These rules, known as the Central Civil Services (Joining Time) Amendment Rules, 1989, modify the Central Civil Services (Joining Time) Rules, 1979. They address situations where a government employee assumes charge of a new post without utilizing the full joining time. Specifically, the rules outline how earned leave is credited to an employee’s account when they join a new post before completing their entitled joining time, either due to orders for a new posting or when transferring to a new location alone and subsequently bringing their family. The total combined leave (earned and joining time leave) is capped at 240 days. The rules came into effect on the date of their publication in the official gazette.
SOURCE PDF LINK :
Click to access 19011_12_86-Estt.Allow-10031989-Hindi.pdf
Click to view full document content
स.का.नि. 197-राष्द्रपति, संविधान के अनुच्छेद 148 के खंड (5) के साथ पठित अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग में संवारत व्यक्तियों के संबंध में भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक से परामर्श करने के पश्चात्, केन्द्रीय सिविल सेवा (पद ग्रहण काल) नियम, 1979 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम केन्द्रीय सिविल सेवा (पद ग्रहण काल) संशोधन नियम, 1989 है ।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रद्तह होंगे । - केन्द्रीय सिविल सेवा (पद ग्रहण काल) नियम, 1979 के नियम 6 के उपनियम (1) के स्थान पर निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा, अर्थात् :-
(1) जब कोई सरकारी सेवक किसी नए पद पर पद ग्रहण काल का पूरा उपयोग किए बिना, इस कारण से पद भार ग्रहण करता है कि –
(क) उसे पद ग्रहण काल का पूरा उपयोग किए बिना, जिसका वह हकदार है, तैनाती के नए स्थान पर नया पद ग्रहण करने का आदेश दिया गया है, अथवा
(ख) वह तैनाती के नए स्थान पर अकेला जाता है और पद ग्रहण काल का पूरा उपयोग किए बिना अपना पद ग्रहण करता है तथा बाद में अपने परिवार के लिए यात्रा भत्ते का दावा करने की अनुज्ञेय कालावधि के भीतर अपने परिवार को लाता है,
वहां केन्द्रीय सिविल सेवा (पद ग्रहण काल) नियम, 1979 के नियम 5 के उपनियम (4) के अधीन अनुज्ञेय पद ग्रहण काल के दिनों की संख्या, जो अधिक से अधिक 15 दिन होंगी, उसमें से उसके द्वारा वास्तव में उपयोग में लाए गए पद ग्रहण काल के दिनों की संख्या को घटाकर, उसके उपार्जित छुट्टी के छुट्टी खाते में जमा कर दी जाएगी ।
परन्तु यह है कि उसके खाते में उपार्जित छुट्टी तथा पद ग्रहण काल में अनुज्ञात छुट्टी, जिसका उपयोग नहीं किया गया, दोनों को मिलाकर 240 दिनों से अधिक नहीं होंगी ।
[सं. 19011/12/86-स्था-(भत्ता) ]
टिप्पण : मूल नियम, सा०का०नि० 695 तारीख 15-9-79 द्वारा भारत के राजपत्र, भाग 2, खंड 3 उपखंड प्रकाशित किए गए थे ।