Indian Police Service (Pay) (Amendment) Rules, 1978

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A significant update has been issued regarding the pay structure for those serving in the Indian Police Service. This new regulation outlines a clear methodology for fixing an officer’s salary when they transition from a lower pay scale to a higher one, as specified in Schedule 3. The revised guidelines ensure that pay is determined at a stage in the higher scale that exceeds the previous earnings, preventing any financial disadvantage during promotion. Furthermore, the rules address how annual increments are integrated and clarify the treatment of any special pay previously received. Special pay, though not factored into the basic higher scale determination, will be converted into personal pay and gradually absorbed through future salary increases, ensuring continued financial protection for officers as they advance in their careers.

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सं० 11030/13/78-00भा०ते०(11)
भारत सरकार
गृह मंत्रालय
कार्यक: और प्रशासनिक सुधार विभाग
नई दिल्ली-11000। दिनांक 6 जून, 1970
अधित्‍वभा
सा०का० नि० केन्द्रीय सरकार, अदित भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 (1951 का 61) को धारा 3 को उपधारा(1) द्‍वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सम्बद्ध्‌ राज्य सरकारों ने परामर्श करने के पश्चात् भारतीय पुलिस सेवा(वेतन) नियम, 1954 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाएो है, अर्थात् :-
1- (1) इन नियमों का नाम भारतीय पुलिस सेवा( वेतन) (संशोधन) नियम, 1978 है ।
(2) ये राजस्व में प्रकाशन को तारोत्र की प्रवृत्त होगी ।

2- भारतीय पुलिस सेवा(वेतन) नियम, 1954 में नियम 8 के पश्चात् निम्नलिखित नियम बनाए: रंगापित किया जाएगा, अर्थात् :-
” 8क्- सेवा के किसी सदस्य के निम्नतर वेतनमान वाले पद से अनुजुवी 3 में सम्मिलित उच्चतर वेतनमान वाले पद में नियुक्ति पर वेतन का नियतन
(1) अनुजुवी 3 में विनिर्दिष्ट और सेवा के सम्य वेतनमान ने अधिक वेतनमान वाला पद धारण करने वाले सेवा के किसी सदस्य का वेतन, उच्चतरवेतनमान वाले उच्च अनुजुवी के किसी अन्य पद पर नियुक्ति पर, उस उच्चतर वेतनमान के शूनतम पर या उस उच्चतर वेतनमान में उस प्रक्षम पर जो निम्नतर वेतनमान में उसके द्‍वारा लिए जा रहे वेतन ने अधिक से, इनमें से जो भी उच्चतर हो, नियत किया जाएगा । टिप्पण : उच्चतर वेतनमान का अवधारण करने के प्रयोजन के लिए किसी पद से सम्बद्ध् विशेष वेतन, यदि कोई हो, लेवे में नहीं लिया जाएगा । टिप्पण 2: चयन केगो के पद सेवा के सम्य वेतनमान पद समक्ष ज्ञातेंगे ।


-2-
(2) जब सेवा के किसी सदस्य के उपनियम (1) में निर्दिष्ट निम्नतर वेतनमान में, उस उपनियम में उसका वेतन नियत किए जाने के पश्चात् वार्षिक वृद्धि के कारण या अन्यथा कोई वृद्धि होती है तो उसका वेतन रुती वृद्धि को तारीख से उच्चतर वेतनमान में इस प्रकार से पुन: नियत किया जाएगा मानो वह व्यक्ति उसी तारीख को उस वेतनमान में नियुक्त किया गया हो ।
(3) उप-नियम (1) के अधीन वेतन नियत करते समय सेवा के किसी सदस्य दुबारा निम्नतर वेतन में लिया जा रहा विशेष वेतन, यदि कोई हो, ऐसे में नहीं लिया जाएगा, किन्तु निम्नतर वेतनमान में रुते सदस्य दुबारा किए जा रहे वेतन और विशेष वेतन तथा उच्चतर वेतनमान में नियत वेतन का अन्तर रुते सदस्य को व्यक्तिगत वेतन के रूप में अनुच्चात किया जाएगा तो उसके भविष्य को वेतन वृद्धियों में जित दिया जाएगा

परन्तु यह तब जब यह प्रमाणित किया जाए कि यदि सदस्य को उच्चतर वेतनमान के पद पर नियुक्ति न की गई होती तो वह निम्नतर वेतनमान में विशेष वेतन लेता रहता :-

परन्तु यह और कि इस उपनियम के अधीन विशेष वेतन के संरक्षण का प्रभाव तभी तक रहेगा जब तक सदस्य, यदि वह निम्नतर वेतनमान में बना रहता तो, विशेष वेतन लेता रहता ।
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डेटा अधिकारी