This notification introduces the “Lokpal (Declaration of Assets and Liabilities by Public Servants) Rules, 2014”, outlining the procedures for public servants to declare their assets and liabilities. It specifies the format and timelines for filing these declarations and annual statements. The rules also define certain exemptions, allowing public servants to be exempted from declaring specific assets if their value does not exceed a certain threshold. Various forms are provided for declaring movable and immovable assets, as well as debts and liabilities, for the public servant, their spouse, and dependent children. These declarations are crucial for transparency and accountability within public service.
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कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) अधिसूचना
नई दिल्ली, 14 जुलाई, 2014
सा.का.नि. 501(अ).—केंद्रीय सरकार, लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 (2014 का 1) की धारा 59 की उपधारा (2) का खंड (ट) और खंड (ठ) का साथ पठित उक्त अधिनियम की धारा 44 तथा धारा 45 का साथ पठित उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करता है। लोक सद्यकों द्वारा आस्तियों और दायित्वों की घोषणा अंतर्विष्ट करना, वाली सूचना और वार्षिक विवरण प्रस्तुत करना, का उपबंध करना, का लिए और उन आस्तियों, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी उक्त अधिनियम की धारा 45 का अधीन लोक सद्यक द्वारा ऐसी सूचना दक्षता सा छूट दी सका का न्यूनतम मूल्य का उपबंध करना, का लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :-
- संक्षिप्त नाम और प्रारंभ — (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम लोक सद्यक (सूचना और आस्तियों तथा दायित्वों की विवरणी दक्षता तथा विवरणियाँ फाइल करना) में आस्तियों की छूट का लिए सीमाएँ) नियम, 2014 है।
(2) यह राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होगा।
- परिभाषाएँ — इन नियमों में जब तक कि संदर्भ सा अन्यथा अपेक्षित न हो, —
(क) “अधिनियम” सा लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 (2014 का 1) अभिप्रत हैं ;
(ख) “परिशिष्ट” सााइन नियमों का परिशिष्ट अभिप्रत है;
(ग) “वार्षिक विवरणी” साधारा 44 की उपधारा (4) का अधीन लोक सघक द्वारा फाइल की जानावाली वार्षिक विवरणी अभिप्रत है ;
(घ) “घोषणा” साधारा 44 की उपधारा (1) का अधीन लोक सघक द्वारा की गई आस्तियों और दायित्वों की घोषणा अभिप्रत है ;
(ङ) “प्ररुप” सापरिशिष्ट – 2 में विलिर्दिष्ट कोई प्ररुप अभिप्रत है ;
(च) “सूचना” साधारा 44 की उपधारा (3) का अधीन लोक सघक द्वारा दी जाना वाली अपक्षित सूचना अभिप्रत है ;
(छ) “धारा” साअधिनियम की धारा अभिप्रत है ;
3. सूचना और वार्षिक विवरणी दााा की रीति – (1) प्रत्यक लोक सघक, यथास्थिति, उपधारा (2) या उपधारा (3) का अधीन अपक्षित सूचना और परिशिष्ट-2 में विलिर्दिष्ट प्ररुप 1 सा प्ररुप 4 में धारा 44 की उपधारा (4) का अधीन वार्षिक विवरणी का साथ परिशिष्ट 1 में विलिर्दिष्ट रूपविधान में धारा 44 की उपधारा (1) का अधीन अपनी आस्तियों और दायित्वों की घोषणा करहा ।
(2) प्रत्यक लोक सघक, उस वर्ष की 31 जुलाई को या उसका पूर्व धारा 2 की उपधारा (1) का खंड (ग) में यथानिर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी को प्रत्यक वर्ष का 31 मार्च को यथाविद्यमान अपनी आस्तियों और दायित्वों का विषय में यथास्थिति, घोषणा, सूचना या विवरणी फाइल करहाा :
परंतु वा लोक सघक जो ऐसा लोक सघकों को लागू नियमों का उपबंधों का अधीन संपत्ति की घोषणाएं, सूचना और वार्षिक विवरणियां फाइल कर चुका हैं, 15 सितंबर, 2014 को या उसका पूर्व सक्षम प्राधिकारी को 1 अगस्त, 2014 को यथा विद्यमान यथास्थिति, पुनरीक्षित घोषणाएं, सूचना वार्षिक विवरणी फाइल करैगा।
4. उन आस्तियों का न्यूनतम मूल्य जिन्हें सक्षम प्राधिकारी सूचना दााासा छूट दाासकणा — उन कारणों का लिए जो सक्षम प्राधिकारी किसी आस्ति की बाबत सूचना फाइल करनासा किसी लोक सघक को धारा 45 का परंतुक का अनुसार तब छूट दाासकणा यदि ऐसी आस्ति का मूल्य लोक सघक का चार मास का मूल वतन या दो लाख रुपया जो भी अधिक हो, सा अधिक नहीं है ।
परिशिष्ट – 1
[नियम 3(1) दखिए।
पहली नियुक्ति पर या 31 मार्च, 20…..*को यथाविद्यमान आस्तियों और दायित्वों की विवरणी (लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की धारा 44 का अधीन)
- लोक सघक का पूरा नाम (स्पष्ट अक्षरों में)
- (क) वर्तमान में धारित लोक स्थिति
(पदनाम, नाम
और संगठन का पता)
(ख) किस सखा सासंबंधित है (यदि लागू है)
घोषणा —
यह घोषणा करता हूँ कि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की धारा 44 का उपबंधों का अधीन, महाद्वारा, प्रस्तुत की जानाावाली सूचना की बाबत संलग्न विवरणी अर्थात् प्ररुप 1 साप्ररुप 4 महास्वाॅतम ज्ञान और विश्वास का अनुसार सत्य और ठीक है ।
तारीख
हस्ताक्षर
*पहली नियुक्ति की दशा में, कृपया नियुक्ति की तारीख उपदर्शित करे ।
टिप्पण 1. इस विवरणी में या तो उसका स्वयं का नाम या किसी अन्य व्यक्ति का नाम लोक सखक की सभी आस्तियों और दायित्वों की विशिष्टियां अंतर्विष्ट होंगी । विवरणी में लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की धारा 44(2) में यथाउपबंधित पति या पत्नी और आश्रित बालकों की आस्तियों/दायित्वों की बाबत ब्यौराासम्मिलित होंगाा।
(धारा 44(2) लोक सखक उस तारीख सााजिसको वह अपना पदयहण करनाका लिए शपथ लछा है या प्रतिजान करता है, तीस दिन की अवधि का भीतर सक्षम प्राधिकारी को-
(क) उन आस्तियों का संबंध में जिनका वह उसका पति या पत्नी और उसका आश्रित बालक संयुक्ततः या पृथकतः स्वामी या फायदाग्राही हैं ;
(ख) अपनाऔर अपनापति या पत्नी और अपनाआश्रित बालकों का दायित्वों का संबंध में, सूचना दहाा ।
टिप्पण 2. यदि कोई लोक सखक, या तो “कर्ता” या किसी सदस्य का रूप में कुटुंब की संपत्तियों में सह समांशी अधिकारों का साथ हिंदू अविभक्त कुटुंब का सदस्य है तो उसाऐसाा संपत्ति में अपनाआग का मूल्य प्ररुप सं. 3 की विवरणी में उपदर्शित करना चाहिए और जहां ऐसाााग का ठीक मूल्य उपदर्शित करना संभाव नहीं है वहां इसका लगभग मूल्य उपदर्शित हो, स्पष्टीकारक टिप्पणियों को जोड़ा जा सक्छाा, जहां कहीं आवश्यकता हो ।
टिप्पण 3. “आश्रित बालक” साऐसाा पुत्र और पुत्रियां अभिप्रत हैं जिनका पास उपार्जन का कोई पृथक साधन नहीं है और वा अपनी आजीविका का लिए पूर्णतः लोकसखक पर आश्रित हैं । (नीचा लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 की धारा 44(3) का स्पष्टीकरण ।
परिशिष्ट – 2 [नियम 3 (1) दखिए]
प्ररुप संख्या 1
लोकसघ्रक, उसका पति या पत्नी और आश्रित बालकों का ब्यौरा
| क्रम संख्या |
नाम | धारित लोक स्थिति यदि कोई हो |
क्या विवरणी, उसक द्वारा पृथक रुप साफाइल की जाती है |
|
|---|---|---|---|---|
| 1 | स्वयं | |||
| 2 | पति या पत्नी | |||
| 3 | आश्रित – 1 | |||
| 4 | आश्रित -2 | |||
| 5* | आश्रित – 3 |
*और पंक्ति जोड्य यदि आवश्यक है
तारीख
हस्ताक्षर
प्ररुप संख्या 2
पहली नियुक्ति पर या 31 मार्च, 20……………………को यथाविधमान जंगम संपत्ति का विवरण स्वयं, पति या पत्नी और आश्रित बालकों की जंगम संपत्ति का ब्यौरा
| क्रम संख्या |
वर्णन | रकम रुपय में | ||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| स्वयं | पति या पत्नी |
आश्रित 1 |
$\begin{aligned} & \text { आश्रित } \ & 2 \end{aligned}$ | आश्रित 3 |
|||
| (i) | हाथ में नकदी | | | ||||
| (ii) | बैंक खातों में जमा क ब्यौरा (एफ डी आर, निक्षप्रों की अवधि, बचत खातों सहित जमा का सभी अन्य प्रकार), वित्तीय संस्थाओं, गैर बैंककारी वित्त कंपनियों |
बैंक/वित्त संस्थाओं का नाम और जमा की प्रकृति |
| |
| और सहकारी सोसाइटियों में जमा और प्रत्यक्ष ऐसा जमा में रकम |
||||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| (iii) | बंधपत्रों, डिवैंचरों, शहरों में विलिधान का ब्यौरा और कंपनियों/ पारस्परिक निधियों में यूनिटें और अन्य |
कंपनी का नाम |
||||
| (iv) | राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, डाक बचत, बीमा पालिसियों में विलिधान का ब्यौरा और किसी डाकघर या बीमा कंपनी में किसी वित्त लिखतों में विलिधान |
विलिधान का नाम |
||||
| (v) | भविष्य निधि/नई पेंशन स्कीम में जमा का ब्यौरा |
विलिधान का नाम |
||||
| (vi) | वैयक्तिक उधार/किसी व्यक्ति को दिया गया अग्रिम या अस्तित्व जिसमें फर्म, कंपनी ल्यास आदि सम्भिलित हैं और ऋणियों सा अन्य प्राप्य तथा रकम (जो अधिक है (क) दो मास का मूल वछन, जहां लागू हैं, (ख) अन्य मामलों में एक लाख रुपय) |
ऋणी का नाम | ||||
| (vii) | मोटरयानों/वायुयानों/क्रीड़ा नौकाओं/पोत (निर्माण, रजिस्ट्रीकरण संख्या आदि, क्रय का वर्ष और रकम का ब्यौरा |
यान की प्रकृति, रजिस्ट्रीकरण की संख्या और क्रय का वर्ष |
| (viii) | आभूषण, बुलियत और मूल्यवान वस्तु(एं) (भार का ब्यौरा दi) |
सोना | |||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| चांदी | |||||||
| बहुभूल्य रत्न/बहुभूल्य धातु |
|||||||
| स्वर्ण | |||||||
| चांदी | |||||||
| बुलियत | बहुभूल्य रत्न/बहुभूल्य धातु |
||||||
| (ix) | कोई अन्य अस्तियां |
तारीख.
हस्ताक्षर.
टिप्पण 1 — संयुक स्वामित्व की सीमा उपदर्शित करताहुह संयुक नाम मे आस्तियों को भी दिया जाना होगा ।
टिप्पण 2 – निक्षपों/विनिधानों की दशा में, रकम, निक्षप्न की तारीख स्कीम, बैंक का नाम/संस्था और शाखा सहित ब्यौरा दिए जाएं ।
टिप्पण 3 — सूचीबद्ध कंपनियों और गैर सूचीबद्ध फर्मों का मामलामे बहियों की मूल की बाबत स्टाक एक्सचेंज में चालू बाजार मूल्य का अनुसार बंधपत्रों/शख्रर डिबैंचरों का मूल्य ।
टिप्पण 4 — प्रत्यक् विनिधान की बाबत रकम में सम्भिलित ब्यौरा पृथक रूप सादिए जाएं ।
टिप्पण 5 — ऊपर (i) सU(viii) का अंतर्गत नहीं आना(वालU(ix) का अधीन व्यष्टिक रूप सDदो मास सDअधिक का मूल वक़्त (जहां लागू हों) या 1.00 लाख रुपयDसDअधिक मूल्य की जंगम आस्तियों का ब्यौरा को उपदर्शित किया जाए ।
प्ररूप सं. 3
पहली नियुक्ति पर या 31 मार्च, 20
को यथाविद्यमान स्थावर संपत्ति का विवरण
(लोक सघ्रक, उसक) पति या पत्नी और आश्रित बालकों द्वारा धारित)
| क्रम संधया |
संपत्ति का वर्णन (सूभि/गृह/ फ्लैट/दुकान/ औघोगिक आदि) |
सुनिश्चित अवस्थिति का सार (जिला, प्रभाग, ताल्लुक और उस याम का नाम जिसमे संपत्ति अवस्थिति है और इसकी सुसिल्ल संधया आदि |
भूभि का क्षत्र (सूभि और भवनों का मामलों में) |
भूभि संपत्ति का मामलग में भूभि की प्रकृति |
हित का विस्तार |
यदि लोक सघ्रक का नाम नही है तो किसका नाम धारित है, उल्लख करे और उससग लोक सघ्रक की नातदारी, यदि कोई |
अर्जन की तारीख |
कैसे अर्जित की गई (क्या क्रय, बंधक, पट्टा विरासत, दान या अन्यया द्वारा है) और उस व्यक्ति व्यकियों का व्यौरा सहित नाम जिनसग अर्जित की गई है (पता और संबद् व्यक्ति/व्यकियों का सरकारी सघ्रक सग संबंध, यदि कोई है) कृपया नीचा टिप्पण 1 दख्ख और अर्जन की लागत |
संपत्ति का तारीख |
संपति का वर्तमान मूल्य (यदि ठीक मूल्य ज्ञात नं हो तो लगभग मूल्य उपदर्शित किया जाए) |
संपति सा) कुल वार्षिक आय |
टिप्पणियां | |||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | ||||
तारीख
हस्ताक्षर
टिप्पण — 1. स्तंभ 9 का प्रयोजन क) लिए, पट्टा “पद” सDवर्ष दर वर्ष सDकिसी एक वर्ष सDअधिक अवधि क) लिए या वार्षिक किराए क) लिए आरक्षित अवधि क) लिए स्थावर संपत्ति का पट्टा अभिप्रत्न होगा तथापि जहां स्थावर संपत्ति का पट्टा किसी ऐसDव्यक्ति सDप्राप्य होता है जिसका सरकारी सघ्रक क) साथ शासकीय संबंध है, ऐसDपट्टD की अवधि को चाहा यह अल्पकालिक हो या दीर्घकालिक हो और किराए क) संदाय की कालिकता पर ध्यान दिए बिना दर्शाया जाना चाहिए ।
प्ररुप सं. 4
पहली नियुक्ति पर या 31 मार्च, 20……………………..को यथाविघमान ऋणों और अन्य दायित्वों का विवरण
| क्रम संख्यांक | ऋणी (स्वयं/ पति या पत्नी या आश्रित बालक) |
रकम | लब्ध्दार का नाम और पता |
उपगत दायित्व की तारीख |
संव्यवहार क ब्याँरा |
टिप्पणियां |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
तारीख हस्ताक्षर
टिप्पण 1- 3धारों की व्यष्टिक मदें जो दो मास क्य मूल वक़्त सDअधिक नहीं हैं (जहां लागू हों) और अन्य मामलों में 1.00 लाख रुपयDहै, सम्मिलित किया जाना आवश्यक नहीं है ।
टिप्पण 2- विवरण में वाहन क्य क्रय, गृह निर्माण अग्रिम आदि (वक़्त और यात्रा भत्तDक्य अग्रिमों सDभिन्न), भविष्य निधि सDअग्रिम और उससD 3धार, क्य लिए अग्रिम जैसD नियोजक सD 3पलवध विभिन्न 3धारों और अग्रिम (टिप्पण 1 में दिए गए मूल्य सDअधिक) जीवन बीमा पालिसियों तथा सावधि जमाओं पर 3धार को भी सम्मिलित किया जाना चाहिए ।
[फा. सं. 407/12/2014-एवीडी-IV (ख)]
पी. क्य दास, संयुक्त सचिव