In a recent decision, the government has addressed the long-standing case of a Private Secretary working in Uttar Pradesh, whose state allocation was under review based on the marital policy. The core of the issue revolved around his wife’s previous cadre affiliation. Following a thorough reconsideration by a dedicated committee, it was definitively established that the officer’s wife was indeed a member of the Himalayan sub-cadre at the time of her initial allocation. This fact is crucial because it implies that, under existing legal provisions, there is no scope for transferring her to Uttar Pradesh or altering her original cadre. Consequently, the committee reaffirmed the earlier recommendation for an Uttarakhand allocation, rejecting the officer’s representation for a change. The government has concurred with this decision, upholding the original allocation and ensuring consistency in personnel management according to established guidelines. This concludes a protracted review, with the relevant departments and personnel now being informed of the final resolution.
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संख्या 27/02/2012-SRS
भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पैशन मंत्रालय
(कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग)
तृतीय तल, लोक नायक भवन,
खान मार्केट, नई दिल्ली
दिनांक : 27 जून, 2012
सेवा में,
- मुख्य सचिव
उत्तर प्रदेश सरकार
लखनऊ
2. मुख्य सचिव
उत्तराखंड सरकार,
देहरादून
विषय: सचिवालय प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश में कार्यरत श्री कल्याण सिंह, अपर निजी सचिव को दाम्पत्य नीति के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राज्य आवंटन पर विचार ।
महोदय,
मुझे उपर्युक्त विषय के संदर्भ में यह कहने का निदेश हुआ है कि श्री कल्याण सिंह, अपर निजी सचिव के दाम्पत्य नीति के अंतर्गत लंबित प्रकरण पर समिति के दिनांक 09-02-2012 को आयोजित बैठक में पुनर्विचार किया गया । यह प्रकरण पूर्व आयोजित दिनांक 17-10-2006 कि बैठक में इस कारण से स्थगित कर दिया गया था कि यह पता लगाया जा सके कि उनकी पत्नी श्रीमति रुक्मणी बिष्ट पर्वतीय उपसंवर्ग कि कार्मिक है या नहीं । समिति को उपलब्ध करवाया गया दस्तावेजों से स्पष्ट है कि श्रीमति बिष्ट तत्कालीन पर्वतीय उपसंवर्ग कि सदस्या थी तथा इसी आधार पर उनका आवंटन उत्तराखंड राज्य के लिए हुआ था ।
जब श्रीमति रुक्मणी बिष्ट पर्वतीय उपसंवर्ग कि सदस्या थी तो उन्हे उत्तर प्रदेश में तैनात करना तथा संवर्ग परिवर्तन करने का कोई विधिक प्रावधान ही नहीं है । श्री कल्याण सिंह, अपर निजी सचिव कि पत्नी श्रीमति रुक्मणी बिष्ट के संबंध में उपलब्ध कराये गए आख्या एवं साख्यौ जिसमे स्पष्ट है कि श्रीमति रुक्मणी बिष्ट पर्वतीय उपसंवर्ग कि सदस्या थी, के आधार पर समिति द्वारा प्रत्यावेदन को अस्वीकार करते हुए उनके उत्तराखंड राज्य के लिए कि गयी पूर्व आवंटन कि संस्तुति को यथावत बनाए रखा गया ।
2. भारत सरकार समिति की संस्तुति से सहमत है तथा तदनुसार श्री कल्याण सिंह, अपर निजी सचिव के प्रत्यावेदन को निरस्त करते हुए उनकी पत्नी का आवंटन यथावत बनाए रखा जाता है । संबन्धित कार्मिक से स्थिति के बारे में अवगत करवा दिया जाए ।
भवदीय,
(सारंगधर नायक)
अवर सचिव, भारत सरकार
प्रतिलिपि:-
- श्री प्रशांत त्रिवेदी, सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य पुनर्गठन समन्वय विभाग, 47, तवीग् भटन, सचिवालय, लखनऊ -226001 ।
- अपर सचिव(स्वतंत्र प्रभार), पुनर्गठन विभाग, उत्तराखंड सरकार, देहारादून ।
