All India Services (Pension) Amendment Regulations, 2013

A

This document details amendments to the All India Services (Pension) Regulations, 1959, concerning the commutation of pension. Key changes involve the application of revised commutation tables effective from January 1, 2006, and September 2, 2008, particularly for those whose pensions matured between those dates. It addresses scenarios where pension amounts are revised retrospectively due to pay and pension modifications, outlining how commutation values should be adjusted. The regulations also clarify the treatment of partial commutation and provide updated commutation value tables. Finally, it specifies changes to forms D and E, replacing the term ‘part’ with ‘percentage’.

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असाधारण EXTRAORDINARY

भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)

प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY

सं. 485] नई दिल्ली, शुक्रवार, सितम्बर 20, 2013/चाह 29, 1935
No. 485] NEW DELHI, FRIDAY, SEPTEMBER 20, 2013/BHADRA 29, 1935

कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)

अभिसूचना

नई दिल्ली, 20 सितम्बर, 2013

साःका.नि. 647(अ) —अखिल भारतीय सेवाएं अधिनियम, 1951 (1951 का 61) की उप-भारा (1), जिसे धारा 3 की उप-भारा (1ए) के साथ पढ़ा जाए, में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा अखिल भारतीय सेवाएं (मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 के नियम 25 के अनुसरण में भारत सरकार संबंधित राज्य सरकारों से परामर्श के उपरांत अखिल भारतीय सेवाएं (पेंशन का सारांशीकरण) विनियम, 1959 में और संशोधन करते हुए निम्नलिखित विनियम बनाती है, अर्थात् :-

  1. (1) इन विनियमों को अखिल भारतीय सेवाएं (पेंशन का सारांशीकरण) संशोधन विनियमों, 2013 कहा जा सकेगा ।
  2. (2) ये विनिमय 2 सितम्बर, 2008 से लागू माने जाएंगे ।
  3. अखिल भारतीय सेवाएं (पेंशन का सारांशीकरण) विनियम, 1959 (इसके बाद इन विनियमों को उक्त विनियम कहा जाएगा) विनियम 3 में –
  4. (क) उप-विनियम (1) में –
  5. (i) द्वितीय परंतुक को निम्नलिखित परंतुकों से प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :— “बशर्ते कि यदि सेवा का कोई सदस्य जनवरी 2006 के प्रथम दिन और सितंबर, 2008 के प्रथम दिन के बीच सेवानिवृत्त हो रहा हो, ने पूर्व-संशोधित वेतनमान का विकल्प दिया हो, तो ऐसे मामले में पेंशन का सारांशीकरण जनवरी, 2006 के प्रथम दिन से पूर्व में लागू नियमों और आदेशों के नियमानुसार देय होगा” ।

“बशर्ते यह भी कि सेवा के वे सदस्य जिनकी पेंशन का सारांशीकरण जनवरी, 2006 के प्रथम दिन अथवा उसके पश्चात् परंतु सितम्बर, 2008 के दूसरे दिन के पूर्व देय हो गया हो, पूर्व संशोधित वेतन अथवा पेंशन के आधार पर पेंशन के सारांशीकरण के भुगतान हेतु पूर्व संशोधित सारांशीकृत मूल्यांकन तालिका को प्रयोग में लाया जाएगा और ऐसे पेंशनभोगियों के संबंध में इन विनियमों के साथ संलग्न पेंशन हेतु सारांशीकृत मूल्यांकन की संशोधित तालिका को भूतलक्षी प्रभाव से वेतन संशोधन तथा पेंशन के लिए सारांशीकरण हेतु देय पेंशन की अतिरिक्त राशि के सारांशीकरण हेतु प्रयोग में लाया जाएगा”;
(ख) उप-विनियम (2) हेतु, निम्नलिखित उप-विनियम को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
” (2) यदि पेंशन के भाग को सारांशीकृत किया जाना है और उसका परिणाम स्पए का भाग है, तो स्पए के ऐसे भाग को सारांशीकरण के प्रयोजनार्थ नज़रअंदाज कर दिया जाएगा”
(3) इन विनियमों के विनियम 4क में तीसरे परंतुक के बाद निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा, नामत:-
“बशर्ते यह भी कि यदि सारांशीकृत राशि का भुगतान, पेंशन के उर्ध्वमुखी संशोधन के लिए एक से अधिक अवसरों पर किया गया था तो पेंशन की संबंधित सारांशीकृत राशि को संबंधित तिथि से 15 वर्ष पूरे होने के उपरांत पुनःबहाल कर दिया जाएगा”
(4) इन विनियमों के विनियम 4क के पश्चात् निम्नलिखित विनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, नामत:-
“4ख अंतिम पेंशन का भूतलक्षी प्रभाव से संशोधन-सेवा का कोई सदस्य जिसने अपनी अंतिम पेंशन के कुछ प्रतिशत का सारांशीकरण किया हो, और सारांशीकरण के उपरांत उसकी पेंशन संशोधित हो गई हो और सरकार के निर्णय के फलस्वरूप भूतलक्षी प्रभाव से बढ़ गई हो तो सेवा के सदस्य को बढ़ी हुई पेंशन के संदर्भ में निर्धारित सारांशीकृत मूल्य और पहले से प्राधिकृत सारांशीकृत मूल्य के अंतर का भुगतान किया जाएगा । अंतर के भुगतान हेतु आवेदक को पुन: आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है;
“बशर्ते कि, ऐसे आवेदक के मामले में जिसने सिविल सर्जन अथवा किसी जिला चिकित्सा अधिकारी के द्वारा फिट घोषित किए जाने के उपरांत अपनी मूल पेंशन का कुछ प्रतिशत सारांशीकृत किया हो, जो छह हजार स्पए से अधिक नहीं है और पेंशन के भूतलक्षी प्रभाव से बढ़ने के परिणामस्वरूप वह प्रतिमाह छह हजार स्पए से अधिक की राशि को सारांशीकृत करवाने हेतु पात्र हो गया हो तो उसे बिना अन्य चिकित्सा जांच के छह हजार प्रतिमाह का सारांशीकृत मूल्य और मूल वेतन की सारांशीकृत मूल्य के प्रतिशत के मध्य का अंतर देय होगा । छह हजार स्पए प्रतिमाह से अधिक किसी राशि के सारांशीकरण को नए सारांशीकरण के रूप में लिया जाएगा और तभी दिया जाएगा जब चिकित्सा बोर्ड द्वारा जांच कर ली जाएगी” ।
(5) इन विनियमों के विनियम 5 में, उप विनियम (5) में, टिप्पणी में शब्दों “अथवा भाग” जहां भी कहीं आएगा उसका लोप कर दिया जाएगा ।
(6) इन विनियमों के विनियम 7क में, –
(क) उप विनियम (1) में “राज्य” शब्द का लोप कर दिया जाएगा;
(ख) उप विनियम (3) में निम्नलिखित परंतुक को अंतःस्थापित किया जाएगा, नामत:
“बशर्ते कि अधिवर्षिता पर सेवानिवृत्ति के मामले में उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि की अगली तिथि से पेंशन का सारांशीकरण हो जाएगा यदि उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति से पूर्व सारांशीकरण हेतु आवेदन किया है” ।


(7) इन विनियमों की अनुसूची ख के लिए निम्नलिखित अनुसूची को प्रतिस्थपित किया जाएगा, अर्थात्:-

अनुसूची ‘ख’ एक रूपए प्रतिमाह की पेंशन हेतु सारांशीकृत मूल्यांकन 1 जनवरी, 2006 से प्रभावी [देखें विनियम 7(2)]

| अगले जन्म
दिवस पर
आयु | खरीदे गए वर्षो की
संख्या के रूप में
अभिव्यक्त
सारांशीकृत मूल्य | अगले जन्म
दिवस पर
आयु | खरीदे गए वर्षो की
संख्या के रूप में
अभिव्यक्त
सारांशीकृत मूल्य | अगले जन्म
दिवस पर
आयु | खरीदे गए वर्षो की
संख्या के रूप में
अभिव्यक्त
सारांशीकृत मूल्य |
| — | — | — | — | — | — |
| 20 | 9.188 | 41 | 9.075 | 62 | 8.093 |
| 21 | 9.187 | 42 | 9.059 | 63 | 7.982 |
| 22 | 9.186 | 43 | 9.040 | 64 | 7.862 |
| 23 | 9.185 | 44 | 9.019 | 65 | 7.731 |
| 24 | 9.184 | 45 | 8.996 | 66 | 7.591 |
| 25 | 9.183 | 46 | 8.971 | 67 | 7.431 |
| 26 | 9.182 | 47 | 8.943 | 68 | 7.262 |
| 27 | 9.180 | 48 | 8.913 | 69 | 7.083 |
| 28 | 9.178 | 49 | 8.881 | 70 | 6.897 |
| 29 | 9.176 | 50 | 8.846 | 71 | 6.703 |
| 30 | 9.173 | 51 | 8.808 | 72 | 6.502 |
| 31 | 9.169 | 52 | 8.768 | 73 | 6.296 |
| 32 | 9.164 | 53 | 8.724 | 74 | 6.085 |
| 33 | 9.159 | 54 | 8.678 | 75 | 5.872 |
| 34 | 9.152 | 55 | 8.627 | 76 | 5.657 |
| 35 | 9.145 | 56 | 8.572 | 77 | 5.443 |
| 36 | 9.136 | 57 | 8.512 | 78 | 5.229 |
| 37 | 9.126 | 58 | 8.446 | 79 | 5.018 |
| 38 | 9.116 | 59 | 8.371 | 80 | 4.812 |
| 39 | 9.103 | 60 | 8.287 | 81 | 4.611 |
| 40 | 9.090 | 61 | 8.194 | | |

[आधार: एलआईसी (94-96) अंतिम तालिकाएं तथा 8.00\% ब्याज]

व्याख्यात्मक ज्ञापन

छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के कारण यह आवश्यक हो गया है कि जब से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रभावी बनाया गया है उस तिथि से प्रस्तावित संशोधनों को भूतलक्षी प्रभाव से लागू किया जाए । यह प्रमाणित किया जाता है कि प्रस्तावित संशोधनों को भूतलक्षी प्रभाव से लागू करने से किसी भी व्यक्ति के हितों को हानि नहीं पहुंचेगी ।


पेंशन के समस्त सारांशीकरण जो 2 सितम्बर, 2008 से देय हो गई है, के लिए इन नियमों के साथ संलग्न पेंशन के लिए सारांशीकृत मूल्य की संशोधित तालिका का प्रयोग किया जाएगा और उन पेंशनभोगियों के मामले मे जिनकी परिपक्व का सारांशीकरण 1 जनवरी, 2006 को अथवा इसके उपरांत परंतु 2 सितम्बर, 2008 से पूर्व देय हो गया हो को पूर्व- संशोधित वेतन अथवा पेंशन पर आधारित पेंशन के सारांशीकरण का भुगतान करने के लिए पूर्व संशोधित पेंशन के सारांशीकृत मूल्य तालिका का प्रयोग किया जाएगा और ऐसे पेंशनभोगियों के संबंध में इन नियमों के साथ संलग्न पेंशन सारांशीकृत मूल्य की संशोधित तालिका का पेंशन की अतिरिक्त राशि के सारांशीकरण जो वेतन और पेंशन के भूतलक्षी संशोधन के परिणाम स्वरूप सारांशीकरण हेतु देय हो गया है, के लिए प्रयोग किया जाएगा। (8) इन विनियमों के साथ संलग्न फार्म घ एवं ङ में आने वाले “भाग” शब्द को “प्रतिशतता” द्वारा प्रति:स्थापित किया जाएगा। [फा. सं. 29018/21/2012-एआईएस5-II] मनोज कुमार द्विवेदी, निदेशक (सेवाएं) पाद टिप्पणी:- मुख्य विनियम भारत के राजपत्र में दिनांक 24.06.1959 के सा.का.नि. संख्या 714 द्वारा प्रकाशित किए गए थे और तदनुसार संशोधित किए गए :-

क्र. सं. सा.का.नि. संख्या तिथि
1. 177 20.02 .60
2. 1197 17.09 .77
3. $227(3)$ 06.04 .78
4. 941 14.07 .97
5. 718 19.12 .97
6. $779(3)$ 21.11 .02