Amendment to Central Civil Services (Conduct) Rules, 1964 regarding prevention of sexual harassment of working women

A

This notification introduces amendments to the Central Civil Services (Conduct) Rules, 1964, specifically focusing on the prevention of sexual harassment of working women. The amendments clarify that no government servant shall engage in any act of sexual harassment at the workplace. Furthermore, every government servant in charge of a workplace is mandated to take appropriate steps to prevent sexual harassment of women. The document defines ‘sexual harassment’ to include various objectionable acts and behaviors, whether direct or implied. It also outlines specific circumstances that constitute sexual harassment, such as making promises of preferential treatment, threatening adverse treatment, or creating a hostile work environment. The definition of ‘workplace’ is expanded to encompass various government-related entities, institutions, and locations, including travel undertaken for employment purposes.

SOURCE PDF LINK :

Click to access GSR-823-19112014-Hindi.pdf

Click to view full document content


अधिसूचना
नई दिल्ली, 19 नवम्बर, 2014

स।.क।.नि. 823(ज).- संविधान के अनुच्छेद 300 के परंतुक एवं अनुच्छेद 148 के छठ (5) द्वारा प्रदत्त तस्मियों का प्रयोग करते हुए तथा भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यत्तियों के संबंध में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के साथ परामर्श के पश्चात, राष्ट्रपति, केन्द्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमावली, 1964 में और संशोधन करने के लिए एतदद्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं, नामत:-

  1. (1) इन नियमों को केन्द्रीय सिविल सेवा (आचरण) द्वितीय संशोधन नियमावली, 2014 कहा जाएगा।
    (2) ये सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
  2. केन्द्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमावली, 1964 में नियम 3-न के लिए निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएगा, नामत:-
    ‘3-ग – कामकाजी महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न पर प्रतिबंध.- (1) कोई भी सरकारी सेवक किसी भी कार्यस्थल पर किसी भी महिला के लैंगिक उत्पीड़न संबंधी किसी कार्य में लिप्त नहीं होगा।
    (2) प्रत्येक सरकारी सेवक, जो कार्यस्थल का प्रभारी है, अपने कार्यस्थल पर किसी भी महिला का लैंगिक उत्पीड़न रोकने के लिए समुचित कदम उठाएगा।
    स्पष्टीकरण – (i) इस नियम के प्रयोजनार्थ,-
    (क) “लैंगिक उत्पीड़न” के अंतर्गत निम्नलिखित में से कोई एक या अधिक निंदनीय कार्य या व्यवहार (चाहे प्रत्यक्ष रूप से या तात्पर्यित) सम्मिलित है; अर्थात –
    (i) शारीरिक संपर्क और फायदा उठाना; या
    (ii) लैंगिक पक्षपात की मांग या अनुरोध करना; या
    (iii) लैंगिक अर्थ वाली टिप्पणियां करना; या
    (iv) अश्लील साहित्य दिखाना; या
    (v) लैंगिक प्रकृति का कोई अन्य निंदनीय शारीरिक, शाब्दिक या गैर-शाब्दिक आचरण करना।
    (ख) अन्य परिस्थितियों के साथ ही निम्नलिखित परिस्थितियों को, यदि लैंगिक उत्पीड़न के किसी कार्य या आचरण के संबंध में उत्पन्न होती है या विद्यमान है या उससे संबंधित है, लैंगिक उत्पीड़न माना जा सकेगा:-
    (i) उसके नियोजन में अग्रिमानी व्यवहार का अंतर्निहित या स्पष्ट बचन देना; या
    (ii) उसके नियोजन में अहितकर व्यवहार का अंतर्निहित या स्पष्ट धमकी देना; या
    (iii) उसकी वर्तमान या भावी नियोजन के प्रास्थिति के बारे में अंतर्निहित या स्पष्ट धमकी देना; या
    (iv) उसके कार्य में हस्तक्षेप करना या उसके लिए अभिवासमय या आपराधिक या तत्कृतापूर्ण कार्य वातावरण सृजित करना; या
    (v) उसके स्वास्थ्य या सुरक्षा को प्रभावित कर सकने वाला अपमानजनक आचरण करना।
    (ग) “कार्यस्थल” में निम्नलिखित शामिल हैं-(i) ऐसा कोई विभाग, संगठन, उपक्रम, स्थापन, उद्यम, संस्था, कार्यालय, शाखा या यूनिट जो केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित, उसके स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन या पूर्णतः या भागतः उसके द्वारा प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा वित्तपोषित की जाती है;
    (ii) अस्पताल या परिचर्या गृह;
    (iii) प्रशिक्षण, खेलकूद या उससे संबंधित अन्य क्रियाकलापों के लिए प्रयुक्त, कोई खेलकूद संस्थान, स्टेडियम, खेलकूद काम्प्लेक्स या प्रतिस्पर्धा या कीडा का स्थान, चाहे आवासीय हो या नहीं;
    (iv) नियोजन से प्रोवभूत या उसके प्रक्रम के दौरान कर्मचारी द्वारा भ्रमण किया गया कोई स्थान, जिसके अंतर्गत ऐसी यात्रा के लिए नियोजक द्वारा उपलब्ध कराया गया परिवहन भी है;
    (v) कोई निवास-गृह या कोई गृह।”।
    [सं. 11013/2/2014-स्था.(क)] ममता कुंडा,संयुक्त सचिव

टिप्पणी- मूल नियम, भारत के राजपत्र के भाग II, खंड 3, उप-खंड (i) में दिनांक 12 दिसंबर, 1964 की का.आ. सं. 4177 के तहत प्रकाशित किए गए थे और बाद में निम्नलिखित के तहत संशोधित किए गए थे:-

क.सं. अधिसूचना सं. दिनांक भारत के राजपत्र के भाग II, खंड 3, उप-खंड (i) में प्रकाशित का.आ. सं.
1. 25/23/68-स्था(क) 3 फरवरी, 1970 482 14 फरवरी, 1970
2. 25/11/72-स्था(क) 24 अक्तूबर, 1972 3643 4 नवंबर, 1972
3. 25/57/64-स्था(क) 5 जनवरी, 1973 83 13 जनवरी, 1973
4. 11013/12/75-स्था(क) 13 फरवरी, 1976 846 28 फरवरी, 1976
5. 25/19/74-स्था(क) 30 जून, 1976 2563 17 जुलाई, 1976
6. 11013/19/75-स्था(क) 6 जुलाई, 1976 5691 24 जुलाई, 1976
7. 11013/06/75-स्था(क) 24 नवंबर, 1976 4663 11 दिसंबर, 1976
8. 11013/4/76-स्था(क) 24 अगस्त, 1977 2859 17 सितंबर, 1977
9. 11013/03/78-स्था(क) 22 सितंबर, 1978 2859 30 सितंबर, 1978
10. 11013/12/78-स्था(क) 20 दिसंबर, 1978 3 6 जनवरी, 1980
11. 11013/3/80-स्था(क) 24 अप्रैल, 1980 1270 10 जून, 1980
12. 11013/21/84-स्था(क) 3 अक्तूबर, 1985 4812 19 अक्तूबर, 1985
13. 11013/6/85-स्था(क) 21 फरवरी, 1986 935 8 मार्च, 1986
14. 11013/11/85-स्था(क) 7 मार्च, 1986 1124 22 मार्च, 1986
15. 11013/5/86-स्था(क) 4 सितंबर, 1986 3159 20 सितंबर, 1986
16. 11013/16/85-स्था(क) 10 सितंबर, 1986 3280 27 सितंबर, 1986
17. 11013/1/87-स्था(क) 27 जुलाई, 1987 1965 8 अगस्त, 1987
18. 11013/19/87-स्था(क) 19 अप्रैल, 1988 1454 14 जून, 1988
19. 11013/18/87-स्था(क) 18 सितंबर, 1990 2582 6 अक्तूबर, 1990
20. 11013/20/91-स्था(क) 9 दिसंबर, 1992 3231 6 दिसंबर, 1992
21. 11013/4/93-स्था(क) 12 जुलाई, 1995 सा.का.नि. 355 29 जुलाई, 1995
22. 11013/4/93-स्था(क) 16 अगस्त, 1996 सा.का.नि. 637 31 अगस्त, 1996
23. 11013/10/97-स्था(क) 13 फरवरी, 1998 सा.का.नि. 49 7 मार्च, 1998
24. 11013/5/97-स्था(क) 14 अक्तूबर, 1999 सा.का.नि. 342 23 अक्तूबर, 1999
25. 11013/6/2001-स्था(क) 15 दिसंबर, 2003 सा.का.नि. 458 27 दिसंबर, 2003
26. 11013/7/2005-स्था(क) 18 अक्तूबर, 2005 सा.का.नि. 376 18 अक्तूबर, 2005 |THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II-SEC. 3(I)]
27. $11013 / 12 / 2008$-त्या(क) 27 जनवरी, 2009 गा.का.नि. 8 27 जनवरी, 2009
28. $11013 / 8 / 2009$-त्या(क) 9 मई, 2011 गा.का.नि. 370(ज) 9 मई, 2011
29. $11013 / 3 / 2013$-त्या(क) 4 मार्च, 2014 गा.का.नि. 149(ज) 4 मार्च, 2014