In a significant development for a government employee, a long-pending request for state re-allotment, initially denied, has received a positive resolution. The individual had sought a transfer to a specific state but faced initial rejection based on perceived seniority and the availability of positions. Following a challenge in the High Court, the case underwent a thorough re-evaluation. A review of seniority records revealed that the employee was not as junior as initially assessed. Consequently, a committee recommended the transfer, contingent on a specific service condition: that the employee does not belong to a particular sub-cadre. This decision underscores the importance of transparent review processes and adherence to judicial directives in addressing administrative grievances. The final step involves a crucial verification by the relevant state department to confirm eligibility before the transfer is officially finalized, ensuring a fair outcome for the government personnel involved.
SOURCE PDF LINK :
Click to view full document content
संख्या 27/02/2012-SRS भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत तथा पैशन मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग)
तृतीय तल, लोक नायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली दिनांक : 22_जून, 2012
सेवा में,
- मुख्य सचिव
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ
- मुख्य सचिव
उत्तराखंड सरकार, देहरादून
विषय: माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखंड, नैनीताल में दायर एक रिट याचिका संख्या 205 (एस/बी) / 2011 – श्री शमशाद मोहम्मद खान बनाम भारत सरकार के निर्णय के क्रम में श्री शमशाद मोहम्मद खान के प्रत्यावेदन पर विचार।
महोदय,
उपर्युक्त विषय के संदर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि श्री शमशाद मोहम्मद खान द्वारा उत्तराखंड आवंटन हेतु दिये गए प्रत्यावेदन पर कई बार विचार हो चुका है। प्रत्यावेदन पर उनके द्वारा उल्लेख किया गया था की वह उत्तराखंड राज्य के विकल्पधारी होने के बावजूद उनका अंतिम आवंटन उत्तराखंड के लिए नहीं हुआ है।
- इस मामले में दिनांक 14-02-2011 को हुई बैठक में विभागीय प्रतिनिधि द्वारा समिति को अवगत करवाया गया कि श्री खान द्वारा वास्तव में उत्तराखंड राज्य का ही विकल्प दिया गया था। परंतु पदो की संख्या कम होने तथा विकल्पधारियो की संख्या ज्यादा होने तथा श्री खान का कनिष्ठतम होने के कारण समिति द्वारा उनके प्रत्यावेदन को निरस्त करने की संस्तुति की गई। तत्पश्चात समिति की संस्तुति के आधार पर भारत सरकार द्वारा जारी दिनांक 07.07.2011 के आदेश सं0 27/7/2011-SRS द्वारा इनका प्रत्यावेदन निरस्त किया गया।
- उपर्युक्त आदेश से क्षुब्ध होकर श्री शमशाद मोहम्मद खान द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में रिट याचिका संख्या 205 (एस/बी) / 2011 दायर की गयी। इस याचिका में उन्होने दावा किया है की वह विकल्पधारियो में कनिष्ठ नहीं है। अतः रिट याचिका के क्रम में मामले में पुन छानबीन की गयी। लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश, इल्लाहबाद के पत्र दिनांक 24/07/1997 के द्वारा निर्गत ज्येष्ठता सूची दिसम्बर, 2012 के अनुसार श्री शमशाद खान की ज्येष्ठता स्थिति इस प्रकार है :-
| क्रम संख्या | अवर अभियंता का नाम | ज्येष्ठता क्रमांक |
|---|---|---|
| 1. | श्री शमशाद मोहम्मद खान | 202 |
| 2. | श्री सूर्य प्रकाश मैठानी | 250 |
| 3. | श्री नरेंद्र कुमार सिंह | 396 |
| 4. | केदार सिंह बृजवाल | 509 |
- उपर्युक्त स्थिति से स्पष्ट है की श्री शमशाद मोहम्मद खान कनिष्ठतम नहीं है । समिति की दिनांक 09-02-2012 को हुई बैठक में मामले पर विचार किया गया । संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए गए ज्येष्ठता सूची के आधार पर श्री शमशाद मोहम्मद खान को विकल्पधारियों में कनिष्ठतम न पाते हुए समिति ने उनका अंतिम आवंटन उत्तराखंड परिवर्तित करने के लिए इस शर्त पर संस्तुति की है कि श्री शमशाद मोहम्मद खान पर्वतीय उपसंवर्ग के कार्मिक नहीं हो । समिति ने यह भी अपेक्षा की है कि इस आदेश पर कार्यवाही करने से पहले प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश द्वारा इसकी पुष्टि अवश्य की जाएगी कि श्री खान पर्वतीय उपसंवर्ग के कार्मिक तो नहीं है ।
-
भारत सरकार समिति की संस्तुति से सहमत है तथा तदनुसार श्री शमशाद मोहम्मद खान, अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के राज्य पुनरावंटन उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड इस शर्त पर किया जाता है कि वह पर्वतीय उपसंवर्ग के कार्मिक नहीं हो । परंतु इस आदेश पर कार्यवाही करने से पहले उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय विभाग द्वारा इसकी पुष्टि की जाएगी कि वह पर्वतीय उपसंवर्ग के कार्मिक नहीं है । संबन्धित कार्मिक से स्थिति के बारे में अवगत करवा दिया जाए ।
भवदीय, (सारंगधर नायक) अवर सचिव, भारत सरकार
प्रतिलिपि:-
- श्री प्रशांत त्रिवेदी, सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य पुनर्गठन समन्वय विभाग, 47, नवीन भवन, सचिवालय, लखनऊ -226001 ।
- अपर सचिव (स्वतंत्र प्रभार), पुनर्गठन विभाग, उत्तराखंड सरकार, देहरादून ।
