A significant amendment has been introduced concerning the benefits available to members of the All India Services. These new provisions, officially named the All India Services (Death-cum-Retirement Gratuity) Fourth Amendment Rules, 1975, came into effect retrospectively from January 8, 1975. The core of the update involves a new rule governing additional payments from provident fund deposits upon the unfortunate demise of a service member. To qualify for this enhanced benefit, certain conditions must be met: the individual’s provident fund balance must not have dropped below Rs. 3,000 at any point during the three years preceding their death, and they must have completed a minimum of five years of service. Furthermore, there’s a specific cap on insurance protection, limited to Rs. 10,000, with rules about how larger fund amounts are considered for this additional advantage. This retrospective application aligns with previous directives from the Ministry of Finance and is designed to benefit members without any adverse impact.
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25011/1/75-3041061 (11)
भारत सरकार
मंत्रिमंडल सचिवालय
कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग
नई दिल्ली-110001, दिनांक 19 जुलाई/1975
अधिनियम
सेवा अधिनियम, 1951 (1951 BT 61) को e m 3 की उप धारा(1) दूवारा-प्रदत्त: शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार, सम्बन्ध राज्यों की सरकारों से परामर्श करने के पश्चात, अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु- तथा सेवा- नियुति प्रभुत्विकािा) नियम, 1958 में वैर संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनती है, अर्थात:-
1. (1) इन नियमों का नाम अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु तथा सेवा-नियुति/प्रभुत्विकािा) चतुर्थ संशोधन नियम, 1975 है ।
(2) ये 8 जनवरी, 1975 से प्रयुक्त हुए समग्र ज्ञात्गं ।
2. अखिल भारतीय सेवा (मृत्यु तथा-सेवा नियुक्ति/प्रभुत्विकािा) नियम, 1958 में नियम 19 के पश्चात, निम्नलिखित नियम कीदा ज्ञात्गा, अर्थात:-
“19. क सेवा के सदस्यों के लिए जमा से संबंधिता वो मा क्योमः- सेवा के को , अखिल (भविष्य e ), 1955 से उद्योग उसकी भविष्य-निधि में जमा रकम . को प्राप्त करने के इरुवा: कार्यकर्ता ए. के सदस्य को मृत्यु के ठोक पूर्ववर्ती तीन वर्षो के दौरान उक्त प्रार: में अपने दोबन अतिशेष के बराबर अतिरिक्त रकम निम्नलिखित शर्ते पूरी करने पर मंजूर की ज्ञात्गी, अर्थात:-
(क) उक्त तीन वर्ष को अवधि में उक्त प्रार्ति में किसी भी समय अतिशेष 3000 रु0 के कम न हुआ हो ।
(घ) बीमा का संरक्षण 10,000 रु0 तक को राशि तक उपबन्धा होगी और निधि में In, 000 स्थर से अधिक राशि की उस अति रिक्त फायदे के प्रथोजन के लिए गणना क में नहीं लिया ज्ञात्गा ;
(ग) यह लाभ तभी अनुरूप होगा जब सेवा के सदस्य ने अपनी मृत्यु के समय तक कम से कम पाँच वर्ष सेवा की हो ।
(रु0के0गुप्ता)
अवर सचिव, भारत सरकार।
सेवा में,
प्रबन्धक,
भारत सरकार मुद्रणालय, रिंग रोड,
नई दिल्ली।अभिव्यात्मक ज्ञापन
अप्रैल भारतीय सेवाएँ (मृत्यु तथा सेवानिवृत्ति प्रवृत्तिःगएँ) नियम, 1958 की 8 जनवरी, 1975 से भूतलजो प्रभाव से संशोधित किया जा रहा है, क्योंकि वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) के दिनांक 8 जनवरी, 1975 के कार्यालय ज्ञापन सँग्या रूप- 9 (10)-ई०वी (वी) 173 में दी गई व्यवस्थाओं की अप्रैल भारतीय सेवाओं के सदस्यों पर उसी तारीख से लागू किया गया है । इन नियमों की भूतलजो प्रभाव से लागू किए जाने से किसी भी अधिकारी पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की सम्भावना नहीं है ।
(ए० के० गुप्ता)
अवर साँच्च भारत सरकार