A significant government decision has been made regarding employee transfers, effectively halting the processing of certain mutual transfer applications. This change comes after a High Court ruling nullified previous government orders and communications that had facilitated such transfers. Consequently, the window for considering these types of transfer requests is now closed, even for those applications submitted within the stipulated timeframe. A specific application for mutual transfer concerning two medical professionals, Dr. Manish Kumar Agrawal and Shri Kailash Chandra Joshi, was reviewed by a consultative committee. In alignment with the High Court’s directive, the committee recommended the rejection of their application, a recommendation that has been accepted by the government. This decision underscores a stricter adherence to judicial pronouncements affecting personnel management.
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संख्या- 27/11/2011-एस.आर.एस.
भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
तीसरा तल, लोकनायक भवन,
खान मार्केट, नई दिल्ली ।
दिनांक 27 सितम्बर, 2011
सेवा में,
मुख्य सचिव,
उत्तर प्रदेश सरकार,
लखनऊ ।
मुख्य सचिव,
उत्तरांचल सरकार,
देहरादून ।
विषय : डा0 मनीष कुमार अग्रवाल, चिकित्साधिकारी, राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय, पीढ़ी गढ़वाल एवं श्री कैलाश चन्द्र जोशी के पारस्परिक स्थानान्तरण सम्बन्धी प्रत्यावेदन के सम्बन्ध में।
महोदय,
उपर्युक्त विषय में मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि डा0 मनीष कुमार अग्रवाल एवं श्री कैलाश चन्द्र जोशी के पारस्परिक स्थानान्तरण सम्बन्धी प्रत्यावेदन पर परामर्शी समिति द्वारा दिनांक 15.06.2011 को हुई बैठक में विचार किया गया । समिति को अवगत कराया गया कि मा0 उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल के रिद्व याचिका संख्या- 79/2008 (एस0/बी0) – एम0सी0 जोशी बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य में पारित आदेश निर्णय दिनांक 26 जुलाई, 2010 द्वारा भारत सरकार के पारस्परिक स्थानान्तरण सम्बन्धित पत्र दिनांक 15.09.2004 एवं इसके अनुक्रम में जारी उ0प्र0 पुनर्गठन समन्वय अनुभाग.1 के शासनादेश दिनांक 06 सितम्बर, 2006 व पत्र दिनांक 19.7.2007 एवं राज्य पुनर्गठन विभाग, उत्तराखण्ड के शासनादेश दिनांक 07 अक्टूबर, 2007 को निरस्त कर दिया गया है। ऐसी दशा में अब पारस्परिक स्थानान्तरण के प्रकरण पर विचार किये जाने का कोई अवसर नही रह गया है जबकि यह प्रार्थना-पत्र समयान्तर्गत प्राप्त हो गया था । अतः समिति द्वारा श्री अग्रवाल एवं श्री कैलाश चन्द्र जोशी के पारस्परिक स्थानान्तरण सम्बन्धी प्रत्यावेदन को निरस्त किये जाने की संस्तुति की गई।
सचिव द्वारा इस मामले में जो संस्तुति की गई उसे भारत सरकार द्वारा मान लिया गया है । अतः उपर्युक्त क्वार्भक का अंतिम आदेश न यथावत बना रहेगा ।
कृपया संबंधित अधिकारी को इस निर्णय से अवगत करवा दिया जाए ।
(सारंगधर नायक)
अवर सचिव, भारत सरकार
प्रतिः-
- श्री राजेन्द्र मोहन श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय विभाग, 8-ए, नवीन भवन, सचिवालय, लखनऊ ।
- प्रमुख सचिव, उत्तराखंड पुनर्गठन समन्वय विभाग, देहरादून ।