार कार्यालय से दूषित कोई अध्यक्ष किसी रोजगार कार्यालय को भेजी जानी है। “अनुपलब्धता प्रमाणपत्र” अभिप्राप्त नहीं कर लिया है;

§11§ पुनर्वास माइनिदेशक को निर्देश करके उपयुक्त अध्यक्षों की अनुपलब्धता सत्यापित नहीं कर दी है और उस तथ्य का प्रमाणपत्र अभिलिखित नहीं कर दिया है; और

§111§ केन्द्रीय सरकार का अनुमोदन अभिप्राप्त नहीं कर लिया है।

5- आयु सीमा के संबंध में विशेष उपबंध-केन्द्रीय सिविल सेवा समूह “ग” और समूह “इ” में की किसी रिक्ति पर, चाहे वह इन नियमों के अधीन आरक्षित है या नहीं, नियुक्ति के लिए, प्रत्येक ऐसे भूतपूर्व सैनिक को, जिनमें स्रह के सशस्त्र बलों में कम से कम छ: माल निरन्तर सेवा कर ली है, अपनी वास्तविक आयु में से ऐसी सेवा की अवधि घटाने की अनुशंसा की जाएगी और यदि परिणामिक आयु, उस पद या सेवा के लिए जिनके लिए वह नियुक्ति चाहता है, वित्तीय अधिकतम आयु सीमा सेतीन वर्ष से अधिक नहीं होती है तो, यह समक्ष जायदा कि वह आयु-सीमा संबंधी शर्त की पूर्ति करता है।

6- वैदिक अहंतीओं के संबंध में विशेष उपचन्ध—

§1§ समूह “इ” पदों पर किसी आरक्षित रिक्ति में नियुक्ति के लिए ऐसे प्रत्येक भूतपूर्व सैनिक को, जिनमें स्रह के सशस्त्र बलों में कम से कम तीन वर्ष सेवा कर ली है, ऐसे पदों की याचित वित्तीय न्यूनतम वैदिक अहंती से, यदि कोई है, छूट दी जाएगी।

§2§ समूह “ग” पदों पर किसी आरक्षित रिक्ति में नियुक्ति के लिए नियुक्ति प्राधिकारी, स्वविवेक से, न्यूनतम वैदिक अहंती को ऐसे भूतपूर्व सैनिकों के हक में, जिन्होंने स्रह के सशस्त्र बलों में कम से कम तीन वर्ष सेवा कर ली है और जिन्हें उनके अनुभव और अहंतीओं की दृष्टि से ऐसे पदों पर नियुक्ति के लिए अन्यथा कोष्य और उपयुक्त सम्प्रदायिक जाता है,वहा’ शिथिल कर सकेगा; जहां’ विहित देवी अहंता मिटिल स्कूल परीक्षा या कोडं निम्नतर परीक्षा उत्तीर्ण नियत की गई है ।
838 भागत: सीधी भर्ती द्वारा और भागत: प्रोन्नति या स्थानान्तरण द्वारा भरे जाने वाले समूह “ग” पदों में की किसी आरक्षित रिक्ति में नियुक्ति के लिए, जहां सीधी भर्ती द्वारा नियुक्ति के लिए विहित न्युनतम शैक्षिक या तकनीकी अहंता, प्रोन्नत व्यक्तियों या अन्तरित व्यक्तियों के लिए विहित अहंता के उच्चतर है, वहां किसी भूतपूर्व सैनिक के बारे में यह तभी समझा जाएगा कि वह विहित शैक्षिक या तकनीकी अहंता की पूर्ति करता है, जब वह;-
818 उस पद पर, जिल्ले प्रश्नगत पद परं प्रोन्नति या स्थानान्तरण अनुशात किया जाता है, सीधी भर्ती के लिए विहित शैक्षिक या तकनीकी अहंता की पूर्ति करता है, और
8118 प्रोन्नत व्यक्तियों या अन्तरित व्यक्ति के लिए यथा विहित विधा शाखा में और संघ के सशस्त्र बलों में उतने ही वर्षों का अनुभव रक्ता है ।
स्पष्टीकरण- इस नियम’के प्रयोजनों के लिए तीन वर्ष की सेवा अवधि की संगणना करने में, सेवा की कोई देवी अवधि, जिलके दौरान किसी भूतपूर्व सैनिक ने किसी लिखित विभाग, या किसी पब्लिक सेक्टर उपक्रम या किसी स्थशासी संगठन में, चाहे वह केन्द्रीय सरकार के अधीन है या चाहे किसी राज्य सरकार के अधीन, या किसी रा जट्रीयकृत के० में सेवा की है,संघ के सशस्त्र बलों में की गईं सेवा अवधि में जोड़ी जाएगी ।
7- भर्ती नियमों का संशोधन-केन्द्रीय सरकार के अधीन समूह “ग” और समह “इ” पदों और तेवाओं में व्यक्तियों की भर्ती को विनियमित करने वाले सभी नियम, इन नियमों के उपबन्धों के अधीन होंगे और तदनुसार ही उनका अर्थ लगाया जाएगा ।
8- निर्वचन- यदि इन नियमों के निर्वचन के बारे में, कोई प्रश्न उठता है, तो उस प्रश्न कार्यिनिश्चय केन्द्रीय सरकार करेगी।

$$
\begin{aligned}
& \text { ह०/- } \
& \text { हैआर०सी० गुप्तहै } \
& \text { उप सचिव, भारत सरकार }
\end{aligned}
$$भूतपूर्व सैनिक हैकेन्द्रीय सिविल सेवा और पद पुनर्निर्वोजन है नियम, 1979 से संबंधित व्याख्यात्मक ज्ञापन ।

भूतपूर्व सैनिक हैकेन्द्रीय सिविल सेवा और पद, बेली-।।। और बेली-।V में रिक्तियों का आरक्षण है नियम, 1974 के अधीन, केन्द्रीय सिविल सेवा और पद, बेली-।।। और बेली-।V में सीधी भर्ती द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण उपलब्ध है । ये नियम दिनांक पहली जुलाई, 1979 से लागू नहीं रहे । चूँकि भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्निर्वोजन की समस्या स्थायी समस्या है, इसलिए यह निर्णय किया गया है कि भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्निर्वोजन के लिए उन्हें स्थायी आधार पर सिविल रोजगार में कुछ सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ । वर्तमान नियम बनाए जाने में भूतपूर्व सैनिक केन्द्रीय सिविल सेवा और पद, बेली-।।। और बेली-।V में रिक्तियों का आरक्षण है नियम, 1974 के उपबन्धों और नियमों की नामाएली में परिवर्तन सहित उन नियमों में परिवर्तनों के संबंध में भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्निर्वोजन से संबंधित अधिकारियों के कार्यदल की सिफारिशों के आधार पर लिए गए निर्णयों को भी ध्यान में रखा गया है । इन नियमों के बनाए जाने से किसी भी व्यक्ति के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।