Central Civil Services (Leave) Rules, 1984 – Amendment

C

This document details an amendment to the Central Civil Services (Leave) Rules, 1972, specifically concerning earned leave for teachers, principals, headmasters, librarians, laboratory assistants, and school watchmen. It outlines how earned leave is credited to their accounts in installments, adjustments for extraordinary leave or periods treated as non-working days, and provisions for leave accumulation. The notification also lists previous amendments to the rules and distributes the notification to various government bodies and officials.

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प्रभारत के राजपत्र भाग 11 खण्ड 3 । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । । ।


कार्य कर रहे वाटरमैन की नियुक्ति की जाती है वह सेवा में नहीं रहता है, उस अर्थ वर्ष के लिए उस सेवा के प्रत्येक पूरे किए गए मास के लिए 5/6 दिन के हिसाब से छुट्टी जमा करने की अनुमति होगी जिसे उसने उस अर्थ वर्ष में की थी/करने की संभावना है जिस अर्थ वर्ष में उठे नियुक्त किया जाता है/वह सेवा में नहीं रहता है ।
§2. उप-नियम§1§ के उपबन्धों के अधीन रहते हुए प्रावकाश विभाग में सेवा करने वाला सरकारी सेक्य§सैनिक अधिकारी से भिन्नहै, उस वर्ष में, जिसमें वह पूरे प्रावकाश का उपभोग कर लेता है, किए गए कर्तव्य की बाबत किसी उपार्जित छुट्टी का हकदार नहीं होगा ।
§3§§क§ जिस वर्ष सरकारी सेक्य प्रावकाश के किसी भाग का उपभोग करता है, उस वर्ष की बाबत वह 30 दिन, या यदि वह नियम 26 के उपनियम§1§ के अपवाद से शासित है तो 45 दिन के ऐसे अनुपात के बराबर उपार्जित छुट्टी का हकदार होगा, जो उपभोग में किए गए प्रावकाश के दिनों की संख्या का पूर्ण प्रावकाश से है : परन्तु ऐसी कोई छुट्टी ऐसे सरकारी सेक्य को, जो स्थायी नियोजन का स्थायीक्त: नियोजन में नहीं है, उसकी सेवा के प्रथम वर्ष के बाबत अनुरूप नहीं होगी ।
§4§ यदि किसी वर्ष में सरकारी सेक्य किसी प्रावकाश का उपभोग नहीं करता है तो उसे नियम 26 के अधीन उस वर्ष की बाबत उपार्जित छुट्टी अनुरूप होगी ।
साह्टीकरण: इस नियम के प्रयोजन के लिए”वर्ष” से वह क्लैडर वर्ष अभ्यित नहीं है जिसमें कर्तव्य किया जाता है बल्कि किसी प्रावकाश विभाग में वास्तविक कर्तव्य के बारह मास अभ्यित है ।
टिप्पणी-1. जब तक कि किसी उच्चतर प्राधिकारी के साधारण या विशेष आदेश द्वारा ऐसे प्रावकाश या प्रावकाश के भाग का उपभोग न करने की अपेक्षा नहीं की जाती तब तक यह समझा जाएगा कि प्रावकाश के हकदार किसी सरकारी सेक्य ने प्रावकाश या प्रावकाश के किसी भाग का उपभोग कर लिया है :
परन्तु यदि ऐसे आदेश द्वारा वह पन्द्रह दिन से अधिक के प्रावकाश का उपभोग करने से निवारित कर दिया जाता है तो यह समझा जाएगा कि उसने प्रावकाश के किसी भाग का उपभोग नहीं किया है । टिप्पणी-2. यदि किसी प्रावकाश विभाग में सेवारत सरकारी सेक्य कर्तव्य का एक पूर्ण वर्ष पूरा करने से पूर्व छुट्टी पर चला जाता है तो उसे अनुरूप उपार्जित छुट्टी, छुट्टी पर लाने से


पूर्व की वास्तविक कर्तव्य की अवधि के दौरान पड़ने वाले प्राक्काश के प्रति निर्देश से नहीं बल्कि उस प्राक्काश के प्रति निर्देश से संगणित की जाएगी जो उस तारीख से, जिसको वह कर्तव्य का पूर्वजल वर्ष पूर्ण करता है, प्रारम्भ होने वाले वर्ष में पड़े ।
टिप्पणी-३० शिक्षक, प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक, पुस्तकाध्यक्ष, प्रयोगशाला सहायक अथवा किसी विद्यालय में कार्य कर रहे वाटरमैन के मानले में, उप नियम§3§ के अधीन अनुज्ञेय उपार्जित छुट्टी, 子यदि कोई हो, उप नियम§2§ के अधीन अनुज्ञेय उपार्जित छुट्टी के अतिरिक्त होगी ।
§4§ प्राक्काश, इन नियमों के अधीन किसी भी प्रकार की छुट्टी के साथ जोड़ कर अथवा उसके क्रम में लिया जा सकेगा।
परन्तु एक साथ लिए गए प्राक्काश और उपर्जित छुट्टी की जुल अवधि, चाहे उपार्जित छुट्टी अन्य छुट्टी के साथ या मिलाकर उसके क्रम में ली गई है या नहीं, सरकारी सेकक को शोथ्य और एक वार में अनुज्ञेय मात्रा से अधिक नहीं होगी ।
§5§ पिछले अर्ध वर्ष की समाप्ति पर सरकारी सेकक के खाते में उन नियम के अधीन जमा की गई छुट्टी इस शर्त के अधीन रहते हुए अगले अर्ध वर्ष में अग्रेनीत की जाएगी कि इस तरह से अग्रेनीत की गई छुट्टी तथा अर्ध वर्ष के लिए खाते में जमा की गई छुट्टी 180 दिन की अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होती हो ।
2§1’1’§ नियम 29 के उप नियम §1§ में §शैनिक अधिकारी से भिन्न§ कोष्टकों और शब्दों के स्थान पर §शैनिक अधिकारी से भिन्न§ और नियम 28§1§ द्वारा शाबित किए गए कोष्टक और शब्द ।

$$
\begin{aligned}
& \text { पृष्ठ } \
& \text { §एल० हरिहरन! } \
& \text { अवर तचिव, भारत सरकार }
\end{aligned}
$$

टिप्पणी:- मूल नियमों में पहले किए गए संशोधनों की सूची संलग्न है । सेवा में,

प्रबन्धक,
भारत सरकार मुद्रणालय,
मायापुरी, रिंग रोड,
नई दिल्ली ।


कार्य कर रहे वाटरमैन की नियुक्ति की जाती है वह सेवा में नहीं रहता है, उस अर्थ वर्ष के लिए उस सेवा के प्रत्येक पूरे किए गए मास के लिए 5/6 दिन के हिसाब से छुट्टी जमा करने की अनुमति होगी जिसे उसने उस अर्थ वर्ष में की थी/करने की संभावना है जिस अर्थ वर्ष में उसे नियुक्त किया जाता है/वह सेवा में नहीं रहता है ।
§2§ उप-नियम§।§ के उपबन्धों के अधीन रहते हुए प्रावकाश विभाग में सेवा करने वाला सरकारी सेक्य§शेनिक अधिकारी से भिन्नहै, उस वर्ष में, जिसमें वह पूरे प्रावकाश का उपभोग कर लेता है, किए गए कर्तव्य की बाबत किसी उपार्जित छुट्टी का हकदार नहीं होगा ।
§3§§क§ जिस वर्ष सरकारी सेक्य प्रावकाश के किसी भाग का उपभोग करता है, उस वर्ष की बाबत वह 30 दिन, या यदि वह नियम 26 के उपनियम§।§ के अपवाद से शासित है तो 45 दिन के ऐसे अनुपात के बराबर उपार्जित छुट्टी का हकदार होगा, जो उपभोग में किए गए प्रावकाश के दिनों की संख्या का पूर्ण प्रावकाश से है : परन्तु ऐसी कोई छुट्टी ऐसे सरकारी सेक्य को, जो स्थायी नियोजन का स्थायीवत: नियोजन में नहीं है, उसकी सेवा के प्रथम वर्ष के बाबत अनुरूप नहीं होगी ।
§ख§ यदि किसी वर्ष में सरकारी सेक्य किसी प्रावकाश का उपभोग नहीं करता है तो उसे नियम 26 के अधीन उस वर्ष की बाबत उपार्जित छुट्टी अनुरूप होगी ।
स्पष्टीकरण: इस नियम के प्रयोजन के लिए”वर्ष” से वह क्लैडर वर्ष अभ्येति नहीं है जिसमें कर्तव्य किया जाता है बल्कि किसी प्रावकाश विभाग में वास्तविक कर्तव्य के बारह मास अभ्येति है ।
टिप्पणी-1- जब तक कि किसी उच्चतर प्राधिकारी के साधारण या विशेष आदेश द्वारा ऐसे प्रावकाश या प्रावकाश के भाग का उपभोग न करने की अपेक्षा नहीं की जाती तब तक यह समझा जाएगा कि प्रावकाश के हकदार किसी सरकारी सेक्य ने प्रावकाश या प्रावकाश के किसी भाग का उपभोग कर लिया है :
परन्तु यदि ऐसे आदेश द्वारा वह पन्द्रह दिन से अधिक के प्रावकाश का उपभोग करने से निवारित कर दिया जाता है तो यह समझा जाएगा कि उसने प्रावकाश के किसी भाग का उपभोग नहीं किया है ।
टिप्पणी-2- यदि किसी प्रावकाश विभाग में सेवारत सरकारी सेक्य कर्तव्य का एक पूर्ण वर्ष पूरा करने से पूर्व छुट्टी पर ख्सा जाता है तो उसे अनुरूप उपार्जित छुट्टी, छुट्टी पर जाने से


पूर्व की वास्तविक कर्तव्य की अवधि के दौरान पढ़ने वाले प्राक्काश के प्रति निर्देश से नहीं बल्कि उस प्राक्काश के प्रति निर्देश से संगणित की जाएगी जो उस तारीख से, जिसको वह कर्तव्य का पूर्वजलन वर्ष पूर्ण करता है, प्रारम्भ होने वाले वर्ष में पड़े ।
टिप्पणी-3- शिक्षक, प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक, पुस्तकाध्यक्ष, प्रयोगशाला सहायक अथवा किसी विद्यालय में कार्य कर रहे वाटरमैन के मामले में, उप नियम§3§ के अधीन अनुरूप उपार्जित छुट्टी, यादि कोई हो, उप नियम§2§ के अधीन अनुरूप उपार्जित छुट्टी के अतिरिक्त होगी ।
§4§ प्राक्काश, इन नियमों के अधीन किसी भी प्रकार की छुट्टी के साथ जोड़ कर अथवा उसके क्रम में लिया जा सकेगा ।
परन्तु एक साथ लिए गए प्राक्काश और उपर्जित छुट्टी की कुल अवधि, चाहे उपार्जित छुट्टी अन्य छुट्टी के साथ या मिलाकर उसके क्रम में ली गई है या नहीं, सरकारी सेवक को शोथ्य और एक बार में अनुरूप माना से अधिक नहीं होगी ।
§5§ पिछले अर्ध वर्ष की समाप्ति पर सरकारी सेवक के खाते में उन नियम के अधीन जमा की गई छुट्टी इस शर्त के अधीन रहते हुए अगले अर्ध वर्ष में अग्रेनीत की जाएगी कि इस तरह से अग्रेनीत की गई छुट्टी तथा अर्ध वर्ष के लिए खाते में जमा की गई छुट्टी 180 दिन की अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होती हो ।
2§111§ नियम 29 के उप नियम §1§ में §सैनिक अधिकारी से भिन्न§ कोष्टकों और शब्दों के स्थान पर §सैनिक अधिकारी से भिन्न§ और नियम 28§1§ द्वारा शामिल किए गए कोष्टक और शब्द ।

$$
\begin{aligned}
& \text { पृथत हरिहरन! } \
& \text { अवर तनिक्व, भारत सरकार }
\end{aligned}
$$

टिप्पणी:- मूल नियमों में पहले किए गए संशोधनों की सूची संलग्न है । सेवा में,

प्रबन्धक,
भारत सरकार मुद्रणालय,
मायापुरी, सिंग रोड,
नई दिल्ली ।


19- पो०।3024/1/78-ई-1v }प} तारीख 29-8-79.साएकालिन्त्सं० 1150 तारीख $15-9-79$
20- पो० 11012/1/77-ई-1v }प} तारीख 21-11-79 साएकालिन्त्सं० 1422 तारीख $1-12-79$
21- पो० 14019/1/80-एल०पु० तारीख 21-11-80 साएकालिन्त्सं० 1260 तारीख $13-12-80$
22- एब 16|\७|-ई-1v }प|\/76 तारीख 31-12-80 कालकालमं० 263 तारीख $24-1-81$
23- पो०।1012/2/80-स्थाएवु| तारीख 1-1 – 124-8-81 साएकालिन्त्सं० 811 तारीख $5-9-81$
२६०३०सोवत:028/9/80-स्थाए\&वु| तारीख 1-10-81 साएकालिन्त्सं० 927 तारीख $17-10-81$
25- पो०14025/9/80-स्थाए\&वु| तारीख 16-4-82 साएकालिन्त्सं० 423 तारीख $8-5-82$
26- पो० 13023/1/82-स्थाए\&वु| तारीख 16-4-83 साएकालिन्त्सं० 413 तारीख $4-6-83$
27- पो० 14028/8/82-स्थाए\&वु| तारीख 27-7-83 साएकालिन्त्सं० 589 तारीख $27-7-83$
28- पो० 13023/2/81-स्थाए\&वु| जारी होना है । साएकालिन्त्सं० 804 तारीख $15-11-83$
29- पो० 14028/6/81-स्थाए\&वु| तारीख 17-10-83 साएकालिन्त्सं० 315 तारीख $24-3-84$
30- पो० 13015/11/82-स्थाए\&वु| तारीख 25-3-84 अभी प्राप्त नहीं हुआ है ।

सेवा ने,

भारत सरकार के सभी मंत्रालय/विभाग आदि ।
प्रति निम्नलिखित को भी प्रेरित :-
1- भारत सरकार के नियंक्त तथा ‘पहालेखा परीक्षक और उनके अधीन सभी अधिकारी ।
2- महानियंक्त लेखा ।
3- लेखा नियंक्त, विस्त्त मंत्रालय ।
4- सख लोक सेवा आयोग, उच्चतम न्यायालय स्टाफ ।
5- निर्वाचन आयोग, लोक सभा सचिवालय, राज्य सभा सचिवालय, मंत्रिमण्डल सचिवालय, पेन्ट्रीय सर्क्वता आयोग, राफ्ट्र्योति सचिवालय, उप राफ्ट्र्योति सचिवालय, प्रधान मंत्री का कार्यालय, योजना आयोग, विस्त्त आयोग/क्युर्व लैन्ड्रीय खेल्न आयोग ।
6- अपर सचिव, }संख राज्य क्षेत्र| गृह मंत्रालय ।


टिप्पणी:- मूल केन्द्रीय सिखिल सेवा हेतुट्टीहु नियम, 1972 को नीचे ब्योरेवार दी गईं अधिक्रूवना/राजपत्र द्वारा संशोधित किया गया है :-
अधिक्रूवना की संख्या और तारीख राजपत्र अधिक्रूवना की संठ तथा तारीख का विवरण

1- एफ 16 है3 है-ई-14 हैए है/71 तारीख 11-9-1972 काठवाठ संठ 3724
तारीख 4-11-1972
2- एफ 4 है 7 है-ई-1V हैए है/72 तारीख 30-4-73 काठवाठ संठ 1399
तारीख 19-5-73
3- एफ 5 है 14 है-ई-1V हैए है/73 तारीख 13-7-73 साठकाठानिलसंठ 82
तारीख 4-9-73
4- एफ 14 है 10 है-ई-1V हैए है/73 तारीख 11-6-74 उपलब्थ नंदी’
5- एफ 5 है 8 है-ई-1V हैए है/73 तारीख 19-7-74 साठकाठानिलसंठ 818
तारीख 3-8-74
6- एफ 14 है 8 है-ई-1V हैए है/73 तारीख 2-11-74 साठकाठानिलसंठ 1242
तारीख 23-12-74
7- एफ 16 है 3 है-ई-1V हैए है/74 तारीख 20-12-74 साठकाठानिलसंठ 1374
तारीख 28-12-74
8- एफ 16 है 5 है-ई-1V हैए है/74 तारीख 11-4-75 साठकाठानिलसंठ 526
तारीख 26-4-75
9- एफ 16 है 8 है-ई-1V हैए है/74 तारीख 26-5-75 साठकाठानिलसंठ 686
तारीख 7-6-75
10- एफ 4 है 1 है-ई-1V हैए है/74 तारीख 24-6-75 साठकाठानिलसंठ 834
तारीख 12-7-75
11- एफ 16 है 5 है-ई-1V हैए है/74 तारीख 20-9-75 साकाठानिलसंठ 2876
तारीख 27-12-75
12- एफ 5 है 7 है-ई-1V हैए है/74 तारीख 2-12-75 साठकाठानिलसंठ 2877
तारीख 27-12-75
13- एफ 5 है 16 है-ई-1V हैए है/73 तारीख 15-1-76 उपलब्थ नदी’ है
14- एफ 16 है 5 है-ई-1V हैए है/74 तारीख 31-7-76 साठकाठानिलसंठ 1184
तारीख 14-8-78
15- एफ 4 है 3 है-ई-1V हैए है/75 तारीख 7-10-76 साठकाठानिलसंठ 1587
तारीख 13-11-76
16- एफ 4 है 9 है-ई-1V हैए है/75 तारीख 14-3-77 साठकाठानिल संठ 611
तारीख 14-5-77
17- एफ 14 है 11 है-ई-1V हैए है/76 तारीख 12-9-78 साठकाठानिलसंठ 1159
तारीख 23-9-78

7- अखिल भारतीय सेवा प्रभाग\$औखल भारतीय सेवा ॥।। 8 कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग ।
8- जेठसीएएए अनुभाग, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग ।
9- श्री भगवान, वरिष्ठ कार्मिक एवं कार्यकारी अधिकारी, लोक सभा सचिवालय ।
10- सभी राज्य सरकारों तथा सख राज्य क्षेत्र ।
11- सभी राज्यों के राज्यपाल/संघ राज्य क्षेत्रों के उप-राज्यपाल ।
12- आयुक्त दिल्ली निगर निगम ।
13- सचिव राष्द्रीच परिषद हैकर्मचारी पक्षई 13 फिरोजशाह रोड, नई दिल्ली ।
14- कार्मिक तथा प्रशासनिक सुधार विभाग के सभी अधिकारी/अनुभागों ।
15- गृह मंत्रालय के सभी अधिकारी/अनुभागों/डैस्कों के लिए ।
16- गृह मंत्रालय के सभी सम्वद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों को ।
17- जेठसीएएमए की राष्द्रीच परिषद एवं कार्मिक विभाग की विभागीय परिषद के कर्म चारी पक्ष के सभी सदस्य ।
18- श्री पीए सुधुस्तामी स्वामी पब्लिगर सँध्या मेनसन, 164, आरएके० मुद्र्टा रोड पैए वाक्त 02468, आरएएए पूरम, मद्रास-600028$\cdot$
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