Amendments to the Indian Administrative Service (Probation) Rules, 1954

A

The Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions, Department of Personnel and Training, has issued a notification amending the Indian Administrative Service (Probation) Rules, 1954. These amendments, effective from January 1, 2015, introduce a new proviso to Rule 5(2). This new condition stipulates that individuals who are within four years of retirement upon entry into IAS service, or have completed the Career Advancement Training Program Category-III after entry, will not be nominated for probation training. Consequently, the existing proviso in sub-rule (2) will not apply in such cases.

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The Gazette of India

असाधारण

EXTRAORDINARY

भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)

PART II—Section 3—Sub-section (i)

प्राधिकार से प्रकाशित

PUBLISHED BY AUTHORITY

सं. 651] नई दिल्ली, शुक्रवार, दिसम्बर 5, 2014 /अग्रहायण 14, 1936

No. 651] NEW DELHI, FRIDAY, DECEMBER 5, 2014 /AGRAHAYANA 14, 1936

कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय

(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)

अधिसूचना

नई दिल्ली, 4 दिसम्बर, 2014

सा.का.नि. 873(अ).—केन्द्र सरकार, अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की धारा 3 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा राज्य सरकारों से परामर्श के पश्चात् भारतीय प्रशासनिक सेवा (परिवीक्षा) नियमावली, 1951 को और संशोधित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, नामतः—

  1. (1) इन नियमों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (परिवीक्षा) संशोधन नियमावली, 2014 कहा जा सकेगा।
  2. (2) ये 01.01.2015 से प्रभावी होंगे।
  3. भारतीय प्रशासनिक सेवा (परिवीक्षा) नियमावली, 1954 में नियम 5 के उप-नियम (2) के लिए निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा, नामतः—

“इसके अतिरिक्त यह भी शर्त है कि किसी परिवीक्षाधीन जिसके पास आईएएस में प्रवेशन के समय अधिवर्धित पर सेवानिवृत्ति हेतु चार वर्ष से कम की सेवा शेष हो अथवा उसने प्रवेशन के पश्चात कैरिअर मध्य प्रशिक्षण कार्यक्रम श्रेणी-III पूरा कर लिया हो, को प्रवेश-प्रशिक्षण के लिए नामित नहीं किया जाए। ऐसे मामलों में उपर्युक्त उप-नियम का प्रथम परंतुक लागू नहीं होगा।”

[फा. सं. 11058/03/2014-अभाग-111]

जिश्नु बरुआ, संयुक्त सचिव


टिप्पणीः -मुख्य अखिनियम, दिनांक 8 सितम्बर, 1954 को सा.का.नि. सं. 152(अ) के तहत भारत के राजपत्र, भाग-II, खंड-3 उप-खंड (i) में प्रकाशित किए गए थे और तत्पश्चात निम्नलिखित के तहत संशोधित किए गए थे:-

क. सं. सा.का.नि. सं. दिनांक
(i). 13/01/57-अभागे (III) 17 मार्च, 1958
(ii). 2/1/61-अभागे (I) 05 जून, 1961
(iii). 165 02 फरवरी, 1963
(iv). 1163 22 अगस्त, 1964
(v). 101 28 जनवरी, 1967
(vi). 944 24 जून, 1967
(vii). 1426 03 अगस्त, 1968
(viii). 1882 26 अक्तूबर, 1968
(ix). 4/36/65-अभागे-(III)-क 06 मई, 1969
(x). 1216, 1219 24 मई, 1968
(xi). 1086 23 अगस्त, 1969
(xii). 22/4/71-अभागे (III)-क 21 अगस्त, 1971
(xiii). 13/4/71-अभागे (I) 11 जनवरी, 1972
(xiv). 388 01 अप्रैल, 1972
(xv). 1248 22 सितम्बर, 1972
(xvi). 471 18 मई, 1974
(xvii). 22/2/71-अभागे-(III)-क 15 जून, 1974
(xviii). 39 02 जनवरी, 1975
(xix). 904 26 जून, 1976
(xx). 1019 17 जुलाई, 1976
(xxi). 1360 25 सितम्बर, 1976
(xxii). 1767 25 दिसम्बर, 1976
(xxiii). 1397 02 अक्तूबर, 1976
(xxiv). 11037/6/77-अभागे (III) 10 जून, 1978
(xxv). 453 09 मई, 1981
(xxvi). 555 30 जुलाई, 1983
(xxvii). 11037/3/87-अभागे (III) 25 अगस्त, 1986
(xxviii). 639 23 जून, 1989
(xxix). 638 (क) 23 जून, 1989
(xxx). 11037/2/98-अभागे-III 07 जून, 1999
(xxxi). 354 14 सितम्बर, 2002
(xxxi). 379 (क) 11 मई, 2011