All India Services (Leave) Amendment Rules, 2011

A

This document introduces significant amendments to the All India Services (Leave) Rules, 1955, with a focus on enhancing leave provisions for female members of service, particularly concerning child adoption and care. Key changes include an increase in child adoption leave from 135 to 180 days, with specific provisions for women with fewer than two children under the age of one year. Paternity leave is introduced, allowing male members with less than two children to avail six months of paternity leave for adopting a child under one year old. Furthermore, a new child care leave provision is introduced for female members with children under 18, granting a maximum of 730 days of leave over their service period. The document also updates rules regarding the encashment of earned leave and half-pay leave, including provisions for both husband and wife being in service. These amendments are made effective retrospectively from September 5, 2008, with specific dates for certain provisions, aiming to ensure no member of service is adversely affected.

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HIS

The Gazette of India

असाधारण

EXTRAORDINARY

भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)

PART II—Section 3—Sub-section (i)

प्राधिकार से प्रकाशित

PUBLISHED BY AUTHORITY

सं. 523 नई दिल्ली, बुधवार, सितम्बर 21, 2011/धाद 30, 1933
No. 523 NEW DELHI, WEDNESDAY, SEPTEMBER 21, 2011/BHADRA 30, 1933

कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय

(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)

अधिसूचना

नई दिल्ली, 19 सितम्बर, 2011

सा.का.नि. 707(अ).—अखिल भारतीय सेवाएँ अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 3 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियाँ का प्रयोग करते हुए बौद्ध सरकार संबंधित राज्य सरकारों से परामर्श करने के बाद अखिल भारतीय (छुट्टी) नियमावली, 1955 में आगे और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्—

  1. (1) इन नियमों को अखिल भारतीय सेवाएँ (छुट्टी) संशोधन नियमावली, 2011 कहा जाएगा।
  2. ये नियम 1 सितम्बर, 2008 से प्रवृत्त होंगे।
  3. अखिल भारतीय सेवाएँ नियमावली, 1955 (आगे उक्त नियमावली के रूप में संदर्भित) में नियम 18 में:—
  4. (i) उपनियम (1) में शब्द और अंक “135 दिन” के लिए अंक और शब्द “180 दिन” प्रतिस्थापित किए जाएंगे; (ii) उपनियम (3) में शब्द “एक वर्ष” के लिए “दो वर्ष” प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
  5. उक्त नियमावली में, नियम 18 (क) के लिए निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्—
  6. (18 (क) बच्चे के दत्तक-ग्रहण पर सेवा के महिला सदस्य को छुट्टी—(1) सेवा का महिला सदस्य जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं एक वर्ष से कम आयु के बच्चे के वैध दत्तक-ग्रहण पर उसे ऐसे दत्तक-ग्रहण की तारीख के शीघ्र बाद 180 दिन की बाल दत्तक-ग्रहण छुट्टी दी जाएगी;

बशर्ते कि यदि सेवा के महिला सदस्य के पास ऐसे पहले ही दो अथवा अधिक जीवित बच्चे हों तो उसे दत्तक-ग्रहण के समय बाल-दत्तक ग्रहण छुट्टी अनुभव नहीं होगी।

(2) बाल दत्तक-ग्रहण छुट्टी के दौरान, ऐसे सदस्य को छुट्टी पर जाने से ठीक पहले आधारित वेतन के समान छुट्टी वेतन का भुगतान किया जाएगा।

(3) बाल दत्तक-ग्रहण छुट्टी को किसी भी अन्य प्रकार की छुट्टी के साथ संयोजित किया जा सकता है।

(4) उपनियम (1) के तहत स्वीकृत बाल दत्तक-ग्रहण छुट्टी के अनुक्रम में, कोई सेवा का कोई महिला सदस्य, किसी बच्चे को वैध रूप से गोद लेने पर यदि आवेदन वह करती है तो उसे यहां नीचे विनिर्दिष्ट अवधि और तरीके से देय और अनुभव प्रकार की छुट्टी (अधिकतर 60 दिनों की अवधि के लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए बिना परिवर्तित छुट्टी और अदेय छुट्टी सहित) स्वीकृत की जाएगी, अर्थात्—


(क) यदि गोद लेने की तारीख को गोद लिए गए बच्चे की आयु एक महीने से कम है तो एक वर्ष तक की छुट्टी की अनुमति दी जाएगी; (ख) यदि बच्चे की आयु छ: माह और ऊपर है लेकिन सात महीने से कम है तो छ: महीने तक की छुट्टी की अनुमति दी जाएगी; (ग) यदि बच्चे की आयु नौ महीने और ऊपर है लेकिन दस महीने से कम है, तो तीन महीने तक की छुट्टी की अनुमति दी जाएगी; (5) बाल दत्तक-ग्रहण छुट्टी, छुट्टी खाते से नहीं घटाई जाएगी ।

  1. उक्त नियमों में नियम 18 (ख) के बाद निम्नलिखित नियम प्रविष्ट किए जाएंगे, अर्थात्:-

“18(ग) बाल दत्तक-ग्रहण हेतु पितृत्व अवकाश – (1) सेवा का प्ररूप सदस्य (परिवीक्षाधीन सहित) जिनके दो से कम जीवित बच्चे हैं, को एक वर्ष से कम आयु के बच्चे को गोद लेने पर, गोद लेने की तारीख से छ: महीने की अवधि के अंदर सक्षम प्राधिकारी द्वारा 15 दिनों की अवधि के लिए पितृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाएगा:

बशर्ते कि ऐसी छुट्टी को किसी भी परिस्थितियों में मना नहीं किया जाएगा।

(2) पितृत्व अवकाश के दौरान, ऐसे सदस्य को छुट्टी पर जाने से ठीक पहले आहरित वेतन के समान छुट्टी वेतन का भुगतान किया जाएगा।

(3) पितृत्व अवकाश को किसी भी अन्य प्रकार की छुट्टी के साथ संयोजित किया जा सकता है।

(4) पितृत्व अवकाश को छुट्टी खाते से नहीं घटाया जाएगा।

(5) उपनियम (1) में विनिर्दिष्ट अवधि के अंदर यदि पितृत्व अवकाश नहीं किया जाता है तो ऐसी छुट्टी व्ययगत हुई मानी जाएगी।

18 (ध) सेवा के महिला सदस्य को संतान देखभाल अवकाश – (1) सेवा के महिला सदस्य, जिनके अवारह वर्ष से कम आयु के नाबालिग बच्चे हैं, को दो बच्चों तक की देखभाल के लिए सम्पूर्ण सेवा के दौरान सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकतम 730 दिन का संतान देखभाल अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।

(2) संतान देखभाल अवकाश की अवधि के दौरान, सदस्य को छुट्टी पर जाने से ठीक पहले आहरित वेतन के बराबर छुट्टी वेतन का भुगतान किया जाएगा।

(3) संतान देखभाल अवकाश को देष और अनुपत्य छुट्टी के साथ संयोजित किया जा सकता है।

(4) नियम 13 अथवा नियम 14 के उपनियम (1) में निहित चिकित्सा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता के बावजूद अधिकतम एक वर्ष तक की देष और अनुपत्य छुट्टी (अधिकतम 60 दिनों की परिवर्तित छुट्टी और अदेष छुट्टी सहित) यदि आवेदन किया गया है, उपनियम (1) के तहत स्वीकृत संतान देखभाल अवकाश के अनुक्रम में स्वीकृत किया जा सकता है।

(5) संतान देखभाल अवकाश एक से अधिक बार में लिया जा सकता है।

(6) संतान देखभाल अवकाश सेवा के सदस्य के छुट्टी खाते से नहीं घटाया जाएगा।”

  1. उक्त नियमों में, नियम 20 क में, –

“(i) उपनियम (1) में शब्दों, कोष्ठकों, आंकड़ों और अक्षर” अर्जित छुट्टी (अर्जित छुट्टी जिसके संबंध में नियम 20 ग के तहत नकदीकरण किया गया है के दिनों की संख्या सहित अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन) के संबंध में और शब्द और आंकड़े” जिस तारीख को सेवा से उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है उस तारीख को उनके खाते में उपलब्ध अर्जित छुट्टी और अर्ध वेतन छुट्टी यदि कोई हो, दोनों के संबंध में अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन और” प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

(ii) उपनियम (4) के लिए निम्नलिखित उपनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-

‘उपनियम (1) के तहत अर्ध वेतन छुट्टी घटक के संबंध में देष छुट्टी वेतन की गणना निम्नवत की जाएगी:

अर्धवेतन छुट्टी सेवानिवृत्ति की तारीख को अनुपत्य खाते में जमा अर्धवेतन छुट्टी के दिनों
घटक के बदले = छुट्टी वेतन जमा उस तारीख को की संख्या अधिकतम 300 अर्जित छुट्टी
नकद भुगतान अनुपत्य भंहगाई भत्ता और अर्धवेतन छुट्टी की शर्त के अधीन

बशर्ते की अर्जित छुट्टी में आई कमी को पूरी करने के लिए अर्धवेतन छुट्टी का संराशीकरण अनुपत्य नहीं होगा।’

  1. उक्त नियमों में, नियम 20(ख) में “उस अर्जित छुट्टी के दिवसों की संख्या सहित जिसके संबंध में नियम 20 ग के तहत नकदीकरण की गई है” हटा दिया जाएगा।

  1. उक्त नियमों में, नियम 20(ग) में,- (i) उपनियम (1) में (क) उपखण्ड (ii) हटा दिया जाएगा (ख) निम्नलिखित परन्तुक प्रविष्ट किया जाएगा, अर्थात् :- ” बशर्ते कि छुट्टी यात्रा रियायत प्राप्त करते समय दस दिनों तक की अर्जित छुट्टी का नकदीकरण छुट्टी यात्रा रियायत पर जाते समय सेवा के सदस्य द्वारा छुट्टी के दिनों की संख्या और प्रकृति से जुड़ा हुआ नहीं है। (ii) उपनियम (2) में, “घटाया जाएगा” शब्दों के लिए “घटाया नहीं जाएगा” शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे; (iii) उपनियम (3) के बाद निम्नलिखित उपनियम प्रविष्ट किया जाएगा, अर्थात्:- “(4) जहां पति और पत्नी दोनों सेवाओं के सदस्य हैं, छुट्टी यात्रा रियायत प्राप्त करते समय दस दिनों के बराबर की छुट्टी का नकदीकरण उपनियम (1) के उपखण्ड (i) के प्रावधानों की शर्त के अधीन दोनों को उपलब्ध होगा।” [व्याख्यात्मक ज्ञापन – छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिश के कार्यान्वयन के संबंध में भारत के असाधारण राजपत्र, भाग 1, खण्ड 1, में प्रकाशित भारत सरकार के संकल्प संख्या 1/1/2008 -आईसी, दिनांक 29 अगस्त, 2008 में व्यवस्था है कि महंगाई भत्ता को छोड़कर संशोधित भत्ते दिनांक 1 सितम्बर, 2008 से प्रवृत्त होंगे जिन्हें अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों के संबंध में लागू किया गया है । तदनुसार, नियम 20(ग)(1) में संशोधन जिन्हें 3 जून, 2009 से प्रवृत किया गया है और नियम 18 और नियम 18(ग) में संशोधन जिन्हें 22 जुलाई, 2009 से प्रवृत किया गया है और नियम 18 और नियम 18(ग) में संशोधन जिन्हें 22 जुलाई, 2009 से प्रवृत किया गया है, को छोड़कर इन नियमों को 5 सितम्बर, 2008 से प्रवृत किया गया है । यह प्रमाणित किया जाता है कि इन नियमों को भूतलक्षी प्रभाव से प्रवृत करने के कारण सेवा का कोई भी सदस्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं होगा] [एफ सं. 11019/27/2008-अ.भा.से. III] नवनीत मिश्रा, अवर सचिव टिप्पणी: मुख्य नियम अधिसूचना सं. 5/2/53- अ.भा.से. (II) दिनांक 12 सितम्बर, 155 द्वारा भारत के राजपत्र में सा.का.नि. 1979, दिनांक 17 सितम्बर, 1955 के तहत प्रकाशित किए गए और निम्नलिखित द्वारा संशोधित किए गए :-

| क्रम
संख्या | अधिसूचना संख्या | दिनांक | सा.का.नि.सं. | प्रकाशन की तारीख |
| — | — | — | — | — |
| 1. | 14/9/66-एआईएस (III) | 19-10-1966 | 1633 | 29-10-1966 |
| 2 | 14/2/68-एआईएस (III) | 05-09-1968 | 1562 | 14-09-1968 |
| 3 | 7/1/73-एआईएस (III) | 02-01-1975 | 39 | 18-01-1975 |
| 4 | 1/9/74-एआईएस (III) | 10-06-1975 | 754 | 21-06-1975 |
| 5 | 11019/5/76-एआईएस(III) | 20-06-1977 | 815 | 25-06-1977 |
| 6 | 11019/7/76-एआईएस(III) | 20-06-1977 | 816 | 26-06-1977 |
| 7 | 25011/46/76-एआईएस (III) ख | 28-03-1978 | 451 | 08-04-1978 |
| 8 | 11019/9/76-एआईएस (III) | 17-07-1977 | 1109 | 31-07-1976 |
| 9 | 11019/13/77-एआईएस (III) | 01-07-1977 | 431(ई) | 01-07-1977 |
| 10 | 11019/3/1977-एआईएस (III) | 28-06-1978 | 894 | 15-07-1978 |
| 11 | 11019/14/1978-एआईएस (III) | 27-01-1979 | 190 | 10-02-1979 |