Central Civil Services (Leave Travel Concession) First Amendment Rules, 1997

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This document details the first amendment to the Central Civil Services (Leave Travel Concession) Rules, 1997, issued by the Government of India’s Department of Personnel and Training. It clarifies the definition of ‘family’ for the purpose of Leave Travel Concession, expanding it to include dependent parents, unmarried sisters, and divorced daughters, provided they are financially reliant on the government employee. The rules also specify travel entitlements based on salary scales, outlining options for air travel and rail class. Further clarifications are provided regarding restrictions on the number of children eligible for the concession and the inclusion of wives/husbands who are dependent on the employee.

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भारत के अवाधारण राजपत्र के भाग 11, खंड 3, उप-खंड§। 1
में प्रकाशनार्थ

$$
\begin{aligned}
& \text { तं० 31011/T/97-स्थापना } \mathbf{8 0} \
& \text { भारत-सरकार } \
& \text { कार्मिक, लोक-शिकायत तथा पेंशन- मंत्रालय } \
& \text { \कार्मिक और प्रशिक्षण- विभाग }
\end{aligned}
$$

अधितुयना
नई दिल्ली, दिनांक अक्तूबर . 1997
T का.नि.तं. 603 (E) |ड. \%, संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक तथा अनुच्छेद 148 के खंड \$\$ द्वारा निहित् शक्तियों का प्रयोग करते हुए, तथा भारतीय तेथा-परीक्षा और तेथा विभाग में सेवारत उपक्लिघों के संबंध में HR के नियंत्रक ‘am महालेखा परीक्षक के परामर्श ते, राघ्द्रपति निम्नलिखित नियम बनाते है, अर्थात् :-
|।§ इन नियमों को केन्द्रीय सिविल सेवा \$\$द्टि-यात्रा-रियायत§ प्रथम-संशोधन नियम, 1997 क्टा जाएगा ।
|2§ ये जादेश पढलो जक्तूबर्, 1997 से लागू होगे। लागू होगे ।
|3§ नियम 4 में \$\$ पर, “कुटुम्ब” की परिभाषा के रूप में निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएगा:-
“§घ§ “कुटुम्ब”ते, सरकारी कर्मचारी के साथ रह रही पत्नी या पति, जैसी भी स्थिति हो, तथा दो जीवित बच्चे अथवा सौतेले बच्चे जो सरकारी कर्मचारी पर पूर्णतः आखित् हो, जिनमें से प्रत्येक की आय सभी होतों से 1500/- रूपये प्रतिमाह से अधिक नहीं हो, अभिप्रेत है । इसके अतिरिक्त, ज्ञमें माता-पिता, सौतेली माँ, अविवरहित बहनें, भाई और विवाहित पुत्रियां जो तलाकशुदाहों या परित्यक्ता हों अथवा जो अपने पति ते अलग रहते हुए . सरकारी कर्मवारी के साथ रह रही हों और उस पर पूर्णत आखित हों, भी शासित हैं । इतमें, विधवा बहनें भी शामिल हैं, यदि वे सरकारी कर्मवारी के साथ रह रही हों और, उस पर पूर्णतः आखित हो’ बशर्ते कि उनके ‘पिता या तो जीवित नहीं हो’ अथवा वे स्वयं भी सरकारी कर्मवारी पर आखित हो ।
दिप्यजी:-। जैत क क्यर दर्शाया गया है, छुट्टी-पात्रा-रियायत दो जीवित बच्चों तक के ही संबंध में दिए जाने का प्रतिबंध, सरकारी कर्मवारी के मौजूदा बच्चों तथा उपर्युक्त प्रतिबंधों के लागू होने ते एक वर्ष के भीतर पैदा होने वाले बच्चों तथा एक बच्चे के जन्म के बाद एक साथ एक ते अधिक बच्चों का जन्म होने के मामले में भी, लागू नहीं होगा ।
दिप्यजी 2:- इन नियमों के प्रयोजन ते “कुटुम्ब” शब्द में एक ते अधिक पत्नी शामिल नहीं है।”
§4\& नियम 12 में मौजूदा उप-नियम । के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिलपापित किया $h$ i –
\&क§ छुट्टी-पात्रा-रियायत की योजना के अंतर्गत यात्रा की हड्दारी निम्न प्रकार होगी:-
अधिकारीयो का वेतनमान जिसका न्यूनतम निम्न प्रकार से होगा
18,400/- रूपये और उससे ज्वर

12,000/- रूपये और उससे ज्वर
परन्तु 18,400/- रूपये ते कम
6. 500/- रूपये और उससे.ज्वर परन्तु 12,000/- रूपये ते कम

पात्रता
अपने विकल्प पर, नेशनल कैरियर दारा एयर इंकानोंमी ईवाईई श्रेणी ते अथवा रेल दारा वातानुकूलित प्रथम श्रेणी ।
रेल दारा .वातानुकूलित-प्रथम श्रेणी

वातानुकूलित-1। टियर स्लीपर3050/- रू0 और उतते ऊपर
परन्तु 6, 500/- रूपये ते कम
$3050 /-$ रूपये ते कम

प्रथम श्रेणी/वातानुकूलित-।।। टियर

शपनयानं श्रेणी

$$
\begin{aligned}
& \text { हरिन्ह्र लिहं } \
& \text { ईदरिन्ह्र सिद्दई. } \
& \text { भारत सरकार के स्युक्त सचिव } \
& \text { दूरभाष: } 3011276
\end{aligned}
$$

तेवा में,
प्रबंधक,
भारत-सरकार-सुह्नणालय,
मायापुरो,
नई दिल्ली ।
टिप्पणी: मुख्य नियम, दिनांक 3-5-1988 के का़व10 स0-1525
द्वारा प्रकाशित किए गए ।