This document details a decision regarding the re-allocation of Hariprakash Singh, an Assistant Agriculture Marketing Inspector, to Uttar Pradesh. The matter was considered by a consultative committee following a High Court order. Despite Mr. Singh’s representation claiming to be a native of Uttar Pradesh and seeking re-allocation due to personal and health reasons, the committee’s recommendation to reject his plea was upheld. This decision was based on the fact that his seniority and sufficient vacancies did not align for allocation to Uttar Pradesh, and his current allocation to Uttarakhand was based on seniority within his cadre. Therefore, Hariprakash Singh’s final allocation remains with the State of Uttarakhand.
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सं० 27/10/2013-एस०आर०एस० भारत सरकार
कार्मिक, लोक हिम्मयत तथा पेंबन मंत्रालय (कार्मिक और प्रहिमण विभाग)
तीसरा तल, लोकनायक भवन खान मार्किट, नई दिल्ली । ध्यनांक 07 जनवरी, 2014
सेवा में,
मुख्य सचिव
उत्तर प्रदेश शासन
सचिवालय, लखनऊ
उत्तर प्रदेश।
मुख्य सचिव
उत्तराखंड शासन
सचिवालय, देहरादून
उत्तराखंड।
विषय:- दिनांक 18.09.2013 को आयोजित परामर्श समिति की संस्तुति की अनुपालन में रिट याचिका संख्या 6304 (एस०/एस०)/2012 में माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ, लखनऊ द्वारा पारित अंतरिम आदेश दिनांक 08 नवम्बर, 2012 के अनुसार श्री हरिप्रकाश सिंह का उत्तर प्रदेश राज्य आवंटन पर विचार।
महोदय,
उपर्युक्त विषय के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि श्री हरिप्रकाश सिंह, सहायक कृषि विपणन निरीक्षक से उत्तर प्रदेश राज्य पुनरावंटन हेतु प्राप्त आवेदन पर परामर्श समिति की दिनांक 18.09.2013 को आयोजित बैठक में विचार किया गया। माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ द्वारा अपने अंतरिम आदेश दिनांक 08 नवम्बर, 2012 के तहत निम्न आदेश पारित किया गया:-
“In the meantime, as an interim measure it is hereby provided that petitioner shall send the copy of the representation dated 11.8.2008 within seven days from today through proper channel to opposite party no. 4 who shall place the same before the Committee constituted under notification dated 12.11.2007, thereafter the Committee shall take appropriate decision on the representation of the petitioner in accordance with law, expeditiously and pass appropriate orders. The opposite parties shall bring on record the decision so taken by the Committee on the next date.
Till the next date of listing petitioner shall not be compelled to join in the State of Uttarakhand.”
- श्री हरिप्रकाश सिंह द्वारा अपने दिनांक 11.08.2008 के प्रत्यावेदन, जिसकी प्रति रिट याचिका के साथ अनुलग्नक के रूप में संलग्न पाया गया, में कहा गया है कि वह उत्तर प्रदेश राज्य के मूल निवासी तथा विकल्पधारी है एवं उत्तर प्रदेश राज्य में ही संया करना चाहते हैं । उन्होंने यह भी कहा है कि वह अकेले अपने माता-पिताओं के देखभाल के लिये जिम्मेदारहैं तथा यदि उन्हें उत्तराखंड भेजा जाता है तो उन्हें अपने सामाजिक दायित्व से दूर होना होगा । उनके अनुसार उनका स्वास्थ्य ज्यादातर खराब रहता है तथा उत्तरांचल राज्य में कार्य करने योग्य नहीं है । किसी राज्य के लिये विकल्प देना तथा उसी राज्य का मूल निवासी होना उसी राज्य आवंटन के लिये यथेष्ट नहीं है । इच्छित राज्य आवंटन हेतु विकल्पियों में आपेक्षित वरिष्ठता तथा पर्याप्त रिक्तियों का होना आव्क्यक है । पुनः कनिष्ठतम होने के नाते श्री सिंह का आवंटन उत्तराखंड राज्य के लिये किया गया है । सहायक कृषि विपणन निरीक्षक/ सहायक वर्गीकरण निरीक्षक संवर्ग के सभी 15 कार्मिकों का उत्तराखंड राज्य के लिय आवंटन कनिष्ठता के आधार पर किया गया है । आवंटित कार्मिकों में उनका नवां स्थान है । प्रार्थी का कथन ‘उनका स्वास्थ्य उतारांचल राज्य में कार्य करने योग्य नहीं है,’ अस्पष्ट है तथा राज्य पुनर्गठन ख्रिनिदेहे से आच्छादित नहीं है । परिवार तथा समाज से संबंधित कारण सामान्य प्रकृति के हैं तथा राज्य पुनर्गठन ख्रिनिदेहे से आच्छादित नहीं है । अतः उपर्युक्त कारणों को संज्ञान में लेते हुए समिति द्वारा उनके प्रत्यावेदन निरस्त किये जाने कि संस्तुति की गयी ।
- भारत सरकार परार्ध्मी समिति की उपर्युक्त संस्तुति से सहमत है तथा तदनुसार श्री हरिप्रकाश सिंह का अंतिम आवंटन उत्तराखंड राज्य के लिये बना रहेगा ।
- कार्मिक को इस निर्णय के बारे में सूचित किया जाए ।
भवदीय,
(सारंगधर नायक)
(सारंगधर नायक)
प्रतिलिपि प्रेषित:-
- श्री अक्षेक घोष, प्रमुख सचिव, उदप्र० पुनर्गठन समन्वय विभाग, 46, बहुखण्डी भवन, सचिवालय, लखनऊ ।
- श्रीमती हेमलता डीडीवाल, सचिव, उत्तराखंड पुनर्गठन विभाग, सचिवालय, देहरादून ।