The document introduces the All India Service (Confidential Report) Rules, 2007, which outline the framework for evaluating the performance of All India Service officers. It details the process of preparing, reviewing, and finalizing the Confidential Report (CR), emphasizing its role in career development and training. The rules specify timelines for various stages of the CR process, including self-appraisal, reporting, review, and acceptance. It also includes guidelines on how to assess officers’ performance, integrity, and overall conduct, providing a structured approach to ensure fairness and consistency in evaluations. The document highlights the importance of the CR as a tool for identifying areas of improvement and fostering professional growth among officers, encouraging regular feedback and discussions between reporting officers and the reported officer.
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असाधारण EXTRAORDINARY भाग II-खण्ड 3-उप-खण्ड (i) PART II-Section 3-Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 107] | नई दिल्ली, बुधवार, मार्च 14, 2007 /फाल्गुन 23, 1928 |
|---|---|
| No. 107] | NEW DELHI, WEDNESDAY, MARCH 14, 2007/PHALGUNA 23, 1928 |
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 14 मार्च, 2007
साःकाः नि. 197(अ).- केन्द्रीय सरकार, अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 3 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और अखिल भारतीय सेवा (गोपनीय पुस्तिका) नियम, 1970 की उन बातों के सिवाय अधिकान्त करते हुए, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पहले किया गया हो या किए जाने का लोप किया गया है, संबद्ध राज्य सरकारों से परामर्श करने के पश्चात् निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :–
- संक्षिप्त नाम प्रारम्भ और लागू होना– (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम अखिल भारतीय सेवा (निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट) नियम, 2007 है।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
- परिभाषाएं– इन नियमों में, जब तक इस संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो :–
(क) “स्वीकृत प्राधिकारी” से पुनर्विलोकन प्राधिकारी के निष्पादन का पर्यवेक्षण करने वाला ऐसा प्राधिकारी अभिप्रेत है जिसे सरकार द्वारा इस निर्दिष्ट विनिर्दिष्ट रूप से सशक्त किया जाए;
(ख) “निर्देश चिन्ह प्राप्तांक” से श्रेणीकरण के लिए आंकलित अवस्थित किया गया ऐसा न्यूनतम संख्यात्मक वाला औसत स्कोर अभिप्रेत है जिससे ऊपर होने पर किसी अधिकारी को यथास्थिति अगली उच्च श्रेणी में प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उक्त नाम शामिल किए जाने, के लिए उपयुक्त माना जाएगा;
(ग) “नामिकायन” से, भारत सरकार में संयुक्त सचिव और इससे ऊपर के स्तर समतुल्य पदों पर नियुक्ति की उपयुक्तता का निर्धारण करने की प्रक्रिया अभिप्रेत है;
(घ) “सरकार से अभिप्रेत” है–
(i) राज्य के मामलों के संबंध में सेवारत किसी सदस्य के मामले में, जो किसी कंपनी, व्यापारियों संगम या निकाय, चाहे वह निगमित हो या नहीं, जो पूर्णतया या अंशतया नियंत्रणाधीन या राज्य सरकार राज्य के विधान मंडल द्वारा स्थापित किसी स्थानीय प्राधिकरण में सेवा के लिए प्रतिनियुक्त है, के मामले में उस राज्य की सरकार से है;
(ii) किसी अन्य मामले में, केन्द्रीय सरकार से है;
(क) “सेवा का सदस्य” से अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 2 में यथापरिभाषित अखिल भारतीय सेवा का कोई सदस्य अभिप्रेत है;
(च) “कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट” से नियम 4 और नियम 5 में निर्दिष्ट निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट अभिप्रेत है;
(छ) “कार्य निष्पादन मूल्यांकन डोजियर” से नियम 3 में निर्दिष्ट किए सेवा के सदस्य के संबंध में लिखी गई निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों का संकलन अभिप्रेत है और इसको अंतर्गत ऐसे अन्य दस्तावेज भी हैं जो केन्द्रीय सरकार द्वारा साधारण या विशेष आदेश के द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएं;
(ज) “प्रोन्नति” से सेवा के किसी सदस्य का अगले उच्च श्रेणी में नियुक्ति होना अभिप्रेत है जिसमें वह सुसंगत समय में कार्य कर रहा है;
(झ) “परामर्श बोर्ड” से वह बोर्ड अभिप्रेत है जिसमें केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर आए सेवा के सभी अधिकारियों से संबंधित मामलों या अनुसूची 3 में विनिर्दिष्ट राज्य में कार्यरत राज्य काडरों के अधिकारियों के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट सेवा के अधिकारियों से मिलकर बना है;
(ज) “रिपोर्टकर्त्ता प्राधिकारी” से ऐसा प्राधिकारी या प्राधिकारीगण अभिप्रेत है जो सेवा के उस सदस्य जिसकी रिपोर्ट लिखी जानी है, के कार्य निष्पादन का पर्यवेक्षण करने के लिए सरकार द्वारा इस निमित विनिर्दिष्ट रूप से सशक्त किए गए हैं;
(ट) “पुनर्विलोकन प्राधिकारी” से रिपोर्टकर्त्ता प्राधिकारी के कार्य निष्पादन का पर्यवेक्षण करने वाला प्राधिकारी अभिप्रेत है जिसको ऐसा करने के लिए सरकार द्वारा इस निमित विनिर्दिष्ट रूप से सशक्त किया गया है;
(ठ) “अनुसूची” से इन नियमों के साथ उपबद्ध अनुसूची अभिप्रेत है;
(ड) “राज्य” से सविधान की पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोई राज्य अभिप्रेत है और इसको अंतर्गत संघ राज्य क्षेत्र भी है;
(ड) “राज्य सरकार” से राज्य की सरकार अभिप्रेत है जिसके काडर में सेवा का सदस्य सेवा प्रारम्भ करता है, और किसी संयुक्त काडर में सेवा का सदस्य सेवा प्रारम्भ करता है के संबंध में संयुक्त काडर प्राधिकारी है ।
3. कार्य निष्पादन मूल्यांकन डोजियर का रख-रखाव और अभिरक्षा–इन नियमों के अधीन विनिर्दिष्ट रीति से राज्य सरकार और केन्द्रीय सरकार द्वारा सेवा के प्रत्येक सदस्य के लिए इन नियमों के अधीन निर्धारित तरीके से एक व्यापक कार्य निष्पादन मूल्यांकन डोजियर का रख-रखाव किया जाएगा जो कार्य निष्पादन मूल्यांकन में अनुसूची-1 के अधीन विनिर्दिष्ट दस्तावेज अंतर्विष्ट होंगे ।
4. कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का प्रारूप–(1) रिपोर्टकर्त्ता प्राधिकारी कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट ऐसे प्रारूप में लिखेगा जो अनुसूची 2 में केन्द्रीय सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए और रिपोर्टकर्त्ता अधिकारी, पुनर्विलोकन और स्वीकृत प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि रिपोर्ट प्रारूप का वह, भाग जो उनकं द्वारा भरा जाना है, वह केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित विनिर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर उनकं द्वारा भर कर पूरा कर लिया गया है।
परंतु केन्द्रीय सरकार प्रारूप में ऐसे परिवर्धन कर सकेंगी या विभेदन तारीखों का निर्धारण कर सकती है जो वह आवश्यक या वांछनीय समझे :
परंतु और कि प्रतिनियुक्ति पर गए सेवा के सदस्यों के संबंध में भी कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट ऐसे प्रारूप में लिखी जाएगी जो केन्द्रीय सरकार द्वारा इस आशय के लिए विनिर्दिष्ट की जाए और इन्हें नाभिकायन किए जाने और प्रोन्नति के प्रयोजन से, आव्रपन निर्विष्ट के रूप में माना जाए और कार्य निष्पादन मूल्यांकन डोजियर में रखा जाएगा :
परंतु यह और कि प्रशिक्षण पर गए या अध्ययन छुट्टी पर चल रहे सेवा के सदस्यों की कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट भी ऐसे प्रारूप में लिखी जाए जो केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित विनिर्दिष्ट की जाए ।
5. कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट–(1) सेवा के प्रत्येक सदस्य के कार्य निष्पादन, चरित्र, आचरण और गुणों का मूल्यांकन करते हुए, एक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए या अनुसूची 2 में सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किए अनुसार लिखी जाएगी :
परंतु उन मामलों के कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं लिखी जाएगी जो केन्द्रीय सरकार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश के द्वारा विनिर्दिष्ट किए जाएंगे :
परंतु यह और कि यदि किसी वित्तीय वर्ष की समाप्ति के वर्ष के 31 दिसम्बर तक, कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट अभिलिखित नहीं की जाती है तो इसकें पश्चात् कोई भी टिप्पणिया अभिलिखित नहीं की जाएंगी और यदि अधिकारी ने अपना स्व-मूल्यांकन समय पर प्रस्तुत कर दिया है तो उसका मूल्यांकन समग्र अभिलेख और वर्ष के स्व-मूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा।
(2) उप-नियम (4) के उपबंधों के अध्यधीन, कोई कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट उस समय भी लिखी जाएगी जब या तो रिपोर्टकर्त्ता प्राधिकारी या पुनर्विलोकन प्राधिकारी या सेवा का सदस्य जिसकी रिपोर्ट लिखी जानी है, पद का कार्यभार त्याग देता है और ऐसे मामलें में, वह रिपोर्ट पद का कार्य भार त्यागने के समय या सामान्यत: कार्य भार त्यागने के एक मास के भीतर लिखी जाएगी ।
(3) जहां सेवा के किसी सदस्य के संबंध में एक वित्तीय वर्ष के दौरान एक से अधिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखी जाती है तो ऐसी प्रत्येक रिपोर्ट में वह अवधि दर्शाई जाएगी जिससे यह संबद्ध है :
परंतु एक वित्तीय वर्ष के दौरान किसी अवधि विशेष, के लिए सेवा के सदस्य के संबंध में केवल एक ही रिपोर्ट लिखी जाएगी और मूल्यांकन के प्रत्येक स्तर पर रिपोर्टकर्ता, पुनर्विलोकन और स्वीकृत प्राधिकारी एक ही होगा जिसका निर्धारण, संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों द्वारा, कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखे जाने के चैनल में किया जाएगा और किन्हीं भी परिस्थितियों में एक से अधिक व्यक्ति, दिए गए समय की अवधि के लिए रिपोर्ट पुनर्विलोकन या स्वीकृत प्राधिकारी को हैसियत से कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं लिखेंगे :
परंतु यह और कि यदि सेवा के सदस्य के कार्य निष्पादन का पर्यवेक्षक, एक जैसे उच्च स्तर के एक से अधिक व्यक्ति करते हैं तो सरकार संगत मूल्यांकन वर्ष के संबंध में अग्रिम रूप से, रिपोर्टकर्ता या पुनर्विलोकन करने वाले व्यक्ति को पहचान करेगी।
(4) कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखे जाने वाले अवधि के दौरान यदि रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी ने सेवा के सदस्य के कार्य निष्पादन को कम से कम तीन महीने की अवधि के लिए नहीं देखा है लेकिन पुनर्विलोकन प्राधिकारी ने देखा है तो ऐसी किसी भी अवधि ऐसे सदस्य की कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट, पुनर्विलोकन प्राधिकारी लिखेगा।
(5) उप-नियम (4) में यथानिर्दिष्ट, जहां अधिकारी का कार्य निष्पादन यदि रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी और पुनर्विलोकन प्राधिकारी दोनों ने नहीं देखा है और रिपोर्ट स्वीकृत अधिकारी ने देखा है तो उस अधिकारी की निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट, रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी द्वारा लिखी जाएगी।
(6) जहां, रिपोर्ट लिखे जाने वाले अवधि के दौरान यदि कम से कम तीन मास की अवधि के लिए रिपोर्टकर्ता, पुनर्विलोकन और रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी ने सेवा के सदस्य का कार्य निष्पादन नहीं देखा हो तो इस तरह की अवधि के लिए सरकार द्वारा उस अधिकारी की निष्पादन रिपोर्ट में इस आशय की प्रविष्टि की जाएगी।
(7) उप-नियम (1), उप-नियम (2), उप-नियम (4) और उप-नियम (5) में किसी बात के होते हुए भी, यदि कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखने वाले अधिकारी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं तो पद त्यागने के पश्चात् वह रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी, पुनर्विलोकन प्राधिकारी या रिपोर्ट स्वीकार करने वाले प्राधिकारी के रूप में कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखने में सक्षम नहीं होगा।
स्मष्टीकरण-इस नियम के प्रयोजन के लिए, “किसी मंत्री” द्वारा पद छोड़ा हुआ नहीं समझा जाएगा यदि वह मंत्रिपरिषद् में किसी विभिन्न विभाग का या पूर्व मंत्रिपरिषद् जिसका वह मंत्री था, के तत्काल पश्चात् गठित मंत्रिपरिषद् में उसी या अलग विभाग में मंत्री बना रहता है, यथास्थिति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री जैसा भी मामला हो, पद पर बने रहते हैं।
- कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का पुनर्विलोकन-(1) पुनर्विलोकन प्राधिकारी, अनुसूची 2 में विनिर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणियाँ अभिलिखित करें।
(2) जहां रिपोर्ट, नियम 5 के उप-नियम (4) के अधीन पुनर्विलोकन प्राधिकारी द्वारा लिखी जाती है या जहां कहीं कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखे जाने वाले अवधि के कम से कम तीन माह के लिए पुनर्विलोकन प्राधिकारी ने कार्य निष्पादन नहीं देखा है और रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी ने देखा है तो सेवा के ऐसे सदस्य की ऐसी अवधि की कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का पुनर्विलोकन, अनुसूची 2 में विनिर्दिष्ट समय-सीमा के अनुसार रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा।
(3) रिपोर्ट लिखे जाने वाले अवधि के दौरान सेवा के सदस्य का कम से कम तीन माह का कार्य निष्पादन उसके द्वारा नहीं देखा जाता है तो रिपोर्टकर्ता या रिपोर्ट स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी, इस तरह की कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए सक्षम नहीं होगा और ऐसे प्रत्येक मामले में, कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में इस आशय की प्रविष्टि की जाएगी।
(4) उप-नियम (1) और (2) में किसी भी बात के होते हुए भी, ऐसी किसी भी कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की समीक्षा के लिए पुनर्विलोकन प्राधिकारी अथवा रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी सक्षम नहीं होगा-
(क) जहां कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की समीक्षा करने वाले प्राधिकारी, सरकारी सेवक हैं और उसे सेवा से सेवानिवृत्त हुए एक माह हो गया हो, और
(ख) अन्य मामलों में प्राधिकारी द्वारा पद छोड़े हुए एक माह हो गया है।
स्मष्टीकरण-इस नियम के प्रयोजन के लिए किसी मंत्री द्वारा पद छोड़ा हुआ नहीं समझा जाएगा, यदि वह मंत्रिपरिषद् में किसी विभिन्न का या पूर्व मंत्रिपरिषद् जिसका वह मंत्री था, के तत्काल पश्चात् गठित मंत्रिपरिषद् में उसी या भिन्न विभाग में मंत्री बना रहता है, यथास्थिति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री जैसा भी मामला हो, पद पर बने रहते हैं।
- कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का स्वीकार किया जाना-(1) रिपोर्ट स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी, अनुसूची 2 में विनिर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणियाँ अभिलिखित करें और इसे यथाओं का समर्थन करने वाले संशोधनों सहित स्वीकार करें और रिपोर्ट पर अपने प्रति हस्तांतर करें।
परंतु जहां रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी ने, कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखे जाने की अवधि के दौरान कम से कम तीन मास के लिए सेवा के किसी सदस्य का कार्य निष्पादन नहीं देखा है तो रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी के यह ऐसी किसी भी रिपोर्ट को स्वीकार करना आवश्यक नहीं होगा और इस आशय की प्रविष्टि कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में की जाएगी।
(2) उप-नियम (1) में किसी बात के होते हुए भी, ऐसी किसी भी कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को स्वीकार करने और प्रति हस्ताक्षरित करने के लिए रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी सक्षम नहीं होगा-
(क) जहां रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी सरकारी सेवक है और उसे सेवा से सेवानिवृत्त हुए एक मास हो गया है, और
(ख) अन्य मामलों में, उसक द्वारा पद छोड़ एक मास हो गया है।
(3) कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट न तो लिखी जाए और न ही संशोधित की गई हो, के मामलों में-नियम 5 या नियम 6 में किसी भी बात के होते हुए भी, जहां कहीं रिपोर्ट स्वीकृतकर्त्ता प्राधिकारी सेवा के किसी सदस्य की कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखता है या इसका पुनर्विलोकन करता है, तो इस तरह की किसी भी रिपोर्ट का आगे पुनर्विलोकन किया जाना या स्वीकार किया जाना आवश्यक नहीं होगा।
(8) कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का, केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार को संसूचित किया जाना-कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की प्रमाणित सत्य प्रति, सेवा के सदस्य के, राज्य सरकार के कार्य करने, जिसक काडर से वह संबंधित है, या केन्द्रीय सरकार में कार्य करने या संबंधित अखिल भारतीय सेवा नियम के नियम 6 के उप-नियम (1) के अधीन जिस राज्य में उसे प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है, वहां पर कार्य करने के अनुसार केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार दोनों को भेजी जाएगी।
परंतु यदि कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट हिन्दी या अंग्रेजी के भिन्न किसी अन्य भाषा में लिखी जाती है तो इसके साथ इसक हिन्दी या अंग्रेजी अनुवाद की अधिप्रमाणित प्रति भी संलग्न की जाएगी।
9. रिपोर्टगत अधिकारी को, निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का प्रकट करना और परामर्श बोर्ड में अभ्यावेदन करने की प्रक्रिया-(1) पूर्ण वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट, जिसके अंतर्गत समग्र ग्रेड और सत्यनिष्ठा के मूल्यांकन भी हैं, के मूल्यांकन को रिपोर्ट स्वीकारकर्ता प्राधिकारी द्वारा अन्तिम रूप दिए जाने के पश्चात् रिपोर्टगत अधिकारी को प्रकट किया जाएगा ताकि वह अधिकारी अपने मामले को अभ्यावेदित करने में समर्थ हो सकें।
(2) रिपोर्टगत अधिकारी को यह विकल्प दिया जा सकता है कि वह कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के संबंध में अपनी टिप्पणियों रिपोर्ट प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर लिखित में रिपोर्ट, स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी को प्रस्तुत कर दे ।
(3) ये टिप्पणियां, गुणों, कार्य का निर्गत और सक्षमता की शर्तों के अनुसार अधिकारी के किए गए मूल्यांकन के संबंध में कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में की गई विविधदृष्ट तथ्यपरक टिप्पणी तक ही सीमित होनी चाहिए।
(4) रिपोर्ट स्वीकारकर्ता अधिकारी, रिपोर्टगत अधिकारी से टिप्पणियां प्राप्त होने के पन्द्रह दिन के भीतर इन्हें पुनर्विलोकन प्राधिकारी को भेजेगा और इन टिप्पणियों पर उनकी राय मांगेगा।
(5) रिपोर्ट प्राधिकारी, रिपोर्टगत अधिकारियों से टिप्पणियों प्राप्त होने के पंद्रह दिन के भीतर इन टिप्पणियों पर अपने मत पुनर्विलोकन प्राधिकारी को भिजवाएगा जिसमें असफल होने पर वह समझा जाएगा कि उसे इस संबंध में कोई मत नहीं देने हैं ।
(6) पुनर्विलोकन प्राधिकारी, रिपोर्टगत अधिकारियों, की टिप्पणियों सहित रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी के मत और अपने मत, रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी के मत प्राप्त होने के पंद्रह दिन के भीतर रिपोर्ट स्वीकारकर्ता प्राधिकारी को भिजवाएगा।
(7) रिपोर्ट स्वीकारकर्ता प्राधिकारी, रिपोर्टगत अधिकारी की टिप्पणियों, रिपोर्ट प्राधिकारी और पुनर्विलोकन प्राधिकारी के मतों पर विचार करेगा और सम्यक विचारण के पश्चात्, उन्हें स्वीकार कर सकता है और कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को तदनुसार संशोधित कर सकता है और उस रिपोर्टगत अधिकारी को, इस बारे में निर्णय और अन्तिम श्रेणीकरण को, पुनर्विलोकन प्राधिकारी के मत प्राप्त होने के पंद्रह दिन के भीतर भिजवा दिया जाएगा।
(8) (क) ऐसे मामलों में जब वह रिपोर्टगत अधिकारी उसे बताए गए अन्तिम मूल्यांकन के विरुद्ध इस प्रक्रिया के अनुसार अभ्यावेदन देना चाहता है तो वह दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किए अनुसार, परामर्श बोर्ड द्वारा निर्णय लिए जाने के लिए रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी के माध्यम से अपना अभ्यावेदन भेज सकता है । परंतु इस तरह का अभ्यावेदन तथ्यों की गल्तियों तक ही सीमित होना चाहिए ।
(ख) रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी, पुनर्विलोकन प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकारकर्ता प्राधिकारी के मतों सहित रिपोर्टगत अधिकारी के अभ्यावेदन के अनुरोध, सूचना प्राप्त होने के पंद्रह दिन को अवधि के भीतर परामर्श बोर्ड को भिजवा दिए जाएं।
(9) (क) परामर्श बोर्ड रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी, पुनर्विलोकन प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी की टिप्पणियों के आलोक में रिपोर्टगत अधिकारी के अभ्यावेदन पर विचार करेगा और समग्र ग्रेड सहित कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को पुष्टि करेगा
या इसमें संशोधन करेगा और परामर्श बोर्ड का निर्णय, तथ्यों को त्रुटियों तक ही सीमित होगा और परामर्श बोर्ड का निर्णय अन्तिम होगा ।
(ख) ऐसे मामले में जब किसी प्रविष्टि या मूल्यांकन का स्तर उन्नत या निम्नतर किया जाता है तो इसक कारणों को कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में अभिलिखित किया जाएगा ।
10 तत्पश्चात् समग्र ग्रेड सहित पूरी कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के बारे में सूचना, रिपोर्टगत अधिकारी को संसूचित की जाएगी जो कि मूल्यांकन की प्रक्रिया का समापन भाग होगा और इसकें पश्चात् किसी तरह के अगले अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा ।
10. मूल्यांकन के विरुद्ध अभ्यावेदन–इन नियमों में किसी बात के होते हुए भी, किसी अधिकारी को, अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम 25 के अधीन किए गए मूल्यांकन रिपोर्ट के संबंध में राष्ट्रपति को अभ्यावेदन भेजने से प्रतिवारित नहीं करेगी ।
11. साधारण–कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखने, कार्य निष्पादन मूल्यांकन डोजियर का रख-रखाव करने और सेवा के सदस्य की सेवा शर्तों पर कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के प्रभाव के संबंध में केन्द्रीय सरकार ऐसे अनुदेश जो इन नियमों के प्रावधानों से असंगत नहीं होंगे या जैसा केन्द्रीय सरकार उचित समझे, जारी कर सकती है ।
अनुसूची 1
( नियम 3 देखें )
कार्यनिष्पादन मूल्यांकन डोजियर में रखे जाने वाले दस्तावेज
(i) कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर वार्षिक अद्यतन किए जाने वाले आत्मवृत्त और रिपोर्टाधीन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत 5 वर्षीय अद्यतन आत्मवृत्त
(ii) पूरी सेवा के दौरान अर्जित की गई कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट
(iii) सेवा में आने के पश्चात् लिए गए प्रशिक्षण, शैक्षणिक पाठ्यक्रम, अध्ययन छुट्टी के प्रमाणपत्र
(iv) किताबों प्रलेखों और अन्य प्रकाशकों का ब्यौरा
(v) सरकार या सचिव या विभाग प्रमुख या विशेष निकायों या आयोगों से प्राप्त प्रशंसा पत्र
(vi) चिकित्सा जांचों की रिपोर्ट
(vii) अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 में उल्लिखित लगाई गई किसी शास्ति के आदेश की प्रति और सेवा के किसी सदस्य के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच के अंतिम निष्कर्ष
(viii) सरकार की चेतावनियां या नाराजगी या फटकार
अनुसूची 2
( नियम 4 देखें )
कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट संबंधी प्रपत्र
अनुसूची-भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए स्वास्थ्य जांच संबंधी निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट फार्म और प्रारूप
- भारत सरकार के सचिव या अपर सचिव या समकक्ष स्तर के अधिकारियों को छोड़कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का प्ररूप भरने के लिए प्ररूप-I और साधारण दिशानिर्देश
- भारत सरकार के सचिव या अपर सचिव या समकक्ष स्तर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का प्ररूप भरने के लिए प्ररूप-II और साधारण दिशानिर्देश
- उन भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों, जो भा.प्र.से. (संवर्ग) नियम, 1954 के नियम 6(2) (ii) के तहत प्रतिनियुक्ति पर हैं, के लिए प्ररूप-III
- भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के अध्ययन के लिए अध्ययन छुट्टी/छुट्टी संबंधी कार्य निष्पादन रिपोर्ट-प्ररूप-III-क
- प्रशिक्षण संबंधी कार्यनिष्पादन रिपोर्ट (भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए लागू) प्ररूप-III-ख
- भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य जांच संबंधी प्ररूप-IV.
[ नियम 2 ( 1 ) देखें ] परामर्श बोर्ड का गठन
भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए
(क) राज्यों में कार्यरत अधिकारियों के संबंध में-
(i) राज्य के मुख्य सचिव
(ii) राज्य के ज्येष्ठतम प्रधान सचिव
(iii) सचिव (नियुक्तियां)
(ख) केन्द्र में कार्यरत अधिकारियों के संबंध में-
(i) मंत्रिमंडलीय सचिव
(ii) सचिव (कार्मिक)
(iii) स्थापना अधिकारी
-अध्यक्ष
–सदस्य
–संयोजक
भारतीय पुलिस सेवा के लिए
(क) राज्यों में कार्यरत अधिकारियों के संबंध में–
(i) राज्यों के मुख्य सचिव
(ii) महानिदेशक (पुलिस)
(iii) सचिव (नियुक्तियां)/सचिव
(निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट)
(ख) केन्द्र में कार्यरत अधिकारियों के संबंध में-
(i) मंत्रिमंडलीय सचिव
(ii) सचिव (कार्मिक)
(iii) स्थापना अधिकारी
- अध्यक्ष
–सदस्य
–संयोजक
भारतीय वन सेवा के लिए
(क) राज्यों में कार्यरत अधिकारियों के संबंध में–
(i) राज्य के मुख्य सचिव
(ii) राज्य के ज्येष्ठतम मुख्य वन संरक्षक
(iii) सहायक मुख्य सचिव/प्रधान सचिव
(iv) सचिव (नियुक्तियां)
(ख) केन्द्र में कार्यरत अधिकारियों के संबंध में–
(i) मंत्रिमंडलीय सचिव
(ii) सचिव (कार्मिक)
(iii) स्थापना अधिकारी -
अध्यक्ष
–सदस्य
–संयोजक
प्ररूप-1
(नियम 4 देखें)
अखिल भारतीय सेवा (कार्य निष्पादन रिपोर्ट) नियम, 2007
( भारत सरकार के सचिव अथवा अपर सचिव या समकक्ष स्तर के अधिकारियों के सिवाय सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को लागू)
” से “…… तक की अवधि हेतु कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट
[ भाग II – खण्ड 3(i) ]
भारत का राजपत्र : असाधारण
भाग-I आधारभूत जानकारी
(प्रशासनिक प्रभाग/कार्मिक विभाग द्वारा भरी जाए)
- रिपोर्टगत अधिकारी का नाम :
- सेवा :
- काडर :
- आबंटन का वित्त :
- जन्म तिथि :
- वर्तमान ग्रेड :
- वर्तमान पद :
- वर्तमान पद पर नियुक्ति की तारीख :
- रिपोर्ट, पुनर्विलोकन और स्वीकार करने वाला प्राधिकारी
| नाम और पदनाम | किए गए कार्य की अवधि | |
|---|---|---|
| रिपोर्ट प्राधिकारी | ||
| पुनर्विलोकन प्राधिकारी | ||
| स्वीकार करने वाला प्राधिकारी |
- छुट्टी आदि पर रहने के कारण अनुपस्थिति की अवधि
| अवधि | स्वरूप | टिप्पणियाँ | |
|---|---|---|---|
| छुट्टी पर (स्वरूप को विनिर्दिष्ट करें) | |||
| अन्य (विनिर्दिष्ट) |
- प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिनमें भाग लिया
| तारीख से | तारीख तक | संस्थान | विषय |
|---|---|---|---|
- पुरस्कार/सम्मान
- पूर्व वर्ष के लिए रिपोर्ट/पुनर्विलोकन प्राधिकारी के रूप में अधिकारी द्वारा न लिखी गई अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के ब्यौरे
- दिसम्बर मास में समाप्त होने वाले वर्ष हेतु सम्पत्ति विवरणों को जारी कर दिया
- अंतिम विहित चिकित्सा परीक्षा की तारीख (40 वर्षों से अधिक आयु वाले अधिकारी की) (रिपोर्ट के भाग ‘ग’ की प्रति संलग्न करें) :
तारीख :
प्रशासन/कार्मिक विभाग ………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………
खण्ड-11-स्थमूल्यांकन
- कर्त्तव्यों का संक्षिप्त विवरण : (अपके द्वारा धारित पद के उद्देश्य और वह कार्य, जो आपके द्वारा किया जाना अपेक्षित है, लगभग 100 शब्दों में)
-
वार्षिक कार्य योजना और उपलब्ध
| किए जाने वाले कार्य | निष्पादन 1(1) | वास्तविक उपलब्धि 2(2) |
|---|---|---|
| प्रारम्भिक 3(3) | मध्य वर्ष 4(4) | |
1(1) निष्पादनीय से आशय परिणामात्मक अथवा वित्तीय लक्ष्य अथवा अपेक्षित कार्य-निष्पादन का शाब्दिक मौखिक विवरण के प्रति निर्देश है। 2(2) वास्तविक उपलब्धि का अर्थ है प्रत्येक कार्य के संबंध में विनिर्दिष्ट निष्पादनों से संबंधित उपलब्धि (जैसा कि वर्ष के मध्य में अद्यतन किया गया है) इस सारणी में प्रत्यावर्तन का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया जाए। 3(3) निष्पादन के आरम्भिक सूचीबद्धकरण को रिपोर्टाधीन अवधि के आरम्भ होने के एक वर्ष के भीतर अंतिम रूप दिया जाए। 4(4) वर्ष के मध्य में निष्पादनों की सूची तैयार करने को रिपोर्टाधीन अवधि के आरम्भ होने के 6 मास के भीतर अंतिम रूप दिया जाए। 3. रिपोर्टाधीन अवधि के दौरान क्या आपको विश्वास है कि आपने कोई विशेष योगदान दिया है अर्थत् कोई असाधारण रूप से चुनौतीपूर्ण कार्य अथवा कोई महत्वपूर्ण सुव्यवस्था सुधार सफलतापूर्वक किया है (जिसके परिणामस्वरूप जन साधारण को उल्लेखनीय फायदे हुए हैं और/अथवा समय और खर्चों में कमी आई है) ? यदि हां, तो कृपया (100 शब्दों में) विवरण दें।
- आपको कार्यनिष्पादन में बाधा डालने वाले कारक क्या हैं ?
- कुपया उन विशेष क्षेत्रों को बताए, जिनमें आप प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी कार्य-कुशलता को उन्नत करने की आवश्यकता महसूस करते हैं।
मौजूदा कार्य के लिए
आपको भली कॅरियर के लिए
कृपया ध्यान दें- आप अतिरिक्त अर्जित अर्हताएँ/भाग लिए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों/प्रकाशनों/किए गए विशेष कार्यों सहित अद्यतन आत्मवृत निर्धारित प्रपत्र में 5 वर्ष में एक बार काडर नियंत्रण प्राधिकारी को भेजें ताकि काडर प्राधिकारी के पास उपलब्ध अभिलेख अद्यतन रहें।
- घोषणा
| क्या आपने स्थावर सम्पत्ति का विवरण फाइल कर दिया है जो देय हो। यदि हाँ, तो तारीख का उल्लेख करें। | हाँ/नहीं | तारीख |
|---|---|---|
| क्या आपने निर्धारित चिकित्सा परीक्षा करवा ली है ? | हाँ/नहीं | |
| क्या आपने चालू वर्ष के लिए उन सभी अधिकारियों, जिनके आप रिपोर्ट प्राधिकारी हैं, के लिए वार्षिक कार्य योजना निर्धारित कर ली है ? | हाँ/नहीं |
रिपोर्टगत अधिकारी के हस्ताक्षर …………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………
- क्या रिपोर्टगत अधिकारी को उसके कार्य के संबंध में कोई विशिष्ट असफलता मिली है ? यदि हां, तो कृपया तथ्यपरक विवरण दें ।
- क्या आप अधिकारी द्वारा यथा मान्य कौशल संवर्धन आवश्यकताओं से सहमत है ?
- कार्य निष्पादन का मूल्यांकन ( इस मूल्यांकन में अधिकारी और उसके अधीनस्थों को महत्व देना चाहिए न कि जन साधारण को । सभी नम्बरों में ग्रेड $1-10$ के पैमाने पर दिए जाने चाहिए जिसमें अंक । सबसे निम्नतम ग्रेड और 10 सबसे श्रेष्ठ का संकेत होगा । इस मंद के लिए 40 प्रतिशत का अधिमान दिया जाएगा ।
| | रिपोर्ट प्राधिकारी | पुनर्विलोकन प्राधिकारी | पुनर्विलोकन प्राधिकारी के
आद्यक्षर |
| — | — | — | — |
| (i) नियोजित कार्य को पूरा करना | | | |
| (ii) निष्पादन की गुणवत्ता | | | |
| (iii) आपवादिक कार्यों को पूरा करना/निष्पादित
किए गए अप्रत्याशित कार्य | | | |
| कार्य निष्पादन संबंधी समग्र ग्रेडिंग | | | |
- व्यक्तिगत श्रेयों का मूल्यांकन ( इस भाग को 1-10 पैमाने पर 130 प्रतिशत अधिमानता दी जाएगी ) ।
| | रिपोर्ट प्राधिकारी | पुनर्विलोकन प्राधिकारी | पुनर्विलोकन प्राधिकारी के
आद्यक्षर |
| — | — | — | — |
| (i) कार्य की प्रवृत्ति | | | |
| (ii) उत्तरदायित्व की भावना | | | |
| (iii) सम्पूर्ण आचरण और व्यक्तित्व | | | |
| (iv) भवात्मक स्थिरता | | | |
| (v) सम्प्रेषण कुशलता | | | |
| (vi) नैतिक साहस और व्यावसायिक निर्णय लेने
की इच्छाशक्ति | | | |
| (vii) नेतृत्व गुणवत्ता | | | |
| (viii) समय सीमा में कार्य करने की क्षमता | | | |
| व्यक्तिगत श्रेयों संबंधी समग्र ग्रेडिंग | | | |
- कार्यात्मक सक्षमता का मूल्यांकन (इस भाग को 1-10 पैमाने पर । 30 प्रतिशत अधिमानता दी जाएगी) ।
| | रिपोर्ट प्राधिकारी | पुनर्विलोकन प्राधिकारी | (पुनर्विलोकन प्राधिकारी के
आद्यक्षर) |
| — | — | — | — |
| (i) विधि/नियमों/प्रक्रियाओं का ज्ञान/सूचना
प्रौद्योगिकी कौशल और संगत क्षेत्र में
स्थानीय मानकों की जानकारी | | | |
| (ii) कार्य नीति बनाने की क्षमता | | | |
| (iii) निर्णय लेने की क्षमता | | | |
| (iv) नेतृत्व | | | |
| (v) समन्वय क्षमता | | | |
| (vi) किसी दल में अधीनस्थ/कार्य को अभिप्रेरत
और विकसित करने की क्षमता | | | |
| ‘कार्यात्मक सक्षमता’ पर पूर्ण ग्रेडिंग | | | |
8. सत्यनिष्ठा
कृपया अधिकारी की सत्यनिष्ठा पर टिप्पणी दें। $\square$ 9. रिपोर्ट अधिकारी द्वारा शब्द-चित्रण । कृपया अधिकारी के मजबूत पक्षों और कमजोर पक्षों और कमजोर वर्गों के प्रति उसके व्यवहार सहित उसकी समग्र गुण्वत्ता पर टिप्पणी (लगभग 100 शब्दों में) करें । $\square$ 10. सौंपे गए कार्य क्षेत्र से संबंधित सिफारिश ( कृपया किन्हीं चार पर सही का निशान लगाएं )।
| कृषि और ग्रामीण विकास | लोक वित्त और वित्तीय प्रबंधन | |
|---|---|---|
| सामाजिक विकास | उद्योग और व्यापार | |
| संस्कृति और सूचना | आन्तरिक मामले और रक्षा | |
| प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन | आवास और शहरी मामले | |
| ऊर्जा और पर्यावरण | कार्मिक और सामान्य प्रशासन, शासन सुधार नियामक प्रणालियां | |
| संचार प्रणालियां और सम्पर्क अवसंरचना | विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
- समग्र ग्रेड ( 1-10 तक पैमाने पर)
रिपोर्ट अधिकारी के हस्ताक्षर
तारीख :
खंड IV
- क्या आप खंड III में दिए गए कार्य निष्पादन और विभिन्न क्षेत्रों के संबंध में रिपोर्ट अधिकारी द्वारा किए गए मूल्यांकन से सहमत हैं ? क्या आप एम.ओ.एस./रिपोर्टमत अधिकारी की असाधारण उपलब्धियाँ और/या महत्वपूर्ण असफलताओं की खास रिपोर्ट अधिकारी से सहमत हैं ? ( यदि आप क्षेत्रों के संबंध में किसी अंकीय मूल्यांकन से सहमत नहीं हैं तो कृपया उस खंड में आपके लिए दिए गए स्तम्भ में अपना मूल्यांकन अभिलिखित कीजिए तथा अपनी प्रविधि असाक्षरित करें ) ।
हाँ नहीं
- राय में अन्तर की दशा में उसके ब्यौरे और कारण दिए जाएँ ।
$\square$ - रिपोर्ट अधिकारी द्वारा शब्द-चित्र-। कृपया अधिकारी के मजबूत पक्षों और कमजोर पक्षों पर और कमजोर वर्गों के पास उसके व्यवहार सहित उसकी सतत गुणवत्ता पर टिप्पणी (लगभग 100 शब्दों में) दें ।
$\square$ - सौंपे गए कार्य क्षेत्र से संबंधित सिफारिश ( कृपया किन्हों चार पर सही का निशान लगाएँ ) ।
| कृषि और ग्रामीण विकास | लोक वित्त और वित्तीय प्रबन्धन |
|---|---|
| सामाजिक विकास | उद्योग और व्यापार |
| संस्कृति और सूचना | आन्तरिक मामले और रक्षा |
| प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन | आवास और शहरी मामले |
| ऊर्जा और पर्यावरण | कार्मिक और सामान्य प्रशासन, शासन सुधार निगमिक प्रणालियाँ |
| संचार प्रणाली और सम्पर्क अवसंरचना | विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
5. 1-10 के पैमाने पर समग्र ग्रेड
पुर्तबिलोकन प्राधिकारी के हस्ताक्षर
तारीख :
स्वीकृति
खण्ड-V
- क्या आप रिपोर्ट/पुनर्विलोकन प्राधिकारियों की टिप्पणियों से सहमत हैं ?
हां नहीं
2. राय में अन्तर की दशा में उसके ब्योरे और कारण दिए जाएं।
$\square$
3. समग्र ग्रेड $1-10$ के प्राप्ताकों के आधार पर
स्वीकार करने वाले प्राधिकारी के हस्ताक्षर
तारीख :
भारत सरकार के सचिव या अपर सचिव या समकक्ष स्तर के अधिकारियों के सिवाय भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का प्रारूप भरे जाने के लिए साधारण मार्ग दर्शक सिद्धांत ।
1. प्रस्तावना :
1.1 निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है । यह अधिकारी के आगे और विकास के लिए आधारभूत और महत्वपूर्ण सामग्री प्रदान करता है । अत: वह अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी, पुनर्विलोकन प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकारकर्ता प्राधिकारी को फार्म भरने का कार्य अत्यधिक जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए ।
1.2 कार्य-निष्पादन मूल्यांकन को एक न्यायिक प्रक्रिया के बजाए कैरियर योजना और प्रशिक्षण के माध्यम के रूप में प्रयोग किया जाना चाहिए। रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी को यह महसूस करना चाहिए कि इसका प्रयोजन एक अधिकारी की प्रगति करना है ताकि वह अपनी वास्तविक क्षमता को पहचान सके । यह त्रुटियां ढूंढ़ने की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए बल्कि यह एक विकासशील साधन है । रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी, पुनर्विलोकन प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकारकर्ता प्राधिकारी को, जिस अधिकारी की रिपोर्ट लिखी जा रही है, उसके कार्य-निष्पादन, व्यवहार अथवा समग्र व्यक्तित्व की कमियों को दर्शाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए ।
1.3 रिपोर्ट के स्तम्भ उचित सावधानीपूर्वक और ध्यानपूर्वक तथा पर्याप्त समय लगा कर भरे जाने चाहिए । लापरवाही से या सरसरी तौर पर रिपोर्ट भरने का कोई भी प्रयास सुगमता से उच्च प्राधिकारियों को पहचान में आ जाएगा ।
1.4 यद्यपि कार्य-निष्पादन मूल्यांकन का वास्तविक प्रलेखीकरण एक वर्ष के अंत में की जाने वाली प्रक्रिया है अत: इस प्रयोजन के लिए कि यह मात्र न्यायिक प्रक्रिया न रह कर मानव संसाधन विकास, कैरियर योजना और प्रशिक्षण के लिए एक साधन का कार्य करे, रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी और जिस अधिकारी की रिपोर्ट लिखी जा रही है, वे कार्य-निष्पादन के पुनर्विलोकन के लिए तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के लिए वर्ष के दौरान नियमित अंतराल पर मिलते रहें ।
2. खण्ड-1
2.1 यह खण्ड प्रशासनिक प्रभाग/कार्मिक विभाग में भरा जाना चाहिए । रिपोर्ट की अवधि या तो समग्र रिपोर्टिंग वर्ष अर्थात् 01 अप्रैल 9 से 31 मार्च तक अथवा वर्ष के एक भाग ( 3 माह से अधिक) हो सकती है । ऐसे मामले में जब रिपोर्ट की अवधि पूरा एक वर्ष है, तो इसे तदनुसार दर्शाया जाना चाहिए । उदाहरणार्थ 2007-08 । ऐसे मामले में जब रिपोर्ट की अवधि पूरे एक वर्ष से कम है तो आरंभ और अंत की विनिर्दिष्ट तारीख निर्दिष्ट को जानी चाहिए उदाहरण के लिए 10 सितम्बर, 2007-31 मार्च, 2008 ।
2.2 वर्तमान ग्रेड (वेतनमान) और वर्तमान पद (वास्तविक पदनाम और संगठन) और वह तारीख, जिससे वह अपने वर्तमान पद पर कार्य कर रही है, से सम्बन्धित सूचना का उल्लेख किया जाना आवश्यक है ।
2.3 रिपोर्ट लिखने, पुनर्विलोकन करने और स्वीकार करने वाले प्राधिकारियों से संबंधित सारणी में रिपोर्ट लिखने वाले और पुनर्विलोकन करने वाले प्राधिकारियों के नामों तथा पदगामों का उल्लेख किया जाएगा ताकि उस अधिकारी को, जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, यह स्पष्ट ज्ञात हो कि उसे किस व्यक्ति को रिपोर्ट भेजनी अपेक्षित है ।
2.4 अधिकारी को ड्यूटी से अनुपस्थिति, छुट्टी, प्रशिक्षण या अन्य कारणों से ड्यूटी से अनुपस्थिति की अवधि का भी उल्लेख, इस खण्ड में इस प्रयोजन के लिए दी गई सारणी में किया जाना चाहिए। उन प्रशिक्षणों का ब्यौरा जिनमें अधिकारी ने भाग लिया, सम्पत्ति विवरणी भरने की तारीख और जिस अधिकारी को रिपोर्ट लिखी जा रही है उसने अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों के पिछले वर्ष के वार्षिक कार्य-निष्पादन को रिपोर्ट लिख दी है/पुनर्विलोकन कर दी है-इन सबका ब्यौरा, इस प्रयोजन के लिए दी गई सारणी में किया जाना चाहिए ।
2.5 यह खण्ड नियमित रूप से वार्षिक, चिकित्सा परीक्षण का उपबंध करता है । 40 वर्ष से ऊपर की आयु के सभी अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है और चिकित्सा दुर्घटना छोड़कर 40 वर्ष से कम आयु के अधिकारियों के लिए यह समाप्त कर दिया जाए । अधिकारी के स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट के भाग ग की एक प्रति प्रशासन/कार्मिक विभाग द्वारा कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ संलग्न की जाए और एक प्रति सेवा के सदस्य को प्रदान की जाए । स्वास्थ्य परीक्षण का प्रपत्र अनुसूची-2 में दिया गया है ।
3. खण्ड-II
3.1 रिपोर्टगत अधिकारी से यह अपेक्षा है कि वह सर्वप्रथम अपने कर्त्तव्यों और उत्तरदायित्वों का संक्षिप्त ब्यौरा जो कि सामान्यतया 100 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए । आदर्श के तौर पर यह संक्षिप्त रूप में होना चाहिए ।
3.2 सभी अधिकारियों से यह अपेक्षा है कि वह वर्ष की एक कार्य योजना विकसित करे और उस पर रिपोर्ट लिखने वाले अधिकारियों के साथ सहमति हो । कार्य योजना में सापेक्ष वार्षिक कार्यों के सामंजस्य और बजटीय आवर्तन को शामिल किया जाए । यह कार्य वर्ष के आरंभ में शुरू कर दिया जाए और 30 अप्रैल तक निश्चित तौर पर पूरा कर लिया जाए । ऐसे मामले में जब वर्ष के दौरान रिपोर्ट लिखने वाला अधिकारी बदल जाता है तो पहले वाले रिपोर्ट लिखने वाले अधिकारी के साथ समस्त कार्य योजना लागू रहेगी । वर्ष के आरंभ में जिस कार्य योजना पर सहमति हुई उसको सितम्बर/अक्तूबर माह में मध्य-वर्षीय कार्य के तौर पर पुनः समीक्षा की जाए और 31 अक्तूबर तक पूरी कर ली जाए । इस समीक्षा के आधार पर कार्य योजना में मूल रूप से तैयार कार्य योजना से कुछ परिवर्तन किए जा सकते हैं ।
3.3 कार्य योजना तैयार हो जाने के पश्चात्, यह संभव है कि जिस अधिकारी को रिपोर्ट लिखी जानी है उसका स्थानांतरण हो जाए । ऐसी स्थिति में एक पद के लिए प्रति वर्ष एक कार्य योजना से अधिक कार्य योजना की आवश्यकता नहीं है । अधिकारी द्वारा उस कार्य योजना पर किए गए कार्य-निष्पादन का मूल्यांकन करने के लिए अधिकारी द्वारा वर्ष के दौरान बिताई गई अवधि और उसकें योगदान को गिना जा सकता है । मध्य-अवधि स्थानांतरण के मामले में पहली तिमाही में, निरंतरता और कार्य का मूल्यांकन तथा निम्नतर कार्य-निष्पादन प्रोफाईल को ध्यान में रखा जाए ।
3.4 जिस अधिकारी को रिपोर्ट लिखी जा रही है उसके द्वारा तथा रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी द्वारा विधिवत् हस्ताक्षरित कार्य योजनाएं समीक्षा प्राधिकारी के पास उनकें अवलोकनार्थ तथा संरक्षण में प्रस्तुत की जानी अपेक्षित है । कार्य निष्पादन मूल्यांकन फार्म में, कार्य सम्पादनों अर्थात् वर्ष के आरंभ में सहमत कार्य योजना पर उसक मूल्यांकन तथा वर्ष के मध्य में समीक्षा की गई कार्य योजना के मूल्यांकन का प्रावधान है । अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है उसे खण्ड-II में इस प्रयोजन के लिए दी गई सारणी को भरना अपेक्षित है ।
3.5 यह आवश्यक नहीं है कि कार्य योजना समग्र रूप से परिमाणात्मक स्वरूप की हो । क्षेत्र स्तर के पदों के लिए कार्य योजना में अनिवार्य रूप से मात्रात्मक लक्ष्यों को शालिम किया जाना चाहिए, वहीं सचिवालय स्तर के पदों में लक्ष्यों आदि को प्राप्ति के लिए नीतिपरक उद्देश्य शामिल किए जाने चाहिए ।
3.6 खण्ड-II, अधिकारी को वर्ष के दौरान अपने कार्य-निष्पादन को दर्शाने का और एक ऐसी मद दर्शाने का अवसर प्रदान करता है जिसे वह वर्ष के दौरान अपने द्वारा किया महत्वपूर्ण योगदान समझता था/समझती थी । किसी भी अधिकारी के लिए यह संभव है कि वह अन्यथा दैनिक स्वरूप की मानी जाने वाली गतिविधियों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है । ऐसे योगदान के उदाहरण-कुंभ मेले जैसे महत्वपूर्ण आयोजन का सफलतापूर्वक संचालन या लम्बे समय से चल रही किसी गतिविधि का सफलतापूर्वक समापन अथवा किसी आगात् स्थिति (उदाहरणार्थ-भारी भूकंप/बाढ़) में सफलतापूर्वक कार्य करना आदि निश्चित रूप से असाधारण योगदान के उदाहरण हो सकते हैं ।
3.7 अधिकारी जिसको रिपोर्ट लिखी जा रही है उससे यह अपेक्षित है कि वह उन विशिष्ट क्षेत्रों को इंगित करे जिसमें वह अपनी दक्षता को बढ़ाना चाहता है और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना चाहता है । वह उन विशिष्ट प्रयासों का भी उल्लेख करे जो उसने पहचाने गए क्षेत्रों में अपनी दक्षता को बढ़ाने के लिए किए हैं या उन्हें करने का प्रस्ताव करता है/करती है ।
3.8 कार्यनिष्पादन मूल्यांकन तथा करियर उन्नयन की नई पद्धति में क्षमता निर्माण पर अत्यधिक बल दिया गया है । इससे क्षमता और दक्षता उन्नयन में वृद्धि होगी । अतः सभी अधिकारियों को खण्ड-II में एक टिप्पण के माध्यम से यह सलाह दी गई है कि वे पाँच वर्ष में
कम-से-कम एक बार अपने कॉडर नियंत्रक प्राधिकारियों को, उन सभी शैक्षणिक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सूचना दें जिसमें उन्होंने भाग लिया, और ऐसे कार्यक्रमों में प्राप्त अंकों/ग्रेडों का ब्यौरा, प्रकाशित व्यावसायिक पत्रों का ब्यौरा दें। इन्हें भविष्य में कोंरेयर उन्नयन में विचार किया जाएगा।
3.9 इस खण्ड में यह भी अपेक्षित है कि अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है वह सम्पत्ति विवरणी प्रस्तुत किए जाने, वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण और जिनकें लिए वह रिपोर्ट प्राधिकारी है उनकें लिए वार्षिक कार्य योजना तैयार करने के सम्बन्ध में प्रमाण-पत्र रिकॉर्ड करेगा।
4. खण्ड-III
4.1 खण्ड-III में रिपोर्ट प्राधिकारी से यह अपेक्षित है कि वह अधिकारी, जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है के द्वारा भरे गए खण्ड-II पर टिप्पणी करें और यह विशिष्ट रूप से उल्लेख करें कि क्या वह सम्पादित कार्यों से संबंधित प्रत्युत्तरों से सहमत है अथवा नहीं। यदि असहमत है तो रिपोर्ट प्राधिकारी उन विशिष्ट अंश को रेखांकित करेगा जिनसे वह सहमत होने में असमर्थ हैं और ऐसी असहमति के कारण देगा।
4.2 इसकें बाद इस खण्ड में रिपोर्ट प्राधिकारी से अपेक्षित है कि वह अधिकारी द्वारा यथा पहचान किए गए दक्षता उन्नयन की आवश्यकता के सम्बन्ध में टिप्पणी करेगा।
4.3 इसकें पश्चात्, रिपोर्ट प्राधिकारी से यह अपेक्षा की जाती है कि नियोजित कार्य और आकस्मिक कार्यों दोनों के सम्बन्ध में उस अधिकारी, जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, द्वारा निष्पादित कार्य के बारे में संख्यात्मक ग्रेड दें। निष्पादित कार्य की गुणवत्ता के सम्बन्ध में संख्यात्मक ग्रेड देना भी अपेक्षित है। ऐसा करते समय रिपोर्ट प्राधिकारी को कार्य पर आई लागत (चाहे वह अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है लागत के प्रति सतर्क रहा है), कार्य पूरा करने में लगाए गए समय और क्या कार्य पूरा करने में निर्धारित नियमों/प्रक्रिया का पालन किया गया है इन सब बातों को ध्यान में रखना चाहिए।
4.4 रिपोर्ट प्राधिकारी से यह भी अपेक्षित है कि वह कार्य को आँऊटपुट, वैयक्तिक व्यवहार और कार्यात्मक सक्षमता के सम्बन्ध में संख्यात्मक ग्रेड लिखे।
4.5 खण्ड-III में रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी से उस अधिकारी की सत्यनिष्ठा के सम्बन्ध में टिप्पणी देनी भी अपेक्षित है, जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है। सत्यनिष्ठा के संबंध में टिप्पणी देनी भी अपेक्षित है, जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है। सत्यनिष्ठा के सम्बन्ध में टिप्पणी अभिलिखित करते समय वे उसमें केवल वित्तीय सत्यनिष्ठा से सम्बन्धित मामले तक ही सीमित न रहें बल्कि वे उस अधिकारी की नैतिक और बौद्धिक सत्यनिष्ठा को भी ध्यान में रखेगा जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है। सत्यनिष्ठा से सम्बन्धित स्तम्भ को भरते समय निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए :-
(i) यदि अधिकारी की सत्यनिष्ठा संदेह से परे है तो इसका उल्लेख करें।
(ii) यदि कोई संदेह या शंका है तो स्तम्भ को खाली छोड़ दिया जाना चाहिए और निम्नवत कार्रवाई की जानी चाहिए :-
(क) एक पृथक गुप्त टिप्पणी अभिलिखित की जानी चाहिए और उसका अनुसरण किया जाना चाहिए। टिप्पणी की एक प्रति कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ अगले उच्चतर अधिकारी को भेजी जाएगी जो यह सुनिश्चित करेगा कि अनुवर्ती कार्रवाई शीघ्रता से की जाए। जहां सत्यनिष्ठा प्रमाणित करना या गुप्त टिप्पणी तैयार करना संभव न हो, वहाँ रिपोर्टकर्त्ता अधिकारी को या तो यह उल्लेख करना होगा कि यथास्थिति, उसने कोई निश्चित निर्णय देने के लिए पर्याप्त समय तक अधिकारी के कार्य की निगरानी नहीं की है या उसने अधिकारी के विरुद्ध कुछ नहीं सुना।
(ख) यदि, अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप शंका या संदेह दूर हो जाते हैं तो अधिकारी की सत्यनिष्ठा प्रमाणित की जानी चाहिए और कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में तद्नुसार प्रविष्टि की जानी चाहिए।
(ग) यदि शंका या संदेह की पुष्टि हो जाती है तो इस तथ्य को भी अभिलिखित किया जाना चाहिए और उसे संबंधित अधिकारी को संयक रूप से संसूचित किया जाना चाहिए।
(घ) यदि, अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप शंका या संदेह न तो दूर होते हैं और न ही पुष्ट होती हैं तो अधिकारी के आचरण पर कुछ और समय तक निगरानी की जानी चाहिए और तत्पश्चात् उपर्युक्त (ख) और (ग) पर दर्शाए गए अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
4.6 रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी से यह भी अपेक्षित है कि वह रिपोर्टगत अधिकारी का उसक कमजोर वर्गों के प्रति व्यवहार सहित उसक समग्र गुणों और कार्य-निष्पादन का ब्यौरेवार शब्द-चित्रण करे। यह 100 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए और उसमें अधिकारी के सबल पक्ष और दुर्बल पक्षों सहित समग्र गुणों को शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। इस शब्द-चित्रण का तात्पर्य, इस खण्ड के पूर्व भाग में किए गए परिमाणात्मक मूल्यांकन में गुणात्मक सामग्री जोड़ना भी है।
4.7 इसकें बाद रिपोर्टकर्त्ता प्राधिकारी से कार्य-क्षेत्र सौंपे जाने के सम्बन्ध में सिफारिश करना अपेक्षित है। कार्य-क्षेत्र की सूची पैरा-10 पर दी गई है।
4.8 अंततः रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी से समग्र रूप से एक श्रेणी का अभिलिखित करना अपेक्षित है । इस 1 से 10 के पैमाने पर किया जाना चाहिए जिसमें निष्पादन श्रेणी-1 से लेकर अधिकतम श्रेणी-10 होंगे ।
5. खण्ड-IV
5.1 इस खण्ड को पुनर्विद्यांकन अधिकारी द्वारा भरा जाना चाहिए । उन्हें यह इंगित करना अपेक्षित है कि क्या ये रिपोर्टकर्ता अधिकारी के मूल्यांकन से सहमत हैं । असहमत होने की स्थिति में प्राधिकारी द्वारा किए गए कार्य-निष्पादन या किसी विशेषतापूर्ण के विरुद्ध इस प्रयोजन के लिए विशिष्ट रूप से दिए गए स्वम्भ में अपनी और से मूल्यांकन अभिलिखित करना होगा। सहमत होने की स्थिति में विशेषताओं/कार्य-निष्पादन सारणी में उसके स्वम्भ में भरे जाने की आवश्यकता नहीं है ।
5.2 पुनर्विलोकन प्राधिकारी से, जिस रिपोर्टगत अधिकारी को रिपोर्ट लिखी जा रही है, उसके सशक्त और दुर्बल पक्षों सहित उसके समग्र गुणों और कमजोर वर्गों के प्रति उसके व्यवहार सहित कार्य-निष्पादन के सम्बन्ध में तथा उसे कार्य-यंत्र सेवों जाने की सिफारिश करते हैं। संबंध में अधिकतम 100 शब्दों में एक शब्द-चित्रण रिकॉर्ड करना अपेक्षित है । अंत में उन्हें $1-10$ के पैमाने पर समग्र रूप से ग्रेड देना अपेक्षित है ।
6. खण्ड-V
6.1 यह खण्ड रिपोर्ट स्वीकृत प्राधिकारी द्वारा भरा जाना अपेक्षित है । उनसे यह इंगित करना अपेक्षित है कि क्या ये रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी/पुनर्विलोकन प्राधिकारी द्वारा किए गए मूल्यांकन से सहमत हैं । मूल्यांकन से अलग रूप होने की स्थिति में उन्हें खण्ड-V में इस प्रयोजन के लिए विशिष्ट रूप से दिए गए स्वम्भ में उसका ब्यौरा और कारण बना अपेक्षित है।
7 संख्यात्मक ग्रेड
7.1 रिपोर्टकर्ता और पुनर्विलोकन प्राधिकारियों द्वारा रिपोर्ट में अनेक स्थानों पर संख्यांक श्रेणी दिए जाने होते हैं । वे $1-10$ के पैमाने पर होने चाहिए जिसमें निष्पादन श्रेणी-1 और अधिकतम श्रेणी-10 होगा । यह प्रत्याशा की जाती है कि 1 या 2 की किसी भी श्रेणी (निष्पादन करने या समग्र श्रेणी) को विशिष्ट असफलताओं के माध्यम से शब्द-चित्रण में पर्यायतः न्यायसंगत ठहराया जाए और इसी प्रकार 9 या 10 की किसी भी श्रेणीकरण को विशिष्ट कार्य उपलब्धियों के सम्बन्ध में न्यायोचित ठहराया जाए । श्रेणी 1-2 और 9-10 विरल स्थितियों में दिए जाने की सखेत की जाती है अतः इन्हें न्यायोचित ठहराए जाने की आवश्यकता है । संख्यांक श्रेणी प्रदान करते समय रिपोर्ट लिखने वाले, समीक्षा करने वाले, और स्वीकार करने वाले प्राधिकारी को अधिकारी का मूल्यांकन, उसे अनेक समकक्ष व्यक्तियों का ध्यान रखते हुए करना चाहिए जो समग्र मूल्यांकन में उसके अधीन काम कर रहे हों अथवा विमत में उनके अधीन कार्य किया हो ।
7.2 वरीयता और औसत मूल्य
7.2 अधिकारी द्वारा निष्पादित कार्य वैयक्तिक व्यवहार और कार्यात्मक योग्यता के आधार पर महत्वाकांश निर्धारित किए गए थे । समग्र ग्रेड, नियत किए गए अधिमानतः बेडेज के अनुपात में, दर्शाए गए प्रत्येक समूह के औसत मूल्यांकन के संयोजन पर आधारित होगा ।
8 प्रकटन
8.1 मूल्यांकन की पद्धति में अपेक्षाकृत अधिक खुलापन होगा । यांत्रिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट, समय तथा और सत्यापन सहित रिपोर्टगत अधिकारी को, स्वीकृत प्राधिकारी द्वारा अंतिम रूप दे दिए जाने के बाद संशृधित की जानी चाहिए ।
8.2 अभ्यावेदन
रिपोर्टगत अधिकारी को कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणी देने का विकल्प दिया जा सकता है । इस प्रकार की टिप्पणी कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में विहित किसी विशिष्ट संख्यात्मक टिप्पणी तथा सीमित हो जिसके परिणामस्वरूप श्रेय गणमता और कार्य-निष्पादन के आधार पर मूल्यांकन किया जा सके । यदि टिप्पणियाँ प्रस्तुत की गई हों, तो रिपोर्टकर्ता/पुनर्विलोकन/स्वीकृत प्राधिकारी को कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को स्वीकार करने और तदनुसार संशोधित करने का विकल्प होगा । यदि उन टिप्पणियों को स्वीकार नहीं किया जाता तो रिपोर्टकर्ता/पुनर्विलोकन/स्वीकृत प्राधिकारी को सच, कारण सहित रिपोर्टगत अधिकारी को संशृधित की जाएगी । वातावरण और रिपोर्टगत अधिकारी ऐसा चाहे तो वह इस मामले को परामर्श बोर्ड को भिजवाने हेतु अपूर्वध कर सकता है । उपर्युक्त अभ्यावेदन का संबंध केवल वरनों में गलती तक ही सीमित होगा तथा किसी अन्य बात तक नहीं । यह परामर्श बोर्ड अभ्यावेदन पर स्वच्छ निष्कर्ष निकालेगा तथा मूल्यांकन पर उभरा प्रभावित होने वाले मानदण्डों के सम्बन्ध में समग्र श्रेणीकरण सहित मूल्यांकन पर अंतिम निर्णय देगा । यदि किसी प्रविष्टि को पुरुष या नया किया गया हो, तो उसके ब्यौरे सहित निर्णय तथा उसके कारणों को कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में रिकॉर्ड किया जाएगा और इनका रिपोर्टगत अधिकारी को सम्बंधित किया जाएगा ।
- भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों को पूरा करने हेतु अनुसूची 9.1 निम्न अनुसूची का सख्ती से पालन किया जाएगा :-
रिपोर्ट लिखे जाने का वर्ष-वित्तीय वर्ष
| गतिविधि | निर्णायक तारीख | |
|---|---|---|
| वरिष्ठ समय वेतनमान से नीचे | वरिष्ठ समय वेतनमान | |
| प्रशासनिक प्रभाग/कार्मिक विभाग द्वारा रिपोर्ट लिखने वाले अधिकारी/समीक्षा | 1 अप्रैल | 1 मई |
| प्राधिकारी का उल्लेख करते हुए कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का प्रपत्र उस अधिकारी को दिया जाएगा जिसकी रिपोर्ट लिखी जानी है | ||
| वर्तमान वर्ष के लिए स्वमूल्यांकन | 30 अप्रैल | 31 मई |
| रिपोर्टकर्त्ता प्राधिकारी द्वारा मूल्यांकन | 31 मई | 30 जून |
| पुनर्विलोकन प्राधिकारी द्वारा मूल्यांकन | 30 जून | 31 जुलाई |
| स्वीकृत प्राधिकारी द्वारा मूल्यांकन | 31 जुलाई | 31 अगस्त |
| रिपोर्टगत अधिकारी उसे रिपोर्ट का खुलासा करना | 15 अगस्त | 15 सितम्बर |
| उस रिपोर्टगत अधिकारी की टिप्पणियाँ यदि कोई हो (यदि कोई नहीं हो, तो कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को प्रेषण) | 31 अगस्त | 30 सितम्बर |
| अधिकारी, जिसकी रिपोर्ट लिखी जानी है, यदि कोई टिप्पणी करता है तो उसकी टिप्पणियाँ स्वीकार करने वाले प्राधिकारी द्वारा उसकी पुनर्विलोकन/रिपोर्टकर्त्ता अधिकारी को भेजना | 15 सितम्बर | 15 अक्तूबर |
| रिपोर्टकर्त्ता प्राधिकारी की टिप्पणियाँ | 30 सितम्बर | 31 अक्तूबर |
| पुनर्विलोकन प्राधिकारी की टिप्पणियाँ | 15 अक्तूबर | 15 नवम्बर |
| स्वीकृत प्राधिकारी की टिप्पणियाँ/कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाना तथा इसके बारे में रिपोर्टगत अधिकारी को भेजना | 31 अक्तूबर | 30 नवम्बर |
| रिपोर्टगत अधिकारी द्वारा (परामर्श) बोर्ड के समक्ष अभ्यावेदन | 30 नवम्बर | 31 दिसम्बर |
| रिपोर्टकर्त्ता/पुनर्विलोकन/स्वीकृत प्राधिकारी की अभ्युक्तियाँ सहित अभ्यावेदन को परामर्श बोर्ड को अग्रेषित करना | 15 दिसम्बर | 15 जनवरी |
| यदि रिपोर्टगत अधिकारी स्वीकृत प्राधिकारी के निर्णय के विरुद्ध अभ्यावेदन करता है तो परामर्श बोर्ड द्वारा उसे अंतिम रूप देना | 15 जनवरी | 15 फरवरी |
| रिपोर्टगत अधिकारी को रिपोर्ट के बारे में खुलासा करना | 31 जनवरी | 28 फरवरी |
| कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की पूरी प्रक्रिया का अंत | 31 मार्च | 31 मार्च |
9.2 पूरी कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट संवर्ग नियंत्रक प्राधिकारी के पास अगले वर्ष की 31 मार्च तक पहुँच जानी चाहिए । संवर्ग नियंत्रक प्राधिकारी, प्राप्त नहीं हुई कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों की सूची तैयार करेगा और संबंधित मंत्रालयों के सचिवों तथा संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ इस बारे में अनुवर्ती कार्रवाई करेगा । 9.3 राज्य में सचिव (कार्मिक) और केन्द्रीय में स्थापना अधिकारी यह सुनिश्चित करने हेतु नोडल अधिकारी होंगे कि इस सेवा के सदस्यों की समुचित रूप से भरी हुई कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट संवर्ग नियंत्रक प्राधिकारी के पास अगले वर्ष 31 मार्च तक भेज दी जाए । वे उपर्युक्त सेवा के प्रत्येक ऐसे सदस्य जिसको रिपोर्टगत/पुनर्विलोकन किया जाना है उसकी एक सूची हर वर्ष 15 अप्रैल तक रिपोर्टकर्त्ता/पुनर्विलोकन/स्वीकृत प्राधिकारी को भेजेंगे ताकि कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का उपर्युक्त समय-सारणी के अनुसार पूरा होना सुनिश्चित किया जा सके । 9.4 यदि किसी वित्तीय वर्ष से संबंधित कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट उस वर्ष से 31 दिसम्बर, जिसमें वित्तीय वर्ष समाप्त होता है, तक अभिलिखित नहीं की जाती तो उसको पश्चात् कोई टिप्पणी अभिलिखित नहीं की जाएगी । यदि सेवा के सदस्य ने स्वमूल्यांकन समय पर प्रस्तुत कर दिया है और रिपोर्टकर्त्ता/पुनर्विलोकन और स्वीकृत प्राधिकारी ने पैरा 9.1 में दी गई समय अनुसूची के अनुसार कार्य-निष्पादन मूल्यांकन को पूरा नहीं किया है तो सेवा के सदस्य का मूल्यांकन उसके समग्र अभिलिखित और संबंधित वर्ष के स्वमूल्यांकन के आधार पर किया जाएगा ।
9.5 रिपोर्टगत सदस्य वह रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी को अपना स्वमूल्यांकन भेजते समय स्वमूल्यांकन को एक प्रति नोडल अधिकारी को पृथ्वांकित करेगा तथा इस साक्ष्य के रूप में एक प्रति अपने पास रखेगा कि उसने रिपोर्ट समय से प्रस्तुत कर दी है।
9.6 रिपोर्टगत प्राधिकारी रिपोर्टगत अधिकारी को कार्यनिष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में अपनी टिप्पणी एक निर्धारित समय में लिखेगा और इसको एक प्रति नोडल अधिकारी को भेजते हुए वह इसे पुनर्विलोकन प्राधिकारी को भेजेगा।
9.7 ऐसे मामलों में जब रिपोर्टकर्ता प्राधिकारी कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को नोडल अधिकारी को सूचित करते हुए पुनर्विलोकन प्राधिकारी को नहीं भेज पाता है तो इस स्थिति में नोडल अधिकारी, प्राधिकारी को स्वमूल्यांकन को रिपोर्ट सीधे ही भेजेगा तथा उसे कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट लिखने का प्राधिकार दे देगा । नोडल अधिकारी उक्त रिपोर्टकर्ता अधिकारी को इस बात का ध्यान रखेगा कि उसने अपने अधीनस्थ अधिकारी को कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट ऐसे रिपोर्टकर्ता प्राधिकारियों को कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में उपयुक्त प्रविष्ट करने हेतु समय से प्रस्तुत नहीं की है ।
9.8 नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए एक उपयुक्त तंत्र का विकास करेगा कि रिपोर्टकर्ता पुनर्विलोकन तथा स्वीकृति प्राधिकारियों द्वारा टिप्पणियां बिना किसी असफलता के निम्नलिखित द्वारा 9.1 अनुसूची में दी गई उल्लिखित तिथियों तक अभिलिखित कर ली है ।
10. कार्य क्षेत्रों हेतु विभागों का मानचित्रण
- कृषि और ग्रामीण विकास
- कृषि और सहकारिता विभाग
- पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग
- ग्रामीण विकास विभाग
- भूमि संसाधन विभाग
- खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
II. सामाजिक विकास
- स्वास्थ्य विभाग
- आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक उपचार, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी विभाग ( आयुष)
- प्राथमिक शिक्षा और साक्षरता विभाग
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
- विदेशी भारतीय कार्य मंत्रालय
III. संस्कृति और सूचना
- सूचना और प्रसारण मंत्रालय
- पर्यटन मंत्रालय
- युवा कार्य और खेल मंत्रालय
IV. प्राकृतिक संसाधन प्रबंध
- पर्यावरण और वन मंत्रालय
- महासागर विकास विभाग
- ऊर्जा और पर्यावरण
- परमाणु ऊर्जा विभाग
- कोयला मंत्रालय
- विद्युत मंत्रालय
- कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग
- कृषि और ग्रामोद्योग मंत्रालय
- पंचायती राज मंत्रालय
- पेयजल आपूर्ति विभाग
- उपभोक्ता मामले विभाग
-
परिवार कल्याण विभाग
- माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा विभाग
- महिला और बाल विकास विभाग
-
शहरी रोजगार और गरीबी उन्मूलन विभाग
-
संस्कृति मंत्रालय
-
जनजातीय कार्य विभाग
-
जल संसाधन मंत्रालय
-
खान मंत्रालय
-
गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत मंत्रालय
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
[ भाग II-खण्ड 3(i) ] भारत का राजपत्र : असाधारण 19
VI. संचार प्रणाली और संपर्क अवसंरचना
- नागर विमानन मंत्रालय
- सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
- दूर-संचार विभाग
- डाक विभाग
- सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग
- पोत परिवहन विभाग
VII. लोक वित्त और वित्तीय प्रबंध
- अपविनिधान विभाग
- व्यय विभाग
- आर्थिक कार्य विभाग
- राजस्व विभाग
- कंपनी कार्य मंत्रालय
- योजना आयोग
- सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन
VIII. उद्योग और व्यापार
- औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग
- रसायन और पेट्रो-रसायन विभाग
- वाणिज्य विभाग
- भारी उद्योग विभाग
- उर्वरक विभाग
- वस्त्र मंत्रालय
- लोक उद्यम विभाग
- लघु उद्योग मंत्रालय
IX. आंतरिक कार्य और रक्षा
- रक्षा विभाग
- रक्षा उत्पाद विभाग
- रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग
- पूर्व सैनिक कल्याण मंत्रालय
- आंतरिक सुरक्षा विभाग
- संपदा विभाग
- राजभाषा विभाग
- गृह विकास
- जम्मू-कश्मीर कार्य विभाग
- सीमा प्रबंधन विभाग
- पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
X. आवास और नगरीय कार्य
- नगरीय विकास मंत्रालय
XI. कार्मिक और साधारण प्रशासन, शासन सुधार, विनियामक प्रणाली
- कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
- प्रशानिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
- पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग
- विधि कार्य विभाग
- विधायी विभाग
- न्याय विभाग
- मंत्रिमंडल सचिवालय
- श्रम और रोजगार मंत्रालय
- राष्ट्रपति सचिवालय
- संसदीय कार्य मंत्रालय
- प्रधान मंत्री कार्यालय
- संघ लोक सेवा आयोग
- निर्वाचन आयोग
XII. विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
- वैज्ञानिक और औद्योगिकी अनुसंधान विभाग
- जैव प्रौद्योगिकी विभाग
- अंतरिक्ष विभाग
प्ररूप-II
( नियम 4 देखें )
अखिल भारतीय सेवा (कार्य निष्पादन रिपोर्ट) नियम, 2007
( भारत सरकार के सचिव या अपर सचिव या समतुल्य स्तर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए लागू)
से …………………………….. तक की अवधि की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट
भाग-1-मूलभूत जानकारी
( प्रशासनिक प्रभाग/कार्मिक विभाग द्वारा भरी जाए)
- रिपोर्टगत अधिकारी का नाम :
- सेवा :
- काडर:
- आवंटन का वर्ष :
- जन्म तिथि :
- वर्तमान ग्रेड :
- वर्तमान पद :
- वर्तमान पद पर नियुक्ति की तारीख :
- रिपोर्ट, पुनर्विलोकन करने वाले तथा स्वीकार करने वाले प्राधिकारी
| नाम और पदनाम | कार्य की अवधि |
|---|---|
| रिपोर्ट प्राधिकारी | |
| पुनर्विलोकन करने वाला प्राधिकारी | |
| स्वीकार करने वाला प्राधिकारी | |
| 10. छुट्टी आदि पर रहने के कारण अनगरिवर्ति की अवधि | |
| अवधि | प्रकार |
छुट्टी पर (प्रकार विनिर्दिष्ट करें)
अन्य (विनिर्दिष्ट करें)
11. प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिनमें भाग लिया
| तारीख से | तारीख तक | संस्थान | विषय |
|---|---|---|---|
- दिसम्बर मास में समाप्त होने वाले वर्ष के लिए सम्पत्ति विवरणी भरे जाने की तारीख : 15. पिछली निर्धारित चिकित्सीय जांच की तारीख ( 40 वर्ष से अधिक आयु वाले अधिकारियों के लिए) (रिपोर्ट के भाग ‘ग’ की प्रति संलग्न करें ) :
तारीख : प्रशासन/कार्मिक विभाग की ओर से हस्ताक्षर खण्ड-II
- घोषणा
| क्या आपने अचल सम्पत्ति जो देय हो का विवरण भर दिया है यदि हां तो तारीख का उल्लेख करें । | हां/नहीं | तारीख |
| — | — | — |
| क्या आपने निर्धारित चिकित्सा जांच करवा ली है? | हां/नहीं | |
| क्या आपने उन अधिकारियों की कार्य योजना का निर्धारण कर लिया है जिनके रिपोर्ट
अधिकारी आप हैं । | हां/नहीं | |
| क्या आपने अपने लिए कार्य योजना तैयार कर ली है | हां/नहीं | |
| क्या आपने उक्त अवधि के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियों से संबंधित टिप्पणियां संलग्न कर दी हैं । | हां/नहीं | |
दिनांक : अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, के हस्ताक्षर खंड-III मूल्यांकन
- श्रेयों का निर्धारण (इस निर्धारण में अधिकारी और उसके समकक्षियों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए न कि किसी साधारण व्यक्ति का । ग्रेड । से लेकर 10 तक पैमाने पर अंकों में दिया जाना चाहिए जिसमें अंक । सबसे निचली ग्रेड और 10 सबसे उच्च ग्रेड का संकेत होगा । इस मद के लिए $70 \%$ की अधिमानता दी जाएगी) ।
| | रिपोर्ट अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी के
हस्ताक्षर |
| — | — | — | — |
| (i) कार्य के प्रति अभिवृत्ति | | | |
| (ii) निर्णय लेने की क्षमता | | | |
| (iii) कार्यों की पहल | | | |
| (iv) उत्साहित/प्रेरित करने की योग्यता | | | |
| (v) रणनीतिक योजना की योग्यता/अभिनवता | | | |
| (vi) समन्वय योग्यता | | | |
| श्रेयों का सम्पूर्ण श्रेणीकरण | | | |
- कार्य निष्पादन निर्धारण (इस निर्धारण द्वारा अधिकारी और उसके समकक्षियों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए न कि साधारण जनता का । ग्रेड । से लेकर 10 तक पैमाने पर अंकों में दिए जाने चाहिएं जिसमें । अंक सबसे निचली ग्रेड और 10 सबसे उच्च ग्रेड का संकेत होगा । इस मद के लिए $30 \%$ की अधिमानता दी ज्ञाएगी) ।
| | रिपोर्ट अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी के
हस्ताक्षर |
| — | — | — | — |
| (i) कार्यों का योजनाबद्ध पूरा किया जाना | | | |
| (ii) कार्य करने की गुणवत्ता | | | |
| (iii) अवधि के दौरान अपवादिक कार्य/अकल्पित
कार्यों को पूरा करना | | | |
| कार्य निष्पादन का सम्पूर्ण श्रेणीकरण | | | |
- सत्यनिष्ठा
कृपया अधिकारी की सत्यनिष्ठा पर उसको वित्तीय सत्यनिष्ठा तथा उसकी नैतिक सत्यनिष्ठा दोनों को ध्यान में रखते हुए टीका टिप्पण करें । $\square$
$\square$
4. रिपोर्ट प्राधिकारी द्वारा शब्द-चित्रण ( Pen picture)
कृपया अधिकारी की संपूर्ण गुणवत्ता के बारे में (लगभग 100 शब्दों में) टीका टिप्पण करें जिसमें उसक सशक्त पहलू और कमजोर पहलू के बारे में उसकी अभिवृत्तियां शामिल होंगी । $\square$
$\square$
5. कार्य-क्षेत्र की सुपुर्दगी के लिए सिफारिश (किओं चार पर सहीं का निशान लगाएं)
| कृषि और ग्रामीण विकास | लोक नित्ता और वित्तीय प्रबंधन | |
|---|---|---|
| सामाजिक विकास | ज्ञाना और व्यापार | |
| संस्कृति और सूचना | आन्तरिक मामले और रक्षा | |
| प्राकृतिक संसाधन प्रबंध | आयाय और शहरी मामले | |
| ऊर्जा और पर्यावरण | कार्मिक और सामान्य प्रशासन, शासन सुधार, नियामक प्रणालियां | |
| सूचना प्रणालियां और सम्पर्क अवसरणना | विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
- 1 से 10 तक के पैमाने पर समग्र ग्रेड
रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी के हस्ताक्षर
दिनांक :
खंड-IV—पुनर्विलोकन
- क्या आप रिपोर्ट अधिकारी द्वारा खंड III में कार्य-निष्पादन और विभिन्न क्षेत्रों के मूल्यांकन से सहमत हैं ? क्या आप रिपोर्टिंग अधिकारी द्वारा एम.ओ.एस./अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, की असाधारण उपलब्धियाँ और प्रमुख असफलताओं के बारे में किए गए मूल्यांकन से सहमत हैं ?
(यदि आप क्षेत्रों के किसी भी संख्यात्मक मूल्यांकन से सहमत नहीं हैं तो कृपया उस खंड में आपके लिए दिए गए कॉलम में अपना मूल्यांकन रिकार्ड कीजिए तथा अपनी प्रविष्टियाँ उल्लिखित कर दें।)
| हां | नहीं |
|---|---|
- यदि राय में अंतर हो तो कृपया उसके थ्योरे और कारण का उल्लेख करें।
-
कृपया अधिकारी के सम्पूर्ण गुणों पर (लगभग 100 शब्दों में) अपनी टिप्पणी दें जिसके अंतर्गत उसके सशक्त पहलू एवं कमजोर पहलू के बारे में उल्लेख भी शामिल हो।
-
कार्य-क्षेत्र की सुपुर्दगी के लिए सिफारिश (किसी चार पर सही का निशान लगाएं):
| कृषि और ग्रामीण विकास | लोक वित्त और वित्तीय प्रबंधन |
|---|---|
| सामाजिक विकास | उद्योग और व्यापार |
| संस्कृति और सूचना | आन्तरिक मामले एवं रक्षा |
| प्राकृतिक संसाधन प्रबंध | आवास और शहरी मामले |
| ऊर्जा और पर्यावरण | कार्मिक और सामान्य प्रशासन, शासन सुधार, नियामक प्रणालियाँ |
| सूचना प्रणालियाँ और सम्पर्क अवसंरचना | विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
- 1 से 10 तक के पैमाने पर समग्र ग्रेड
पुनरीक्षण अधिकारी के हस्ताक्षर
दिनांक :
खंड-IV—स्वीकृति
- क्या आप रिपोर्ट अधिकारी/पुनर्विलोकन करने वाले अधिकारी की टिप्पणियों से सहमत हैं ?
| हां | नहीं |
|---|---|
- यदि राय में अन्तर हो तो उसके ब्यौरे और कारण दिए जाएं।
-
1 से 10 तक पैमाने पर समग्र ग्रेड
स्वीकृति देने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर
दिनांक :
भारत सरकार के सचिव या अपर सचिव अथवा समकक्ष स्तर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का प्ररूप भरे जाने हेतु साधारण मार्ग-दर्शक सिद्धांत
- प्रस्तावना :
1.1 कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है । यह अधिकारी के आगे और विकास के लिए आधारभूत और महत्वपूर्ण सामग्री प्रदान करता है । अत: यह अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी, पुनर्विलोकन करने वाले प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकार करने वाले प्राधिकारी को फार्म भरने का कार्य अत्यधिक जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए ।
1.2 कार्य-निष्पादन मूल्यांकन को एक न्यायिक प्रक्रिया के बजाए कॅरियर योजना तथा प्रशिक्षण के माध्यम के रूप में प्रयोग किया जाना चाहिए । रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी को यह महसूस करना चाहिए कि इसका प्रयोजन एक अधिकारी की प्रगति करना है ताकि वह अपनी वास्तविक क्षमता को पहचान सकें । यह त्रुटियां ढूँढने की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए बल्कि यह एक विकासशील साधन है । रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी, समीक्षा करने वाले प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकार करने वाले प्राधिकारी को, जिस अधिकारी की रिपोर्ट लिखी जा रही है, उसके कार्य-निष्पादन, व्यवहार अथवा समग्र व्यक्तित्व की कमियों को दर्शाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए ।
1.3 रिपोर्ट के स्तम्भ उचित सावधानीपूर्वक और ध्यानपूर्वक तथा पर्याप्त समय लगा कर भरे जाने चाहिए। लापरवाही से या सरसरी तौर पर रिपोर्ट भरने का कोई भी प्रयास सुगमता से उच्च प्राधिकारियों की पहचान में आ जाएगा ।
1.4 यद्यपि, कार्य-निष्पादन मूल्यांकन का वास्तविक प्रलेखीकरण एक वर्ष के अंत में की जाने वाली प्रक्रिया है अत: इस प्रयोजन के लिए कि यह मात्र न्यायिक प्रक्रिया न रह कर मानव संसाधन विकास, कॅरियर योजना और प्रशिक्षण के लिए एक साधन का कार्य करे, रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी और जिस अधिकारी की रिपोर्ट लिखी जा रही है, वे कार्य-निष्पादन के पुनर्विलोकन के लिए तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के लिए वर्ष के दौरान नियमित अंतराल पर मिलते हैं ।
- खण्ड-I
2.1 यह खण्ड प्रशासनिक प्रभाग/कार्मिक विभाग में भरा जाना चाहिए । रिपोर्ट की अवधि, समग्र रिपोर्टिंग वर्ष अर्थात् वर्ष का एक भाग अर्थात् 1 अप्रैल से 31 मार्च तक (3 माह से अधिक) कोई भी हो सकती है । यदि रिपोर्ट की अवधि पूरा एक वर्ष है, तो इसे तदनुसार दर्शाया जाना चाहिए उदाहरणार्थ 2007-2008 । यदि रिपोर्ट की अवधि पूरे एक वर्ष से कम है तो आरंभ और अंत की तारीख विनिर्दिष्ट रूप से निर्दिष्ट की जानी चाहिए उदाहरण के लिए 10 सितम्बर, 2007-31 मार्च, 2008 ।
2.2 वर्तमान ग्रेड (वेतनमान) और वर्तमान पद (वास्तविक पदनाम और संगठन) और वह तारीख, जिससे वह अपने वर्तमान पद पर कार्य कर रहा है/रही है से सम्बन्धित सूचना का उल्लेख किया जाना आवश्यक है ।
2.3 रिपोर्ट लिखने, पुनर्विलोकन करने और स्वीकार करने वाले प्राधिकारियों से संबंधित सारणी में रिपोर्ट लिखने वाले और पुनर्विलोकन करने वाले प्राधिकारियों के नामों तथा पदनामों का उल्लेख किया जाए ताकि उस अधिकारी को, जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, वह स्पष्ट ज्ञात हो कि उसे किस व्यक्ति की रिपोर्ट भेजनी अपेक्षित है ।
2.4 अधिकारी की ड्यूटी से अनुपस्थिति छुट्टी, प्रशिक्षण अथवा अन्य कारणों से की अवधि का भी उल्लेख, इस खण्ड में इस प्रयोजन के लिए दी गई सारणी में किया जाना चाहिए । उन प्रशिक्षणों जिनमें अधिकारी ने भाग लिया, सम्पत्ति विवरणी भरने की तारीख और जिस अधिकारी की रिपोर्ट लिखी जा रही है उसने अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों के पिछले वर्ष के वार्षिक कार्य-निष्पादन की रिपोर्ट लिख दी है/पुनर्विलोकन कर दिया है, का ब्यौरा इस प्रयोजन हेतु दी गई सारणी में किया जाना चाहिए ।
2.5 इस खण्ड में नियमित रूप से वार्षिक चिकित्सा परीक्षण का उपबंध करता है । 40 वर्ष से ऊपर की आयु के सभी अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है और चिकित्सा दुर्घटना छोड़कर 40 वर्ष से कम आयु के अधिकारियों के लिए यह समाप्त कर दिया जाए । अधिकारी के स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट के भाग-ग की एक प्रति प्रशासन/कार्मिक विभाग द्वारा कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ संलग्न की जाए और एक प्रति सेवा के सदस्य को प्रदान की जाए । स्वास्थ्य परीक्षण का प्रपत्र अनुसूची-2 में दिया गया है ।
3. खण्ड-II
यह खंड रिपोर्टगत अधिकारी से यह अपेक्षा करता है कि वह उस अधिकारी के बारे में, जिसके लिए वह रिपोर्टकर्ता अधिकारी है और अपने लिए संपत्ति विवरणी प्रस्तुत किए जाने, वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण वार्षिक कार्य योजना तैयार करने, के बारे में कतिपय प्रमाण-पत्र अभिलिखित करे । उस अधिकारी को स्वयं अपने लिए कार्य योजना तैयार करने के बारे में रिपोर्ट करनी होगी तथा उसक पास अवधि के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियों हेतु कोई टिप्पण संलग्न करने का विकल्प होगा ।
4. खण्ड-III
4.1 रिपोर्ट प्राधिकारी से यह अपेक्षित है कि वह कतिपय व्यवहार तथा कार्य-निष्पादन के बारे में संख्यात्मक ग्रेड अभिलिखित करे ।
4.2 इस खंड में रिपोर्टगत प्राधिकारी से नियोजित कार्य तथा आजीस्मिक कार्यो दोनों के संबंध में, उस रिपोर्टगत अधिकारी द्वारा निष्पादित कार्य के बारे में संख्यात्मक ग्रेड देना अपेक्षित है । निष्पादित कार्य की गुणवत्ता के संबंध में संख्यात्मक ग्रेड देना भी अपेक्षित है । ऐसा करते समय रिपोर्ट प्राधिकारी को उपगत लागतों में (क्या, वह अधिकारी गत लागत के प्रति सतर्क रहा है), लगे समय और क्या कार्य पूरा करने में अधिकधित निगमों/प्रक्रियाओं का पालन किया गया है, इन सब बातों को ध्यान में रखना चाहिए ।
4.3 खंड-III रिपोर्ट प्राधिकारी से यह अपेक्षा करता है कि वह रिपोर्टगत अधिकारी की सत्यनिष्ठा के संबंध में टिप्पणी करे । सत्यनिष्ठा संबंधी टिप्पणी अभिलिखित करते समय उसे केवल वित्तीय सत्यनिष्ठा से संबंधित मामले तक ही रहने की आवश्यकता नहीं है अपितु वह रिपोर्टगत उस अधिकारी की नैतिक और बौद्धिक सत्यनिष्ठा को भी ध्यान में रख सकेगा । सत्यनिष्ठा से संबंधित स्तम्भ को भरते समय निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए :-
(i) यदि अधिकारी की सत्यनिष्ठा संदेहास्पद नहीं है तो उसका उल्लेख करें।
(ii) यदि कोई संदेह या शंका है तो स्तम्भ रिक्त छोड़ देना चाहिए तथा निम्नानुसार कार्यवाही की जानी चाहिए :-
(क) एक पृथक गुप्त टिप्पणी अभिलिखित किया जाना चाहिए और उसका अनुसरण किया जाना चाहिए । टिप्पणी की एक प्रति कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ अगले उच्चतर अधिकारी को भी भेजी जानी चाहिए जो यह सुनिश्चित करेगा कि अनुवर्ती कार्रवाई शीघ्रता से की जाए । जहां सत्यनिष्ठा प्रमाणित करना या गुप्त टिप्पणी अभिलिखित करना संभव न हो, वहां रिपोर्ट अधिकारी यह उल्लेख करे कि यथास्थिति, उसने कोई निश्चित निर्णय पर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय तक अधिकारी के कार्य की निगरानी नहीं की है अथवा उसने अधिकारी के विरुद्ध कुछ नहीं सुना ।
(ख) यदि, अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप शंका अथवा संदेह दूर हो जाते हैं तो अधिकारी की सत्यनिष्ठा प्रमाणित की जानी चाहिए और कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में तदनुसार प्रविष्टि की जानी चाहिए ।
(ग) यदि शंका अथवा संदेह की पुष्टि हो जाती है तो इस तथ्य को भी अभिलिखित किया जाना चाहिए और उसे सम्यक् रूप से संबंधित अधिकारी को संसूचित किया जाना चाहिए ।
(घ) यदि, अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप शंका अथवा संदेह न तो दूर होते हैं और न ही उनकी पुष्टि होती है तो अधिकारी के आचरण पर कुछ और समय के लिए निगरानी रखी जानी चाहिए और तदनुसार ऊपर (ख) और (ग) में उपदर्शित किए गए अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ।
4.4 रिपोर्ट प्राधिकारी से यह भी अपेक्षित है कि वह रिपोर्टगत अधिकारी के सम्पूर्ण गुणों और कार्य-निष्पादन का ब्यौरेवार शब्द-चित्रण प्रस्तुत करे जिसके अंतर्गत कमजोर वर्गों के प्रति उस’हा व्यवहार भी है । यह 100 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए और उसमें अधिकारी के सबल पक्ष और दुर्बल पक्षों सहित सम्पूर्ण गुणों को शामिल करने का प्रयास करना चाहिए । इस शब्द-चित्रण का तात्पर्य, इस खंड के पूर्व भाग में किए गए परिमाणात्मक मूल्यांकन में गुणात्मक सामग्री जोड़ना भी है ।
4.5 इसकं बाद रिपोर्टगत प्राधिकारी से कार्य-क्षेत्र सौंपे जाने कं संबंध में सिफारिश करना अपेक्षित है । कार्य-क्षेत्र की सूची पैरा $10 \cdot 10$ दी गई है ।
4.6 अंत में रिपोर्ट प्राधिकारी से समग्र सम्पूर्ण एक ग्रेड अभिलिखित करना अपेक्षित है । इसे 1 से 10 कं पैमाने पर किया जाना चाहिए जिसमें निम्नतम ग्रेड 1 से लेकर अधिकतम ग्रेड 10 होंगे ।
5. खंड-IV
5.1 इस खंड को पुनर्विलोकन अधिकारी द्वारा भरा जाना है । उससे यह उगदर्शित करने की अपेक्षा है कि क्या वे रिपोर्ट अधिकारी द्वारा किए गए मूल्यांकन से सहमत हैं अथवा नहीं। असहमति को दशा में वह कार्य-निष्पादन अथवा किसी विशेषता कं संबंध में अपना स्वयं का मूल्यांकन इस प्रयोजन कं लिए विनिर्दिष्ट रूप से दिए गए स्तम्भ में अभिलिखित कर सकंगा । सहमति को दशा में उस विशेषताओं/कार्य-निष्पादन सारांणवों में उसकं लिए बनाए गए स्तम्भ को भरने की आवश्यकता नहीं है ।
5.2 पुनर्विलोकन प्राधिकारी से यह अपेक्षित है कि वह रिपोर्टगत अधिकारी की समस्त विशेषताओं और उसकं कार्य-निष्पादन जिसकं अंतर्गत कमजोर वर्गो कं प्रति उसका व्यवहार, शब्द चित्रण और कार्य-क्षेत्र सौंपे जाने से संबंधित सिफारिशें भी हैं, कं बारे में लगभग 100 शब्दों से अधिक ब्यौरे-वार शब्द-चित्रण अभिलिखित करें। अंत में उससे यह अपेक्षित है कि 1-10 पैमाने पर समग्र रूप से ग्रेड देना अभिलिखित करें।
6. खंड-V
6.1 यह खंड स्वीकृति देने वाले प्राधिकारी द्वारा भरा जाना है । उससे यह उपदर्शित करना अपेक्षित है कि क्या वह रिपोर्ट प्राधिकारी/पुनर्विलोकन प्राधिकारियों द्वारा किए गए मूल्यांकनों से सहमत है अथवा नहीं। मूल्यांकन राय में भिन्नता को दशा में उससे अपेक्षित है कि वह खंड-V की सारणी में इस प्रयोजन कं लिए विनिर्दिष्ट रूप से दिए गए स्तम्भ में उसकं ब्यौरे और कारण दे ।
7. संख्यात्मक ग्रेड
7.1 अनेक स्थानों पर रिपोर्ट प्राधिकारियों द्वारा संख्यात्मक ग्रेड दिए जाने होते हैं । ये 1-10 कं पैमाने पर होने चाहिए जिसमें । निम्नतम ग्रेड और 10 अधिकतम ग्रेड को निर्दिष्ट करता है । यह आशा की जाती है कि 1 अथवा दो की कोई भी ग्रेडिंग को विशिष्ट असफलताओं के रूप में शब्द-चित्रण में पर्याप्त रूप से न्यायसंगत ठहराया जाएगा और इसी प्रकार 1 अथवा 10 कं किसी भी ग्रेड को विशिष्ट कार्य उपलब्धियों कं संबंध में न्यायोचित ठहराया जाएगा । ग्रेड 1-2 और 9-10 चिरल स्थितियों में दिए जाने को उम्मीद की जाती है अतः इन्हें न्यायोचित ठहराए जाने की आवश्यकता है । संख्यात्मक ग्रेड प्रदान करते समय रिपोर्ट और पुनर्विलोकन प्राधिकारी को अधिकारी का मूल्यांकन, उसकं अनेक समकक्ष व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए जो वर्तमान में उसकं अधीन कार्यरत हैं अथवा पूर्व में उसकं साथ कार्य कर चुक हैं ।
7.2 वरीयता और औसत मूल्य
विशेषताओं और कार्य-निष्पादन को अधिमानता दी गई है । समस्त ग्रेड दिए गए अधिमान कं अनुपात में उपदर्शकों कं ब्यौरे प्रत्येक समूह/ब्यौरे-वार वर्णन करें। औसत मूल्य कं संयोजन कं आधार पर समस्त ग्रेड प्राधिकारी द्वारा दिए गए समस्त संख्यात्मक उपदर्शकों का औसत मूल्यांकन होगा ।
8. प्रकटन
8.1 मूल्यांकन को पद्धति में अधिक खुलापन होगा । वार्षिक कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट, समग्र ग्रेड और सत्यनिष्ठा सहित स्वीकार करने वाले प्राधिकारी द्वारा अंतिम रूप दिए जाने कं पश्चात् रिपोर्टगत अधिकारी को संसूचित की जानी चाहिए ।
8.2 अभ्यावेदन
रिपोर्टगत अधिकारी को कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणी देने का विकल्प होगा । ऐसी प्रकार की टिप्पणियां कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में अंतर्विष्ट किसी विशिष्ट तथ्यात्मक टिप्पणी तक सीमित हो सकेंगी जिसकं कारण उन विशेषताओं तथा कार्य-निष्पादन क्षमता कं अनुसार अधिकारी का मूल्यांकन हुआ । यदि टिप्पणियां प्रस्तुत की गई हों, तो रिपोर्ट/पुनर्विलोकन करने/स्वीकार करने वाले प्राधिकारी को उन्हें स्वीकार करने और तदनुसार पीएआर को उपान्तरित करने का विकल्प होगा । यदि टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाता है तो रिपोर्ट/पुनर्विलोकन/स्वीकार करने वाले प्राधिकारी की राय कारणों सहित रिपोर्टगत अधिकारी को संसूचित की जाएगी । तत्पश्चात् यदि रिपोर्टगत अधिकारी द्वारा वरोश किए जाने पर, यदि ऐसी वरोश की जाती है तो वह विषय को निर्देश बोर्ड को अग्रेषित किए जाने का अनुभव कर सकंगा । अभ्यावेदन का संबंध कंबल तथ्यों को गलतियों तक सीमित होगा न कि किसी बात तक । निर्देश बोर्ड अभ्यावेदन पर स्पष्ट निष्कर्ष देगा तथा मूल्यांकन पर उससे प्रभावित होने वाले मानदंडों कं संबंध में समग्र ग्रेडिंग सहित अद्वितीय विनिश्चय करेगा । प्रतिकूल प्रतिष्ठि को दशा में, प्रतिष्ठित तथा समग्र ग्रेडिंग को संसूचित किया जाए । यदि किसी प्रतिष्ठित को उच्च अथवा कम किया गया हो तो उसकं कारणों को कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में अभिलिखित किया जाएगा ।
- भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों को पूरा करने हेतु अनुसूची 9.1 निम्नलिखित अनुसूची का कड़ाई से पालन किया जायगा :-
रिपोर्ट करने का वर्ष-वित्तीय वर्ष
| क्रियाकलाप | अंतिम तारीख |
|---|---|
| रिपोर्ट अधिकारी और पुनर्विलोकन अधिकारी को विनिर्दिष्ट करते हुए रिपोर्टगत अधिकारी को प्रशासन/प्रभाग/कार्मिक विभाग द्वारा मूल्यांकन रिपोर्ट का प्रपत्रक दिया जाना | 1 जून |
| रिपोर्टगत अधिकारी द्वारा भाग-II में भरा जाना | 15 जून* |
| रिपोर्ट प्राधिकारी द्वारा मूल्यांकन | 15 जुलाई |
| पुनर्विलोकन प्राधिकारी द्वारा मूल्यांकन | 15 अगस्त |
| स्वीकार करने वाले प्राधिकारी द्वारा मूल्यांकन | 15 सितम्बर |
| रिपोर्टगत अधिकारी को प्रकटन | 30 सितम्बर |
| रिपोर्टगत अधिकारी की टिप्पणियां, यदि कोई हों (यदि नहीं हों तो कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को संप्रेषण) | 15 अक्तूबर |
| यदि रिपोर्टगत अधिकारी टिप्पणियां करता है तो रिपोर्टगत अधिकारी की टिप्पणियों का स्वीकार करने वाले अधिकारी द्वारा पुनर्विलोकन तथा रिपोर्ट लिखने वाले अधिकारी को अग्रेषित किया जाना | 31 अक्तूबर |
| रिपोर्ट प्राधिकारी की टिप्पणियां | 15 नवम्बर |
| पुनर्विलोकन प्राधिकारी की टिप्पणियां | 30 नवम्बर |
| स्वीकार करने वाले प्राधिकारी की टिप्पणियां/कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाना तथा उसे प्रकट करना | 15 दिसम्बर |
| रिपोर्टगत अधिकारी द्वारा निर्देश बोर्ड को अभ्यावेदन | 31 दिसम्बर |
| अभ्यावेदन को रिपोर्ट प्राधिकारी/पुनर्विलोकन प्राधिकारी/स्वीकार करने वाले प्राधिकारी की टिप्पणियों सहित निर्देश बोर्ड को अग्रेषित करना | 31 जनवरी |
| यदि रिपोर्टगत अधिकारी, स्वीकार करने वाले प्राधिकारी के विनिश्चय के विरुद्ध अभ्यावेदन करता है तो निर्देश बोर्ड द्वारा उसे अंतिम रूप दिया जाना | 28 फरवरी |
| रिपोर्टगत अधिकारी को प्रकटन | 15 मार्च |
| कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट की पूरी प्रक्रिया का अंत | 31 मार्च |
*उनसे केवल खंड-II में घोषणा भरने की अपेक्षा की जाती है।
9.2 पूरी कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट संवर्ग नियंत्रक प्राधिकारी के पास अगले वर्ष की 31 मार्च तक पहुंच जानी चाहिए । संवर्ग नियंत्रक प्राधिकारी प्राप्त न होने वाली कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों की सूची तैयार करेगा तथा संबंधित मंत्रालयों के सचिवों तथा क्रमश: राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ इस बारे में अनुवर्ती कार्यवाही करेगा। 9.3 राज्य में सचिव (कार्मिक) और केन्द्र में स्थापना अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी होंगे कि इस सेवा के सदस्यों की सम्यक् रूप से भरी हुई कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट संवर्ग नियंत्रक प्राधिकारी के पास अगले वर्ष की 31 मार्च तक भेज दी गई है। वे सेवा के उस प्रत्येक सदस्य की जिसकी रिपोर्ट लिखी जानी है और पुनर्विलोकन किया जाना है, की एक सूची प्रत्येक वर्ष की 15 अप्रैल तक रिपोर्ट/पुनर्विलोकन/स्वीकार करने वाले प्राधिकारी को भेजेंगे ताकि वे उपर्युक्त समय-सारणी के भीतर कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट को पूरा करने के लिए समर्थ बनाने हेतु भेजी जाएगी। 9.4 यदि किसी वित्तीय वर्ष से संबंधित कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट उस वर्ष के 31 दिसम्बर तक जिसमें वित्तीय वर्ष समाप्त होता है, तक अभिलिखित नहीं की जाती तो उसकें पश्चात् कोई टिप्पणी अभिलिखित नहीं की जाएगी। 9.5 रिपोर्ट प्राधिकारी, उस रिपोर्टगत अधिकारी की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में अपनी टीका-टिप्पणी समय के भीतर अभिलिखित करेगा और इसे नोडल प्राधिकारी को इसकी एक प्रति सहित भिजवाते हुए समीक्षा प्राधिकारी को भेजेगा।
9.6 नोडल अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त क्रियाविधि विकसित करेगा कि रिपोर्ट, पुनर्विलोकन और स्वीकार करने वाले प्राधिकारियों की टिप्पणियां निम्नलिखित पैरा 9.1 की अनुसूची में दी गई तारीखों के भीतर अभिलिखित की गई हैं ।
10. कार्य क्षेत्रों हेतु विभागों का मानचित्रण
I. कृषि और ग्रामीण विकास
(1) कृषि और सहकारिता विभाग
(2) कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग
(3) पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग
(4) कृषि और ग्रामोद्योग मंत्रालय
(5) ग्रामीण विकास विभाग
(6) पंचायती राज मंत्रालय
(7) भूमि संसाधन विभाग
(8) पेय जल आपूर्ति विभाग
(9) जाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग
(10) उपभोक्ता मामले विभाग
(11) खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
II. सामाजिक विकास
(1) स्वास्थ्य विभाग
(2) परिवार कल्याण विभाग
(3) आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक उपचार, यूनानी सिद्ध तथा होम्योपैथी विभाग (आयुष)
(4) माध्यमिक और ऊच्चतर शिक्षा विभाग
(5) प्राथमिक शिक्षा और साक्षरता विभाग
(6) महिला और बाल विकास विभाग
(7) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
(8) शहरी रोजगार और गरीबी उन्मूलन विभाग
(9) विदेशी भारतीय कार्य मंत्रालय
III. संस्कृति और सूचना
(1) सूचना और प्रसारण मंत्रालय
(2) संस्कृति मंत्रालय
(3) पर्यटन मंत्रालय
(4) जनजातीय कार्य विभाग
(5) युवा कार्य और खेल मंत्रालय
IV. प्राकृतिक संसाधन प्रबंध
(1) पर्यावरण और वन मंत्रालय
(2) जल संसाधन मंत्रालय
(3) महासागर विकास विभाग
(4) खान मंत्रालय
V. ऊर्जा और पर्यावरण
(1) परमाणु ऊर्जा विभाग
(2) गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत मंत्रालय
(3) कोयला मंत्रालय
(4) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
(5) विद्युत मंत्रालय
VI. संचार प्रणाली और संपर्क अवसंरचना
(1) नागर विमानन मंत्रालय
(2) सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
(3) दूर-संचार विभाग
(4) डाक विभाग
(5) सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग
(6) पोत परिवहन विभाग
VII. लोक वित्त और वित्तीय प्रबंध
(1) अपविनिधान विभाग
(2) व्यय विभाग
(3) आर्थिक कार्य विभाग
(4) राजस्व विभाग
(5) कंपनी कार्य मंत्रालय
(6) योजना आयोग
(7) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन
VIII. उद्योग और व्यापार
(1) औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग
(2) रसायन और पेट्रो-रसायन विभाग
(3) वाणिज्य विभाग
(4) भारी उद्योग विभाग
(5) उर्वरक विभाग
(6) वस्त्र मंत्रालय
(7) लोक उद्यम विभाग
(8) लघु उद्योग मंत्रालय
IX. आंतरिक कार्य और रक्षा
(1) रक्षा विभाग
(2) रक्षा उत्पाद विभाग
(3) रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग
(4) पूर्व सैनिक कल्याण मंत्रालय
(5) आंतरिक सुरक्षा विभाग
(6) संपदा विभाग
(7) राजभाषा विभाग
(8) गृह विभाग
(9) जम्मू-कश्मीर कार्य विभाग
(10) सीमा प्रबंधन विभाग
(11) पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
X. आवास और नगरीय कार्य
(1) नगरीय विकास मंत्रालय
XL. कार्मिक और साधारण प्रशासन, शासन सुधार, विनियामक प्रणाली
(1) कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
(2) प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
(3) पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग
(4) विधि कार्य विभाग
(5) विधायी विभाग
(6) न्याय विभाग
(7) मंत्रिमंडल सचिवालय
(8) श्रम और रोजगार मंत्रालय
(9) राष्ट्रपति सचिवालय
(10) संसदीय कार्य मंत्रालय
(11) प्रधानमंत्री कार्यालय
(12) संघ लोक सेवा आयोग
(13) निर्वाचन आयोग
XII. विज्ञान और प्रौद्योगिकी
(1) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
(2) वैज्ञानिक और औद्योगिकी अनुसंधान विभाग
(3) जैव प्रौद्योगिकी विभाग
(4) अंतरिक्ष विभाग
प्ररूप-III
(नियम 4 देखें)
अखिल भारतीय सेवा (कार्य निष्पादन रिपोर्ट) नियम, 2007
[भारतीय प्रशासनिक सेवा के उन अधिकारियों को लागू जो नियम 6(2)(ii) के अधीन प्रतिनियुक्ति पर हैं]
………………….. से ………………… तक की अवधि की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट
भाग-I-मूलभूत सूचना
( प्रशासनिक प्रभाग/कार्मिक विभाग द्वारा भरी जाप)
- रिपोर्टगत अधिकारी का नाम :
- सेवा :
- काडर :
- आबंटन का वर्ष :
- जन्म तिथि :
- वर्तमान ग्रेड :
- वर्तमान पद :
- वर्तमान पद पर नियुक्ति की तारीख :
- रिपोर्ट, पुनर्विलोकन करने वाला तथा स्वीकार करने वाला प्राधिकारी
| नाम और पदनाम | कार्य की अवधि | |
|---|---|---|
| रिपोर्ट प्राधिकारी | ||
| पुनर्विलोकन करने वाला प्राधिकारी | ||
| स्वीकार करने वाला प्राधिकारी |
- छुट्टी आदि पर रहने के कारण अनुपस्थिति की अवधि
| अवधि | प्रकार | निष्पणी | |
|---|---|---|---|
| छुट्टी पर (प्रकार विनिर्दिष्ट करें) | |||
| अन्य (विनिर्दिष्ट करें) |
- प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिनमें भाग लिया
| तारीख से | तारीख तक | संस्थान | विषय |
|---|---|---|---|
- पुरस्कार/सम्मान
- रिपोर्ट/पुनर्विलोकन प्राधिकारी के रूप में अधिकारी द्वारा न लिखी गई अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के संबंध में पृथ्वी यात्रा के कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट का ब्यौरा
- दिसम्बर मास में समाप्त होने वाले वर्ष के लिए सम्पत्ति विवरणों भरे जाने की तारीख :
- अंतिम विहित चिकित्सीय परीक्षण की तारीख (रिपोर्ट के भाग ‘ग’ की प्रति संलग्न करें ) :
तारीख : प्रशासन/कार्मिक विभाग …………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………
5(1) वितरित किए जाने वाले से आशयित कार्य-निष्पादन से मात्रात्मक या वित्तीय लक्ष्यों या शाब्दिक वर्णन के प्रतिनिर्देश के लिखित विवरण से है।
6(2) वास्तविक उपलब्धि से प्रत्येक कार्य के संबंध में मध्य वर्ष में यथा अद्यतन विनिर्दिष्ट वितरित किए जाने वाले से संबंधित उपलब्धि (जैसा कि वर्ष के मध्य में अद्यतन किया गया है) इस सारणी में भिन्नता का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया जाना है।
7(3) वितरित किए जाने वाले कार्य की आरंभिक सूची को रिपोर्टाधीन अवधि के आरंभ के एक मास के भीतर अंतिम रूप दिया जाना है।
8(4) वितरित किए जाने वाले मध्य वर्षीय सूची को रिपोर्टाधीन अवधि के आरंभ के 6 मास के भीतर अंतिम रूप दिया जाना है।
- रिपोर्टाधीन अवधि के दौरान क्या आपको विश्वास है कि आपने कोई विशेष योगदान किया है ? यदि ऐसा है, तो कृपया लिखित विवरण दें (100 शब्दों में) :
- घोषणा:
| क्या आपने अपनी स्थावर सम्पत्ति की, जो देय है, विवरण फाइल कर दिया है, यदि हां, तो कृपया तारीख का उल्लेख करें। | हां/नहीं | तारीख |
|---|---|---|
| क्या आपने विहित चिकित्सा जांच करा ली है ? | हां/नहीं | |
| क्या आपने सभी अधिकारियों की वार्षिक कार्य योजना का निर्धारण कर लिया है जिनके रिपोर्ट अधिकारी आप हैं ? | हां/नहीं |
तारीख : रिपोर्टगत अधिकारी का हस्ताक्षर
खण्ड-III
मूल्यांकन
- श्रेणी के निर्धारण (इस निर्धारण द्वारा अधिकारी और उसके समकक्षियों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए और न कि किसी साधारण व्यक्ति का । ग्रेड । से लेकर 10 तक पैमाने पर अंकों में दिया जाना चाहिए जिसमें अंक । सबसे निचली ग्रेड तथा 10 सबसे उच्च ग्रेड का संकेत होगा । इस मद के लिए 70% की तरजीह दी जाएगी) ।
| रिपोर्ट अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी के हस्ताक्षर | |
|---|---|---|---|
| (i) कार्य के प्रति अभिवृत्ति | |||
| (ii) निर्णय लेने की क्षमता | |||
| (iii) कार्यों को पहल | |||
| (iv) उत्साहित/प्रेरित करने की योग्यता | |||
| (v) रणनीतिक योजना को योग्यता/अभिनवता | |||
| (vi) समन्वय योग्यता | |||
| श्रेणी का सम्पूर्ण श्रेणीकरण |
- कार्य निष्पादन निर्धारण (इस निर्धारण द्वारा अधिकारी और उसके समकक्षियों को महत्व दिया जाना चाहिए और न कि सापारण जनता को । ग्रेड । से लेकर 10 तक पैमाने पर अंकों में दिए जाने चाहिएं जिसमें अंक । सबसे निचला ग्रेड और 10 सबसे उच्च ग्रेड का संकेत होगा । इस मद के लिए $30 \%$ की अधिमानता दी जाएगी) ।
| | रिपोर्ट अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी | पुनर्विलोकन अधिकारी क हस्ताक्षर |
| — | — | — | — |
| (i) योजनाबद्ध कार्यो का पूरा किया जाना | | | |
| (ii) कार्य करने की गुणवत्ता | | | |
| (iii) अवधि के दौरान अपवादिक कार्य/अकल्पित
कार्यों को पूरा किया जाना | | | |
| कार्य निष्पादन का सम्पूर्ण श्रेणीकरण | | | |
3. सत्यनिष्ठा
कृपया अधिकारी की सत्यनिष्ठा पर उसकी वित्तीय सत्यनिष्ठा और उसकी नैतिक सत्यनिष्ठा दोनों का ध्यान रखते हुए, पर टीकाटिप्पण करें : $\square$ $\square$ 4. रिपोर्ट प्राधिकारी द्वारा शब्द-चित्रण ( Pen picture )। कृपया अधिकारी के समस्त गुणों के बारे में (लगभग100 शब्दों में) टिप्पणी करें जिसके अंतर्गत उसके सशक्त पहलू और कमजोर पहलू के बारे में उसकी अभिवृत्तियां भी सम्मिलित होंगी। $\square$ $\square$ 5. कार्य क्षेत्र की सुपुर्दगी के लिए सिफारिश (किक्हों चार पर सही का निशान लगाएं) :
| कृषि और ग्रामीण विकास | लोक वित्त और वित्तीय प्रबंधन |
|---|---|
| सामाजिक विकास | उद्योग और व्यापार |
| संस्कृति और सूचना | आन्तरिक मामले और रक्षा |
| प्राकृतिक संसाधन प्रबंध | आवास और शहरी मामले |
| ऊर्जा और पर्यावरण | कार्मिक और सामान्य प्रशासन, शासन सुधार, नियामक प्रणालियां |
| सूचना प्रणालियां और सम्पर्क अवसंरचना | विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
- 1 से 10 तक के पैमाने पर सम्पूर्ण ग्रेड
रिपोर्ट प्राधिकारी के हस्ताक्षर तारीख :
खंड-IV—पुनर्विलोकन
- क्या आप रिपोर्ट अधिकारी द्वारा खंड-III में कार्य-निष्पादन और विभिन्न क्षेत्रों के मूल्यांकन से सहमत हैं ? क्या आप रिपोर्ट अधिकारी द्वारा एम.ओ.एस./अधिकारी जिसकी रिपोर्ट लिखी जा रही है, की असाधारण उपलब्धियों और प्रमुख असफलताओं के बारे में किए गए मूल्यांकन से सहमत हैं ?
(यदि आप क्षेत्रों के किसी भी संख्यात्मक मूल्यांकन से सहमत नहीं हैं तो कृपया उस खंड में आपको लिए दिए गए स्तम्भ में अपना मूल्यांकन अभिलिखित कीजिए तथा अपनी प्रविष्टियाँ उल्लिखित कर दें।)
| हां | नहीं |
|---|---|
- यदि राय में अंतर हो तो कृपया इसका विवरण और कारण का उल्लेख करें :
-
कृपया अधिकारी के सम्पूर्ण गुणों पर (लगभग 100 शब्दों में) अपनी टिप्पणी दें जिसके अंतर्गत उसके सशक्त पहलू और कमजोर पहलू के बारे में उल्लेख भी सम्मिलित है :
-
कार्य-क्षेत्र की सुपुर्दगी के लिए सिफारिश (किन्हीं चार पर सही का निशान लगाएं):
| कृषि और ग्रामीण विकास | लोक वित्त और वित्तीय प्रबंधन |
|---|---|
| सामाजिक विकास | उद्योग और व्यापार |
| संस्कृति और सूचना | आन्तरिक मामले और रक्षा |
| प्राकृतिक संसाधन प्रबंध | आवास और शहरी मामले |
| ऊर्जा और पर्यावरण | कार्मिक और सामान्य प्रशासन, शासन सुधार, नियामक प्रणालियाँ |
| सूचना प्रणालियाँ और सम्पर्क अवसंरचना | विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
- 1 से 10 तक के पैमाने पर सम्पूर्ण ग्रेड
तारीख :
पुनर्विलोकन अधिकारी के हस्ताक्षर
B#1G1/07-5
खंड VI- स्वीकृति
- क्या आप रिपोर्ट प्राधिकारी/यूनरीक्षण प्राधिकारियों की अभ्युक्तियों से सहमत हैं ?

- 1 से 10 तक पैमाने पर सम्पूर्ण ग्रेड
तारीख :
स्वीकृति करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर
भारतीय प्रशासनिक सेवा के ऐसे अधिकारियों द्वारा जो नियम 6(2)(ii) के अधीन प्रतिनियुक्ति पर हैं, कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट प्रारूप भरे जाने के लिए साधारण मार्ग दर्शक सिद्धान्त
1. प्रस्तावना :
1.1 कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है । यह अधिकारी के आगे और विकास के लिए आधारभूत और महत्वपूर्ण सामग्री प्रदान करता है । अत: यह अधिकारी (जात्की रिपोर्ट लिखी जा रही है, रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी, पुनर्विलोकन करने वाले प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकार करने वाले प्राधिकारी को फार्म भरने का कार्य अत्यधिक जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए ।
1.2 कार्य-निष्पादन मूल्यांकन को एक न्यायिक प्रक्रिया के बजाए कैरियर योजना तथा प्रशिक्षण के माध्यम के रूप में प्रयोग किया जाना चाहिए । रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी को यह महसूस करना चाहिए कि इसका प्रयोजन एक अधिकारी को प्रगति करना है ताकि वह अपनी वास्तविक क्षमता का पहचान करे । यह त्रुटियां एँगून को प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए बल्कि यह एक विकासशील साधन है । रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी, समोक्षा करने वाले प्राधिकारी और रिपोर्ट स्वीकार करने वाले प्राधिकारी को, जिस अधिकारी को रिपोर्ट लिखी जा रही है, उसके कार्य-निष्पादन, व्यवहार अथवा समग्र व्यक्तित्व की कमियों को दर्शाने में हिचकिचाना नहीं चाहिए ।
1.3 रिपोर्ट के स्तम्भ उचित सावधानीपूर्वक और ध्यानपूर्वक तथा पर्याप्त समय लगा कर भरे जाने चाहिए । लापरवाही से या सरसरी तौर पर रिपोर्ट भरने का कोई भी प्रयास सुगमता से उच्च प्राधिकारियों को पहचान में आ जाएगा ।
1.4 यद्यपि कार्य-निष्पादन मूल्यांकन का वास्तविक प्रलेखीकरण एक वर्ष के अंत में की जाने वाली प्रक्रिया है अत: इस प्रयोजन के लिए कि यह मात्र न्यायिक प्रक्रिया न रह कर मानव संसाधन विकास, कैरियर योजना और प्रशिक्षण के लिए एक साधन का कार्य कर, रिपोर्ट लिखने वाले प्राधिकारी और जिस आश्रकारी की रिपोर्ट लिखी जा रही है, वे कार्य-निष्पादन के पुनर्विलोकन के लिए तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के लिए वर्ष के दौरान नियमित अंतराल पर मिलते रहें।
2. खण्ड- 1
2.1 यह खण्ड प्रशासनिक प्रभाग/कार्मिक विभाग में भरा जाना चाहिए । रिपोर्ट की अवधि, समग्र रिपोर्टिंग वर्ष अर्थात् 1 अंप्रैल से 31 मार्च तक अथवा वर्ष का एक भाग ( 3 माह से अधिक) कोई भी हो सकती है । यदि रिपोर्ट की अवधि पूरा एक वर्ष है, तो उसे तदनुसार दर्शाया जाना चाहिए उदाहरणार्थ 2007-2008 । यदि रिपोर्ट की अवधि पूरे एक वर्ष से कम है तो आरंभ और अंत की तारीख विनिर्दिष्ट रूप से निर्दिष्ट की जानी चाहिए उदाहरण के लिए 10 सितम्बर, 2007-31 मार्च, 2008 ।
2.2 वर्तमान ग्रेड (वेतनमान) और वर्तमान पद (वास्तविक पदनाम और संगठन) और वह तारीख, जिससे वह अपने वर्तमान पद पर कार्य कर रहा है/रही है, से सम्बन्धित सूचना का उल्लेख किया जाना आवश्यक है ।
2.3 रिपोर्ट लिखने, पुनर्विलोकन करने और स्वीकार करने वाले प्राधिकारियों से संबंधित सारणी में रिपोर्ट लिखने, पुनर्विलोकन करने और स्वीकार करने वाले प्राधिकारियों के नामों तथा पदनामों का उल्लेख किया जाए ताकि उस अधिकारी को, जिसको रिपोर्ट लिखी जा रही है, यह स्पष्ट ज्ञात हो कि उसे किस व्यक्ति को रिपोर्ट भेजनी अपेक्षित है ।
2.4 अधिकारी की ड्यूटी से अनुपस्थिति, छुट्टी, प्रशिक्षण या अन्य कारणों से अनुपस्थिति की अवधि का भी उल्लेख, इस खण्ड में इस प्रयोजन के लिए दी गई सारणी में किया जाना चाहिए । उन प्रशिक्षणों जिनमें अधिकारी ने भाग लिया, सम्पत्ति विवरणी भरने की तारीख और जिस अधिकारी की रिपोर्ट लिखी जा रही है, उसने अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों के पिछले वर्ष से अधिक कार्य-निष्पादन की रिपोर्ट लिख दी है/पुनर्विलोकन कर दिया है, का ब्यौरा, इस प्रयोजन हेतु दी गई सारणी में किया जाना चाहिए ।
2.5 इस खण्ड में नियमित रूप से वार्षिक चिकित्सा परीक्षण का उपबंध है। 40 वर्ष से ऊपर की आयु के सभी अधिकारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है और चिकित्सा दुर्घटना को छोड़कर 40 वर्ष से कम आयु के अधिकारियों के लिए यह समाप्त कर दिया जाए । अधिकारी के स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट के भाग-ग की एक प्रति प्रशासन/कार्मिक विभाग द्वारा कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ संलग्न की जाए और एक प्रति सेवा के सदस्य को प्रदान की जाए । स्वास्थ्य परीक्षण का प्रपत्र अनुसूची-iv में दिया गया है ।
3. खण्ड-II
3.1 रिपोर्टाधीन अधिकारी के लिए पहले अपनी ड्यूटियों और जिम्मेदारियों का संक्षिप्त विवरण देना अपेक्षित है जो सामान्यतया 100 शब्दों से अधिक न हो । आदर्श रूप में, ये बुलेट रूप में होने चाहिएं ।
3.2 सभी अधिकारियों से यह अपेक्षित है कि वे वर्ष के लिए एक कार्य योजना विकसित करें और उसे रिपोर्ट अधिकारी के साथ तय करें । इस कार्य योजना में सापेक्षिक वार्षिक कार्य सामंजस्य और बजटीय चक्र सम्मिलित होना चाहिए । यह कवायद वर्ष के आरंभ में किया जाना है और इसे 30 अप्रैल तक अन्तिम रूप दे दिया जाना है । वर्ष के दौरान रिपोर्ट अधिकारी के बदल जाने की स्थिति में पिछले रिपोर्ट अधिकारी के साथ तय हुई कार्य योजना अनवरत रूप से लागू रहेगी । वर्ष के आरंभ में तय कार्य योजना की सितम्बर/अक्तूबर में मध्य वर्ष अभ्यास के रूप में पुन: पुनर्विलोकन किया जाना होता है और 31 अक्तूबर तक अंतिम रूप दिया जाना होता है । इस पुनर्विलोकन के आधार पर मूल रूप से तैयार की गई कार्य योजना में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं ।
3.3 कार्य योजना तैयार हो जाने के पश्चात्, यह संभव है कि रिपोर्टगत अधिकारी का स्थानान्तरण हो जाए । प्रलंरु वर्ष एक पद के लिए एक से अधिक कार्य योजना की आवश्यकता नहीं है । वर्ष के दौरान अधिकारी द्वारा बिताई गई अवधि और उससे योग्यता पर कार्य योजना के मद्देनजर उसके कार्य निष्पादन के मूल्यांकन के लिए विचार किया जा सकता है । मध्य अवधि स्थानान्तरणों की दशा 4, 46.11 तिमाही में कार्य की निरंतरता और मूल्यांकन और निम्नतर कार्य निष्पादन प्रोफाइल पर विचार किया जाना चाहिए ।
3.4 कार्य योजनाएं जो रिपोर्टगत अधिकारी और रिपोर्ट प्राधिकारी द्वारा सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित रूप में पुनर्विलोकन प्राधिकारी को उसके अनुशीलन और अभिरक्षा के लिए प्रस्तुत की जानी होती है । कार्य-निष्पादन मूल्यांकन प्रारूप वर्ष के आरंभ में तय और वर्ष के मध्य में पुनर्विलोकित कार्य योजना की तुलना में उपलब्धियों का मूल्यांकन के लिए उपबंध करता है । रिपोर्टगत अधिकारी के लिए खण्ड-II में इस प्रयोजन के लिए मुहैया कराई गई सारणी को भरना अपेक्षित है ।
3.5 यह आवश्यक नहीं है कि कार्य योजना पूर्णतया परिमाणात्मक प्रकृति की होनी चाहिए । जहां क्षेत्र स्तर के पदों के लिए कार्य योजना में आवश्यक रूप से परिमाणात्मक लक्ष्य होंगे, वहीं अनुसचिवीय स्तर के पदों के लिए इसमें पूरे किए जाने वाले नीति संबंधी उद्देश्य आदि होंगे ।
4. खण्ड-III
4.1 रिपोर्ट प्राधिकारी से यह अपेक्षित है कि वह कतिपय व्यवहार तथा कार्य-निष्पादन के बारे में संख्यात्मक ग्रेड अभिलिखित करे।
4.2 इस खंड में रिपोर्टगत प्राधिकारी से नियोजित कार्य तथा आकस्मिक कार्यों दोनों के संबंध में, उस रिपोर्टगत अधिकारी द्वारा निष्पादित कार्य के बारे में संख्यात्मक ग्रेड देना अपेक्षित है । निष्पादित कार्य की गुणवत्ता के संबंध में संख्यात्मक ग्रेड देना भी अपेक्षित है । ऐसा करते समय रिपोर्ट प्राधिकारी को उपगत लागतों में (क्या, वह रिपोर्टगत अधिकारी गत लागत के प्रति सतर्क रहा है), लगे समय और क्या कार्य पूरा करने में अधिकसित नियमों/प्रक्रियाओं का पालन किया गया है, इन सब बातों को ध्यान में रखना चाहिए ।
4.3 खण्ड III -रिपोर्ट प्राधिकारी से यह अपेक्षा करता है कि वह रिपोर्टगत अधिकारी की सत्यनिष्ठा के संबंध में टिप्पणी करे । सत्यनिष्ठा संबंधी टिप्पणी अभिलिखित करते समय उसे केवल वित्तीय सत्यनिष्ठा से संबंधित मामले तक ही रहने की आवश्यकता नहीं है अपितु वह रिपोर्टगत अधिकारी की नैतिक और बौद्धिक सत्यनिष्ठा को भी ध्यान में रख सकेगा । सत्यनिष्ठा से सम्बन्धित स्तम्भ को भरते समय निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए :-
(i) यदि अधिकारी की सत्यनिष्ठा संदेहास्पद नहीं है तो उसका उल्लेख करें।
(ii) यदि कोई संदेह या शंका है तो स्तम्भ रिक्त छोड़ देना चाहिए तथा निम्नानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए :–
(क) एक पृथक गुप्त टिप्पणी अभिलिखित की जानी चाहिए और उसका अनुसरण किया जाना चाहिए । टिप्पणी की एक प्रति कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट के साथ अगले उच्चतर अधिकारी को भेजी जानी चाहिए जो यह सुनिश्चित करेगा कि अनुवर्ती कार्रवाई शीघ्रता से की जाए । जहां सत्यनिष्ठा प्रमाणित करना या गुप्त टिप्पणी अभिलेखित करना संभव न हो, वहाँ रिपोर्ट अधिकारी यह उल्लेख करे कि यथास्थिति, उसने कोई निश्चित निर्णय पर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय तक अधिकारी के कार्य की निगरानी नहीं की है अथवा उसने अधिकारी के विरुद्ध कुछ नहीं सुना ।
(ख) यदि, अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप शंका अथवा संदेह दूर हो जाते हैं तो अधिकारी की सत्यनिष्ठा प्रमाणित की जानी चाहिए और कार्य-निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में तदनुसार प्रॉबष्टि की जानी चाहिए।
(ग) यदि शंका अथवा संदेह की पुष्टि हो जाती है तो इस तथ्य को भी अभिलिखित किया जाना चाहिए और उसे सम्यक् रूप से संबंधित अधिकारी को संसूचित किया जाना चाहिए।
(घ) यदि, अनुवर्ती कार्रवाई के परिणामस्वरूप शंका या संदेह न तो दूर होते हैं और न ही उनकी पुष्टि होती है तो अधिकारी के आचरण पर कुछ और समय के लिए निगरानी रखी जानी चाहिए और तदनुसार ऊपर (ख) और (ग) में उपदर्शित किए गए अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
4.4 रिपोर्ट प्राधिकारी से यह भी अपेक्षित है कि वह रिपोर्टगत अधिकारी के सम्पूर्ण गुणों और कार्य-निष्पादन का ब्यौरेवार शब्द-चित्रण प्रस्तुत करे जिसके अंतर्गत कमजोर वर्गों के प्रति उसका व्यवहार भी है। यह 100 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए और उसमें अधिकारी के संयत पक्ष और दुर्बल पक्षों सहित सम्पूर्ण गुणों को शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। इस शब्द-चित्रण का तात्पर्य, इस खंड के पूर्व भाग में किए गए परिमाणात्मक मूल्यांकन में गुणात्मक सामग्री जोड्ना भी है।
4.5 इसक बाद रिपोर्टगत प्राधिकारी से कार्य-क्षेत्र सौंपे जाने के संबंध में सिफारिश करना अपेक्षित है। कार्य-क्षेत्र की सूची पैरा 9 पर दी गई है।
4.6 अंत में, रिपोर्ट प्राधिकारी से सम्पूर्ण ग्रेड अभिलिखित करना अपेक्षित है। इसे 1 से 10 के पैमाने पर किया जाना चाहिए जिसमें निम्नतम ग्रेड 1 से लेकर अधिकतम ग्रेड 10 होंगे।
5. खंड-IV
5.1 इस खंड को पुनर्विलोकन अधिकारी द्वारा भरा जाना है। उससे यह उपदर्शित करने की अपेक्षा है कि क्या वे रिपोर्ट अधिकारी द्वारा किए गए मूल्यांकन से सहमत हैं अथवा नहीं। असहमति की दशा में वह कार्य-निष्पादन अथवा किसी विशेषता के संबंध में अपना स्वयं का मूल्यांकन इस प्रयोजन के लिए विनिर्दिष्ट रूप से दिए गए स्तम्भ में अभिलिखित कर सकेगा। सहमति की दशा में उन विशेषताओं/कार्य-निष्पादन मारणियों में उसक लिए बनाए गए स्तम्भ को भरने की आवश्यकता नहीं है।
5.2 पुनर्विलोकन प्राधिकारी से यह अपेक्षित है कि वह रिपोर्टगत अधिकारी की समस्त विशेषताओं और उसक कार्य-निष्पादन जिसक अंतर्गत कमजोर वर्गों के प्रति उसका व्यवहार, शब्द-चित्रण और कार्य-क्षेत्र सौंपे जाने से संबंधित सिफारिशें भी हैं, के बारे में लगभग 100 शब्दों से अधिक ब्यौरे-वार शब्द-चित्रण अभिलिखित करे। अंत में उससे यह अपेक्षित है कि 1-10 पैमाने पर समग्र रूप से ग्रेड देना अभिलिखित करे।
6. खंड-V
6.1 यह खंड स्वीकृति देने वाले प्राधिकारी द्वारा भरा जाना है। उससे यह उपदर्शित करना अपेक्षित है कि क्या वह रिपोर्ट प्राधिकारी/पुनर्विलोकन प्राधिकारियों द्वारा किए गए मूल्यांकनों से सहमत है अथवा नहीं। मूल्यांकन राय में भिन्नता की दशा में उससे अपेक्षित है कि वह खंड-V की सारणी में इस प्रयोजन के लिए विनिर्दिष्ट रूप से दिए गए स्तम्भ में उसक ब्यौरे और कारण दे।
7. संख्यात्मक ग्रेड
7.1 अनेक स्थानों पर रिपोर्ट और पुनर्विलोकन प्राधिकारियों द्वारा संख्यात्मक ग्रेड दिए जाने होते हैं। ये 1-10 के पैमाने पर होने चाहिएं जिसमें 1 निम्नतम ग्रेड को और 10 अधिकतम ग्रेड को निर्दिष्ट करता है। यह आशा की जाती है कि 1 अथवा 2 की कोई भी ग्रेडिग को विशिष्ट असफलताओं के रूप में शब्द-चित्रण में पर्याप्त रूप से न्यायसंगत ठहराया जाएगा और इसी प्रकार 1 अथवा 10 के किसी भी ग्रेड को विशिष्ट कार्य उपलब्धियों के संबंध में न्यायोचित ठहराया जाएगा। ग्रेड 1-2 और 9-10 विरल स्थितियों में दिए जाने की उम्मीद की जाती है अतः इन्हें न्यायोचित ठहराए जाने की आवश्यकता है। संख्यात्मक ग्रेड प्रदान करते समय रिपोर्ट और पुनर्विलोकन प्राधिकारी को अधिकारी का मूल्यांकन, उसक अनेक समकक्ष व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए जो वर्तमान में उसक अधीन कार्यरत हैं अथवा पूर्व में उसक साथ कार्य कर चुके हैं।
7.2 वरियता और औसत मूल्यांकन
विशेषताओं और कार्य निष्पादन को अधिमानतः दी गई है। समस्त ग्रेड दिए गए अधिमान के अनुपात में उपदर्शकों के प्रत्येक समूह के ब्यौरे/ब्यौरेवार वर्णन के औसत मूल्य के संयोजन पर आधारित होगा।
8. भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्टों की पूर्णता के लिए अनुसूची
सम्पूर्ण कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट अगले वर्ष के 31 मार्च तक संवर्ग नियंत्रक प्राधिकारी के पास पहुँच जानी चाहिए। संवर्ग नियंत्रण प्राधिकारी प्राप्त नहीं हुई कार्य निष्पादन मूल्यांन रिपोर्टों की एक सूची तैयार करेगा और इस बारे में संबंधित संगठनों के साथ अनुवर्ती कार्यवाही करेगा।
- कार्य क्षेत्रों हेतु विभागों का मानचित्रण
I. कृषि और ग्रामीण विकास
(1) कृषि और सहकारिता विभाग
(2) कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग
(3) पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग
(4) कृषि और ग्रामोद्योग मंत्रालय
(5) ग्रामीण विकास विभाग
(6) पंचायती राज मंत्रालय
(7) भूमि संसाधन विभाग
(8) पेय जल आपूर्ति विभाग
(9) खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग
(10) उपभोक्ता मामले विभाग
(11) खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
II. सामाजिक विकास
(1) स्वास्थ्य विभाग
(2) परिवार कल्याण विभाग
(3) आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक उपचार, यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी विभाग (आयुष)
(4) माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा विभाग
(5) प्राथमिक शिक्षा और साक्षरता विभाग
(6) महिला और बाल विकास विभाग
(7) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
(8) शहरी रोजगार और गरीबी उन्मूलन विभाग
(9) विदेशी भारतीय कार्य मंत्रालय
III. संस्कृति और सूचना
(1) सूचना और प्रसारण मंत्रालय
(2) संस्कृति मंत्रालय
(3) पर्यटन मंत्रालय
(4) जनजातीय कार्य विभाग
(5) युवा कार्य और खेल मंत्रालय
IV. प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन
(1) पर्यावरण और वन मंत्रालय
(2) जल संसाधन मंत्रालय
(3) महासागर विकास विभाग
V. ऊर्जा और पर्यावरण
(1) परमाणु ऊर्जा विभाग
(2) गैर-पारंपरिक ऊर्जास्रोत मंत्रालय
(3) कोयला मंत्रालय
(4) पैंट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
(5) विद्युत मंत्रालय
VI. संचार प्रणालियाँ और संपर्क अवसंरचना
(1) नागर विमानन मंत्रालय
(2) सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
(3) दूर-संचार विभाग
(4) डाक विभाग
(5) सड़क परिवहन और राजमार्ग विभाग
(6) पोत परिवहन विभाग
VII. लोक वित्त और वित्तीय प्रबंध
(1) विनिवेश विभाग
(2) व्यय विभाग
(3) आर्थिक कार्य विभाग
(4) राजस्व विभाग
(5) कंपनी कार्य मंत्रालय
(6) योजना आयोग
(7) सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
VIII. उद्योग और व्यापार
(1) औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग
(2) रसायन और पैंट्रो-रसायन विभाग
(3) वाणिज्य विभाग
(4) भारी उद्योग विभाग
(5) उर्वरक विभाग
(6) वस्त्र मंत्रालय
(7) सार्वजनिक उद्यम विभाग
(8) लघु उद्योग मंत्रालय
IX. आंतरिक कार्य और रक्षा
(1) रक्षा विभाग
(2) रक्षा उत्पाद विभाग
(3) रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग
(4) एक्स-सर्विसमैन कल्याण मंत्रालय
(5) अंतरिक सुरक्षा विभाग
(6) राज्य विभाग
(7) राजभाषा विभाग
(8) गृह विभाग
(9) जन्म-कश्मीर कार्य विभाग
(10) सीमा प्रबंधन विभाग
(11) पृथ्वीलर क्षेत्र विकास मंत्रालय
X. आवास और शहरी कार्य
(1) शहरी विकास मंत्रालय
XI. कार्मिक और सामान्य प्रशासन, शासन सुधार, विनियामक प्रणाली
(1) कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
(2) प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
(3) पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग
(4) विधि कार्य विभाग
(5) विधायी विभाग
(6) न्याय विभाग
(7) मंत्रिमंडल सचिवालय
(8) श्रम और रोजगार मंत्रालय
(9) राष्ट्रपति सचिवालय
(10) संसदीय कार्य मंत्रालय
(11) प्रधान मंत्री कार्यालय
(12) संघ लोक सेवा आयोग
(13) चुनाव आयोग
XII. विज्ञान और प्रौद्योगिकी
(1) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
(2) वैज्ञानिक और औद्योगिकी अनुसंधान विभाग
(3) जैव प्रौद्योगिकी विभाग
(4) अंतरिक्ष विभाग
प्रारूप IIIक
[ नियम 4 देखें ]
अखिल भारतीय सेवा (कार्य निष्पादन मुल्यांकन रिपोर्ट) नियम, 2007
अध्ययनार्थ छुट्टी/अध्ययन हेतु छुट्टी को कार्य निष्पादन रिपोर्ट
(भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को लागू)
(………………………………….. को समाप्त होने वाली वर्ष/अवधि हेतु)
क. वैयक्तिक डाटा
- अधिकारी का नाम
- काडर/आबंटन का वर्ष
- जन्मतिथि
- वर्तमान ग्रेड
शारीर
- अध्ययनार्थ छुट्टी/छुट्टी का ब्यौरा (क) पाठ्यक्रम (ख) संस्थान (ग) अवधि
- संस्थीकृत छुट्टी की अवधि
- डिग्री/प्रमाण-पत्र/डिप्लोमा और अवधि के दौरान प्राप्त मूल्यांकन का ब्यौरा (प्रतिलिपि संलग्न करें)
- वार्षिक समाप्ति विवरणी भरने को तारीख
ख. स्व-मूल्यांकन
$\square$
अधिकारी के हस्ताक्षर
तारीख :
दो प्रतियों में भरा जाए और राज्य और कंन्द्रीय सरकार में काडर नियंत्रक प्राधिकरणों को प्रस्तुत किया जाए ।
प्रारूप IIIख
[ नियम 4 देखें ]
अखिल भारतीय सेवा (कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट), नियम, 2007
प्रशिक्षण की कार्य निष्पादन रिपोर्ट
(भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को लागू )
(………………………………….. को समाप्त होने वाली वर्ष/अवधि हेतु)
क. वैयक्तिक डाटा
- अधिकारी का नाम
- काडर/आवंटन का वर्ष
- जन्मतिथि
- वर्तमान ग्रेड
तारीख
5. अध्ययनार्थ छुट्टी/छुट्टी का ब्यौरा (क) पाठ्यक्रम
(ख) संस्थान (ग) अवधि
6. संस्थीकृत छुट्टी की अवधि
7. डिग्री/प्रमाण-पत्र/डिप्लोमा और अवधि के दौरान प्राप्त मूल्यांकन के ब्यौरे (प्रतिलिपि संलग्न करें)
8. वार्षिक सम्पत्ति विवरणी भरने की तारीख
ख. स्व-मूल्यांकन,
$\square$
अधिकारी के हस्ताक्षर
तारीख :
दो प्रतियों में भरा जाए और राज्य और कंन्द्रीय सरकार में ” हर नियत्रक प्राधिकरणों को प्रस्तुत किया जाए ।
फार्म IV
[ नियम 3 देखें ]
अखिल भारतीय सेवा (कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट), नियम, 2007
स्वास्थ्य जांच हेतु प्रोफार्मा
नाम आयु
लिंग : पुरुष/महिला
संक्षिप्त रोग विषयक इतिवृत, यदि कोई हो :
महिला अधिकारी
अन्तिम प्रसव की तिथि सहित मासिक इतिवृत
और एल.एम.पी. इतिवृत्त का ब्यौरा
क. परीक्षण
शारीरिक
अन्वेषण :
हीमोग्राम
एच.बी. 5 :
टी.एल.सी.
डी.एल.सी.
पैरीफिरल स्मीयर
ब्लड शुगर
एफ.
पी.पी.
लिपिड प्रोफाइल
कुल कोलस्ट्रोल
एच. डी. एल. कोलस्ट्रोल
एल. डी. एल. कोलस्ट्रोल
बी. एल. डी. एल. कोलस्ट्रोल
ट्रिगलीसिरॉइड
लीवर फंक्शन टेस्ट
कुल बाइलिरूचिन
डायरेक्ट बाइलिरूचिन
इनडाइरेक्ट बाइलिरूचिन
एस.जी.ओ.टी.
एस.जी.पी.टी.
ए.एल.क. फोस्फेट्स
किडनी फंक्शन टेस्ट
यूरिया
क्रीएटिनाइन
यूरिक एसिड
इलैक्ट्रोलिट्स
एन.ए. +
कं
कौल्शियम
इनऑर्गेनिक फॉस्फेट्स
काईिएक प्रोफाइल सी.पी.कॉ. सी.कॉ.-एम.बी. एल.डी.एच. एस.जी.ओ.टी. पी.एस.ए, पी.ए.पी. स्मीयर मैमोग्राफी + मूत्र रूटीन माइक्रोस्कोपिक शुगर एल्बूमिन ई.सी.जी. + एक्स-रे चेस्ट अल्ट्रासाउंड उदर कोई अन्य अन्वेषण परामर्श (यदि चिकित्सकीय तौर पर सलाह दी गई हो तो मैमोग्राफी और एक्स-रे जांच की जाए) । ख : अधिकारी की चिकित्सा रिपोर्ट
| 1. | अधिकारी के हीमोग्लोबिन का स्तर | सामान्य/निम्न |
|---|---|---|
| 2. | ब्लड शुगर का स्तर | संतोषजनक/सामान्य/उच्च/निम्न |
| 3. | अधिकारी का कोलस्ट्रॉल का स्तर | सामान्य/उच्च/निम्न |
| 4. | लीवर फंक्शनिंग | संतोषजनक/सामान्य/डिसफंक्शनिंग |
| 5. | गुर्दे की स्थिति | सामान्य/दोनों एक गुर्दे के यथेष्ट रूप से काम नहीं कर रहे |
| 6. | कार्डिएक स्टेटस | सामान्य/बढ़ा हुआ/अवरोधित/सामान्य नहीं होने पर |
| 7. | महिला अधिकारियों की दशा में, क्या गायनी और मैमोग्राफी की जांच सामान्य है ? | सामान्य/सामान्य से कम |
ग. चिकित्सा रिपोर्ट का सार (कार्य निष्पादन मूल्यांकन रिपोर्ट में संलग्न किए जाने हेतु प्रतिलिपि)
| 1. | अधिकारी का सम्पूर्ण स्वास्थ्य | उत्कृष्ट/बहुत अच्छा/अच्छा/औसत |
|---|---|---|
| 2. | अधिकारी की स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा जांच के आधार पर कोई अन्य टिप्पणी | |
| 3. | स्वास्थ्य प्रोफाइल ग्रेडिंग | उत्कृष्ट/बहुत अच्छा/अच्छा/औसत |
तारीख : चिकित्सा प्राधिकारी के हस्ताक्षर पदनाम [ फा. सं. 11059/18/2002-अ.भा.सं. II ] जी. सी. पाण्डेय, अवर सचिव