This notification introduces amendments to the Central Civil Services (Classification, Control and Appeal) Rules, 1965. The key changes focus on Rule 10, specifically regarding suspension orders. The amended rules clarify that suspension orders remain in effect until they are modified or revoked by the competent authority. Additionally, the duration for the validity of suspension orders is addressed, stating that any suspension order issued under sub-rule (1) or (2) of Rule 10 will not remain valid beyond 90 days unless reviewed and extended by the competent authority before the expiry of the initial 90-day period. A proviso is added for cases where the suspension is continued after the 90-day mark, exempting the need for a formal review if the government servant remains suspended and the 90-day period is calculated from the date of release from custody or the date communicated by the appointing authority, whichever is later.
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सौ.का.नि.105 – राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 309 के परतुक और अनुच्छेद 148 के खण्ड 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा भारतीय लेखा परीक्षा तथा लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों के संबंध में भारत के नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक से परामर्श करने के पश्चात् काँन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियमावली, 1965 में आगे और संशोधन करने के लिए एतद्द्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं अर्थात्:-
(1) इन नियमों का नाम कॅन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) संशोधन नियमावली, 2007 है।
(2) ये सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से लागू होंगे।
2. कॅन्द्रीय सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियमावली, 1965 में नियम 10 में :-
(i) उप-नियम 5 में खण्ड (क) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“5 (क) उप-नियम (7) में दिए गए प्रावधानों के अध्यक्षीन इस नियम के तहत किया गया अथवा किया गया समझा जाने वाला कोई निलंबन आदेश तब तक लागू रहेगा जब कि इसे संशोधित करने अथवा रद्द करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा ऐसा कर नही दिया जाए।”
(ii) उप नियम (6) में “निलम्बन के आदेश की तारीख से 90 दिनों की अवधि समाप्त होने से पूर्व” शब्दों के स्थान पर “निलम्बन की प्रभावी तारीख से 90 दिन की अवधि समाप्त होने से पूर्व” शब्द प्रतिस्थापित किए जाएँगे।
(iii) उप नियम 7 के स्थान पर निम्नलिखित उप-नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्
“(7) इस नियम के उप-नियम (1) अथवा (2) के तहत किया गया अथवा किया,हुआ माना गया निलम्बन का कोई आदेश 90 दिन की अवधि के पश्चात् वैध नहीं रहेगा जब तक कि इसे समीक्षा के बाद, 90 दिन की अवधि समाप्त होने के पूर्व, आगे की अवधि के लिए और बढ़ा नहीं दिया जाए।”
परंतु यह कि उप-नियम (2) के तहत माने गए निलंबन के मामले में निलंबन की ऐसी समीक्षा किया जाना आवश्यक नहीं होगा, यदि सरकारी कर्मचारी, निलम्बन को 90 दिन की अवधि पूरी होने के समय पर निलंबित बना रहता है और ऐसे मामले में 90 दिन की अवधि उस तारीख से गिनी जाएगी, जिस तारीख से अभिरक्षा (कास्टडी) में रखा गया सरकारी कर्मचारी जेल से रिहा कर दिया जाता है अथवा यह तारीख जो उसके जेल से रिहा होने के संबंध में उसक नियुक्ति प्राधिकारी को सम्प्रेषित की जाती है, इनमें से जो भी बाद में हो।”
[फा. सं. 11012/4/2003-स्था. (क)]
पी. प्रभाकरन, उप सचिव
पाद टिप्पण : मुख्य नियम, दिनांक 20-11-65 को अधिसूचना संख्या 7/2/63-स्था. (क) द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित किए गए और बाद में निम्नलिखित संख्याओं और तारीखों के अंतर्गत भारत के राजपत्र भाग-II, खण्ड 3, उप खण्ड (ii) में प्रकाशित अधिसूचनाओं द्वारा संशोधित किए गए:
का. आ. 1149 दिनांक 13 अप्रैल, 1966
का. आ. 1596 दिनांक 4 जून, 1966
का. आ. 2007 दिनांक 9 जुलाई, 1966
का. आ. 2648 दिनांक 2 सितम्बर, 1966
का. आ. 2854 दिनांक 1 अक्टूबर, 1966
का. आ. 1282 दिनांक 15 अप्रैल, 1967सा. आ. 1457 दिनांक 29 अप्रैल, 1967
का. आ. 3253 दिनांक 16 सितम्बर, 1967
का. आ. 3530 दिनांक 7 अक्टूबर, 1967
का. आ. 4151 दिनांक 25 नवम्बर, 1967
का. आ. 321 दिनांक 9 मार्च, 1968
का आ. 1441 दिनांक 27 अप्रैल, 1968
का आ. 1870 दिनांक 1 जून, 1968
का. आ. 3423 दिनांक 28 सितम्बर, 1968
का आ. 5008 दिनांक 27 दिसम्बर, 1969
का आ. 397 दिनांक 7 फरवरी, 1970
का आ. 35217 दिनांक 25 सितम्बर, 1971
का आ. 249 दिनांक 1 जनवरी, 1972
का आ. 990 दिनांक 22 अप्रैल, 1972
का आ. 1600 दिनांक 1 जुलाई, 1972
का आ. 2789 दिनांक 14 अक्टूबर, 1972
का आ. 929 दिनांक 31 मार्च, 1973
का आ. 1648 दिनांक 6 जुलाई, 1974
का आ. 2742 दिनांक 31 जुलाई, 1976
का आ. 4664 दिनांक 11 दिसम्बर, 1976
का आ. 3062 दिनांक 8 अक्टूबर, 1977
का आ. 3573 दिनांक 26 नवम्बर, 1977
का आ. 3574 दिनांक 26 नवम्बर, 1977
का आ. 3671 दिनांक 3 दिसम्बर, 1977
का आ. 2464 दिनांक 2 सितम्बर, 1978
का. आ. 2465 दिनांक 2 सितम्बर, 1978
का आ. 920 दिनांक 17 फरवरी, 1979
का आ. 1769 दिनांक 5 जुलाई, 1980
का आ. 264 दिनांक 24 जनवरी, 1981
का आ. 2126 दिनांक 8 अगस्त, 1981
का आ. 2203 दिनांक 22 अगस्त, 1981
का आ. 2512 दिनांक 3 अक्टूबर, 1981
आ आ. 168 दिनांक 23 जनवरी, 1982
अधिसूचना सं. 11012/15/84-रमा. (क) दिनांक 5 जुलाई, 1985
अधिसूचना सं. 11012/05/85-रमा. (क) दिनांक 29 जुलाई, 1985
अधिसूचना सं. 11012/06/84-रमा. (क) दिनांक 6 अगस्त, 1985
का आ. 5637 दिनांक 21 दिसम्बर, 1985
का आ. 5743 दिनांक 28 दिसम्बर, 1985
अधिसूचना सं 11012/24/85-रमा. (क) दिनांक 26 नवम्बर, 1986
का आ. 830 दिनांक 28 मार्च, 1987
का आ. 831 दिनांक 28 मार्च, 1987
का आ. 1591 दिनांक 27 जून, 1987
का आ. 1825 दिनांक 18 जुलाई, 1987
का आ. 3060 दिनांक 15 अक्टूबर, 1988
का आ. 3061 दिनांक 16 अक्टूबर, 1988
का आ. 2207 दिनांक 16 सितम्बर, 1989
का आ. 084 दिनांक 28 अप्रैल, 1990
का आ. 2208 दिनांक 25 अगस्त, 1990
का आ. 1481 दिनांक 13 जून, 1992
स. क. नि. 289 दिनांक 20 जून, 1992/भाग-II, खण्ड 3,
रप- खण्ड (I) में
सा.का.नि 589 दिनांक 26 दिसम्बर, 1992
सा.का.नि 499 दिनांक 8 अक्टूबर, 1994
सा.का.नि 276 दिनांक 10 जून, 1995
सा.का.नि 17 दिनांक 20 फरवरी, 1996
सा.का.नि. 125 दिनांक 16 मार्च, 1996
सा.का.नि 417 दिनांक 5 अक्टूबर, 1996
सा.का.नि 337 दिनांक 2 सितम्बर, 2000
सा.का.नि 420 दिनांक 28 अक्टूबर, 2000
स. का.नि 211 दिनांक 14 अप्रैल, 2001
सा.का.नि 60 दिनांक 13 फरवरी, 2002
सा.का.नि 2 दिनांक 3 जनवरी, 2004
सा.का.नि 249 (अ.) दिनांक 2 अप्रैल, 2004 ( भारत के असाधारण राजपत्र में प्रकाशित)