Central Civil Services (Leave) Amendment Rules, 2009

C

This document details amendments to the Central Civil Services (Leave) Rules, 1972, concerning leave encashment, conditions for availing leave, and provisions for leave during various circumstances like retirement, disability, and death. It also introduces provisions for paternity leave and child care leave for government employees. The amendments clarify rules regarding earned leave, half-pay leave, and the conditions under which they can be encashed or utilized. Specific changes are outlined for industrial establishments, pre-mature retirement, and situations involving government servants in different departments.

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EXTRACT FROM THE GAZETTE OF INDIA : PART II, SEC. 3, SUB-SEC. (i)
Appearing on Page Nos. 727-734
Dated 5-12-2009
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
MINISTRY OFPERSONNEL,PUBLIC GRIEVANCESAND PENSIONS

(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)

अधिसूचना

नई दिल्ली, 1 दिसम्बर, 2009
सा.का.नि. 170.-संविधान के अनुच्छेद 148 के खण्ड (5) के साथ पठित अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग में सेवा कर रहे व्यक्तियों के सम्बंध में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के परामर्श करने के उपरान्त, राष्ट्रपति केन्द्रीय सिविल सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1972 में और संशोधन करने हेतु एतद्द्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
2. (1) ये नियम केन्द्रीय सिविल सेवाएं (छुट्टी) (संशोधन) नियमावली, 2009 के नाम से जाने जाएं ।
(2) ये सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे ।
2. केन्द्रीय सिविल सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1972 में (इसके बाद उपर्युक्त नियमों के रूप में संदर्भित) नियम 6 के स्थान पर निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा; अर्थात् :-
6. औद्योगिक स्थापना में स्थानांतरण- यदि इन नियमों द्वारा शासित किसी सरकारी सेवक की नियुक्ति किसी औद्योगिक स्थापन में की जाती है जहां पर उसकी छुट्टी शर्तें कारखाना अधिनियम, 1948 ( 1948 का 63) द्वारा नियंत्रित की जाती है, तो छुट्टी स्वीकृत करने के लिए सक्षम प्राधिकारी अपने आप अधिकतम 300 दिनों के अध्यधीन उसके खाते में जमा अर्जित अवकाश तथा अर्द्धवेतन अवकाश के संबंध में छुट्टी वेतन के बराबर नकद प्रदान करते हुए एक आदेश जारी करेगा और इस प्रकार स्वीकृत नकद, अर्जित अवकाश के लिए यथा स्वीकार्य छुट्टी वेतन तथा अर्द्धवेतन अवकाश के लिए यथा स्वीकार्य छुट्टी वेतन जमा

उस तारीख जिसको सरकारी सेवक उपर्युक्त नियमों के प्रावधानों द्वारा नियंत्रित होना बंद करता है, को लागू दर पर उस छुट्टी वेतन पर स्वीकार्य महंगाई भत्ता की बराबर राशि का होगा :-

बशर्ते कि उस पद अथवा सेवा जिसमें केन्द्रीय सिविल सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1972 लागू होती है, पर लौट आने पर नियम 39 के अंतर्गत देय छुट्टी वेतन के बराबर नकद का लाभ के अनुसार संशोधित किया जाएगा :-
(क) अधिवर्षिता पर-छुट्टी का नकदीकरण इस शर्त के अध्यधीन होगा कि अर्जित अवकाश तथा अर्द्धवेतन अवकाश दोनों के दिनों की संख्या जिसके लिए इस नियम के अंतर्गत नकदीकरण की अनुमति पहले ही दे दी गई है तथा अधिवर्षिता पर नकद दिए जाने के लिए अर्जित अवकाश तथा अर्द्धवेतन अवकाश के दिनों की संख्या 300 दिनों से अधिक नहीं है ।
(ख) समयपूर्व सेवानिवृत्ति पर-उपयोग न की गई अर्जित अवकाश तथा अर्द्धवेतन अवकाश के बराबर नकद इस शर्त के अध्यधीन होना चाहिए कि अर्जित अवकाश तथा अर्द्धवेतन अवकाश जिसक लिए इस नियम के अंतर्गत नकदीकरण की अनुमति पहले ही दे दी गई थी और समयपूर्व सेवानिवृत्ति पर नकद दिए जाने के लिए अर्जित अवकाश तथा अर्द्धवेतन अवकाश के दिनों की संख्या 300 दिनों से अधिक नहीं होगी ।
3. उपर्युक्त नियमावली में, नियम 28 के लिए, निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किए जाएंगे, अर्थात् :-
“28. प्रावकाश विभाग में सेवा कर रहे व्यक्तियों के लिए अर्जित अवकाश :-
(1) (क) किसी प्रावकाश विभाग में सेवा कर रहा कोई सरकारी सेवक (किसी मिलिटरी अधिकारी से इतर) उस वर्ष जिसमें वह पूर्व अवकाश ले लेता है, में की गईड्यूटी के संबंध में किसी भी अर्जित अवकाश का हकदार नहीं होगा;
(ख) किसी ऐसे वर्ष के संबंध में जिसके कोई सरकारी सेवक. छुट्टी के एक भाग को ले लेता है तो वह ऐसी 30 दिनों के अनुपात में अर्जित अवकाश का हकदार होगा क्योंकि नहीं ली गई छुट्टियों के दिनों की संख्या से उनकी छुट्टियां पूर्ण होगी :

बशर्ते कि ऐसी कोई भी छुट्टी किसी सरकारी सेवक के लिए जो स्थाई अथवा स्थाईवत नहीं है; उसकी पहले वर्ष की सेवा के संबंध में स्वीकार्य.नहीं होगी ।
(ग) यदि, किसी वर्ष में, सरकारी सेवक कोई छुट्टी नहीं लेता है, तो नियम 26 के अनुसार, उस वर्ष के संबंध में उसके अर्जित अवकाश स्वीकार्य होंगे ।

स्पष्टीकरण : इस नियम के प्रयोजनार्थ “वर्ष” शब्द उस कैलेन्डर वर्ष के अर्थ के रूप में नहीं माना जाएगा जिसमें ड्यूटी की गई है, बल्कि प्रावकाश विभाग में वास्तविक ड्यूटी के 12 महीनों के अर्थ के रूप में समझा जाएगा ।

टिप्पणी 1.-छुट्टियों का हकदार किसी सरकारी सेवक पर छुट्टी अथवा छुट्टी के किसी भाग को लिए जाने के लिए विचार किया जाएगा जब तक कि उसे ऐसी छुट्टी अथवा छुट्टी के किसी भाग को छोड़ने के लिए किसी उच्च अधिकारी के सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा अपेक्षित नहीं किया गया है :

बशर्ते कि यदि उसे 15 दिन से अधिक की छुट्टियों को लेने से ऐसे आदेश द्वारा रोका नहीं गया है, तो उस पर छुट्टियों के किसी भाग को स्वयं नहीं लिए जाने के लिए विचार किया जाएगा ।

टिप्पणी 2.-जब किसी प्रावकाश विभाग में सेवा कर रहा सरकारी सेवक ड्यूटी का पूर्व वर्ष पूरा करने से पहले छुट्टी पर चला जाता है तो उसे स्वीकार्य अर्जित अवकाश, उन छुट्टियों जो छुट्टी पर चले जाने से पहले की गई वास्तविक ड्यूटी की अवधि के दौरान होती है, के संदर्भ में नहीं बल्कि उस छुट्टी जो उस तारीख जिस पर उसने ड्यूटी का पूर्व वर्ष पूर्ण किया था प्रारंभ हो रहे वर्ष के दौरान होती है, गणना की जाएगी ।
(2) इन नियमों के अंतर्गत किसी भी प्रकार की छुट्टी को मिलाकर अथवा उसके क्रम में छुट्टी ली जाए :

बशर्ते कि छुट्टी की कुल अवधि और संयोजित करके लिया गया अर्जित अवकाश, क्या अर्जित अवकाश अन्य अवकाश, को मिलाकर अथवा उसके क्रम में, किया जाता है अथवा नहीं; नियम 26 के अंतर्गत सरकार के पास बकाया और स्वीकार्य अर्जित अवकाश की मात्रा से अधिक नहीं होगा।
(3) पूर्व अर्द्ध वर्ष की समाप्ति पर किसी सरकारी सेवक के खाते में इस नियम के अंतर्गत जमा अर्जित छुट्टी, इस शर्त के अध्यधीन आगे बढ़ाई जाएंगी कि इस तरह बढ़ाई गई छुट्टी जमा अर्द्ध वर्ष के लिए क्रेडिट छुट्टी 300 दिनों की अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होगी ।

टिप्पणी–ज्वाइन करते समय के नहीं लिए गए भाग के क्रेडिट की सुविधा, नियम 26 के उप नियम (1) के खण्ड (क) के उप खण्ड (ii) के प्रावधानों के अनुसार प्रावकाश विभागों में सेवा कर रहे व्यक्तियों को स्वीकार्य होगी ।
4. उपर्युक्त नियमों; नियम 29 में, उप नियम (1) के लिए निम्नलिखित उप नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा अर्थात् :-
“(1) प्रत्येक सेवक को अर्द्ध वेतन अवकाश खाता (मिलिटरी अधिकारी से इतर) प्रत्येक कैलेण्डर वर्ष की जनवरी और जुलाई के प्रथम दिन पर प्रत्येक 10 दिनों की दो किश्तों में, अग्रिम रूप से अर्द्ध वेतन अवकाश के साथ क्रेडिट किया जाएगा।”
5. उक्त नियमावली में, नियम 38 -क में,-
(क) उप नियम (1) हटा दिया जाएगा;
(ख) उप नियम (5) के लिए निम्नलिखित उप नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“(5) नकदीकृत की गई छुट्टी की अवधि उस छुट्टी की मात्रा में से नहीं घटाई जाएगी जो उनकें द्वारा नियम 6, 39, 39-क, 39-ख, 39-ग, और 39-घ के अंतर्गत सामान्यतया नकदीकृत की जा सकती है।”
6. उक्त नियमावली में, नियम 39 में,-
(क) उप नियम (2) के लिए निम्नलिखित उपनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-“(2) (क) जहां कोई सरकारी कर्मचारी उसकी सेवा को शासित करने वाली निबंधन और शर्तों के अंतर्गत सेवानिवृत्ति हेतु निर्धारित सामान्य उम्र प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त होता है, छुट्टी स्वीकृत करने वाला सक्षम प्राधिकारी सरकारी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तारीख को सरकारी कर्मचारी के खाते में जमा अर्जित छुट्टी और

सेवानिवृत्ति की तारीख को अनुमत्य वेतन जमा उस तारीख को अनुमत्य महंगाई भत्ता
(1) अर्जित छुट्टी के समकक्ष नकद
$=$
30
सेवानिवृत्ति की तारीख को अनुमत्य अर्द्धवेतन छुट्टी जमा उस तारीख को स्वीकार्य महंगाई भत्ता के दिनों की संख्या।
(2) अर्द्धवेतन छुट्टी घटक

के बदले नकद भुगतान

$$
\begin{aligned}
& = \
& \text { 30 }
\end{aligned}
$$

टिप्पणी–अर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी दोनों सहित छुट्टी के नकदीकरण की अधिकतम समग्र सीमा 300 दिन होगी। “(ग) अर्जित छुट्टी में कमी को पूरा करने के लिए अर्द्ध वेतन छुट्टी का परिवर्तन अनुमत्य नहीं होगा।”
(ख) उप नियम (4) में क्लॉज (क) में उप क्लॉज (ii) में निम्नलिखित उप क्लॉज प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“(ii) सेवा विस्तार की अवधि की समाप्ति के बाद सेवानिवृत्ति के समय खाते में जमा अर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी दोनों के संबंध में उपनियम (2) के क्लॉज (ख) में प्रदत्त तरीके से समकक्ष नकद जमा सेवा विस्तार के दौरान अर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी में से अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन ऐसी अवधि के दौरान प्राप्त की गई अर्जित छुट्टी और अर्द्धवेतन छुट्टी घटा ली जाएगी।”
(ग) उपनियम (5) के लिए, निम्नलिखित उपनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“(5) वह सरकारी कर्मचारी जो सेवानिवृत्त होता है अथवा उपनियम (1) के क्लॉज (ग) में उल्लिखित तरीके से सेवानिवृत्त होता है को छुट्टी मंजूर करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा, उसक खाते में जमा अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन अर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी के संबंध में स्वतः नकद स्वीकृत किया जाएगा। देय नकद समकक्ष वही होगा जो नियम 39 के उप नियम (2) में है।”
(घ) उप नियम (6) में, क्लॉज (क) में,-
(i) उप क्लॉज (i) के लिए निम्नलिखित उप क्लॉज प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-

अर्द्ध वेतन छुट्टी यदि कोई हो, के समकक्ष अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन नकद स्वीकृत करने वाला एक आदेश जारी करेगा; (ग) क्लॉज (क) के अंतर्गत छुट्टी के समकक्ष नकद निम्नानुसार परिकलित किया जाएगा और एक मुश्त निपटारे के रूप में एक मुश्त देय होगा,-

अधिकतम जमा 300 अर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी की शर्त के अधीन अप्रयुक्त अर्जित छुट्टी के दिनों की संख्या।

अधिकतम जमा 300 अर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी की शर्त के अधीन अप्रयुक्त अर्द्धवेतन छुट्टी के दिनों की संख्या।’

$$
\begin{aligned}
& \text { “(i) जहां सरकारी कर्मचारी की सेवा उसकी नियुक्ति } \
& \text { को निबंधन और शर्तों के अनुसार नोटिस द्वारा } \
& \text { अथवा वेतन और भत्तों के भुगतान द्वारा समाप्त कर } \
& \text { दी जाती है, तो जिस तारीख को उसकी सेवा } \
& \text { समाप्त हो जाती है उस तारीख को उसक खाते में } \
& \text { अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन कुल जमा } \
& \text { अर्जित छुट्टी और अर्द्धवेतन छुट्टी के समकक्ष } \
& \text { नकद स्वतः ही छुट्टी स्वीकृत करने वाले सक्षम } \
& \text { प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जाएगा और देय नकद } \
& \text { समकक्ष वही होगा जो नियम 39 के उप नियम } \
& \text { (2) में है।” }
\end{aligned}
$$

(ii) सब-क्लॉज (iii) के लिए निम्नलिखित सबक्लॉज प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“(iii) सेवानिवृत्ति के बाद जिस सरकारी कर्मचारी को पुनर्नियुक्त किया जाता है उसकी पुनर्नियुक्त समाप्त हो जाने के बाद छुट्टी स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसे स्वतः ही पुनर्नियुक्ति समाप्त होने की तारीख को उसक खाते में, अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन कुल जमा अर्जित छुट्टी और अर्द्धवेतन छुट्टी और साथ ही वह अवधि भी जिसके लिए सेवानिवृत्ति के समय नकदीकरण की अनुमति दी गई थी, के संबंध में नकद समकक्ष स्वीकृत किया जाएगा और देय नकद समकक्ष वही होगा जो नियम 39 के उपनियम (2) में है।”
7. उक्त नियमों में, नियम 39-क के लिए निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् –
“39-क सेवा में मृत्यु की स्थिति में छुट्टी वेतन के समकक्ष नकद–यदि सरकारी कर्मचारी की सेवा में रहते हुए मृत्यु हो जाती है, तो मृत्यु की तारीख को मृतक सरकारी कर्मचारी के खाते में अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन जमा कुलअर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी, यदि कोई हो, के लिए छुट्टी वेतन का नकद समकक्ष नियम, 39-ग में विनिर्दिष्ट तरीके से उसके परिवार को भुगतान किया जाएगा और देय नकद समकक्ष वही होगा जो नियम, 39 के उप नियम (2) में है।”

  1. उक्त नियमों में, नियम, 39-ख के लिए निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-

“39-ख सेवा में अशक्त होने की स्थिति में छुट्टी वेतन के समकक्ष नकद—(1) जो सरकारी कर्मचारी चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा आगे और सेवा के लिए पूर्णतया अथवा स्थायी रूप से अशक्त घोषित कर दिया जाता है उसे छुट्टी स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वतः, सेवा से अशक्त घोषित होने की तारीख को सरकारी कर्मचारी के खाते में अधिकतम 300 दिनों की शर्त के अधीन कुल जमा अर्जित छुट्टी और अर्द्ध वेतन छुट्टी के संबंध में छुट्टी वेतन के समकक्ष नकद स्वीकृत किया जाएगा और देय नकद समकक्ष वही होगा जो नियम 39 के उप नियम (2) में है।”

“(2) जो सरकारी कर्मचारी स्थायी नियुक्ति अथवा अर्द्ध स्थायी नियुक्ति पर नहीं है, उसको सेवा से अशक्त होने की तारीख को उसके खाते में जमा अर्द्ध वेतन छुट्टी के संबंध में नकद समकक्ष स्वीकृत नहीं किया जाएगा।”

  1. उपर्युक्त नियमावली के नियम, 39-ग के खण्ड (vii) और (xi) के लिए निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किए जाएंगे अर्थात् :-

“(vii) उपर्युक्त (i) से (vi) के न होने पर सबसे बड़ी जीवित विवाहित पुत्री;

(viii) उपर्युक्त (i) से (vii) के न होने पर सबसे बड़ा जीवित भाई जो 18 वर्ष से कम हो;

(ix) उपर्युक्त (i) से (viii) के न होने पर सबसे बड़ी जीवित अविवाहित बहन;

(x) उपर्युक्त (i) से (ix) के न होने पर सबसे बड़ी जीवित विधवा बहन; तथा

(xi) उपर्युक्त (i) से (x) के न होने पर दिवंगत सबसे बड़े पुत्र का सबसे बड़ा पुत्र।”

  1. उपर्युक्त नियमावली में ऐसे कोष्ठक तथा शब्द (सेवा के दौरान छुट्टी यात्रा के भत्ते के साथ छुट्टी के दिनों की संख्या जिनके लिए छुट्टी यात्रा रियायत की अनुमति दी गई है) जहां कहीं भी होंगे उन्हें विलोपित कर दिया जाएगा।

  2. उपर्युक्त नियमावली के नियम, 43 में—

(i) उपनियम (i) में आंकड़ों तथा शब्द “135 दिनों” के स्थान पर आंकड़े तथा शब्द “180 दिन” प्रतिस्थापित किए जाएं;

(ii) उपनियम (4) खण्ड (ख) में शब्द “एक वर्ष” के स्थान पर शब्द “दो वर्ष” प्रतिस्थापित किया जाएगा अर्थात् :-

“43-क-क बच्चा गोद लेने हेतु पितृत्व अवकाश—(1) क कोई पुरुष सरकारी कर्मचारी (अप्रेंटिस सहित) जिसके दो से कम जीवित बच्चे हों, को किसी एक वर्ष से कम आयु के बच्चे को विधिवत गोद लेने की तारीख से 6 माह की अवधि के भीतर 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान किया जाए।

(2) इन 15 दिनों की ऐसी अवधि के दौरान उसे छुट्टी पर जाने से तत्काल पहले आहरित होने वाले वेतन के समान छुट्टी वेतन दिया जाएगा।

(3) पितृत्व अवकाश किसी अन्य अवकाश के साथ-साथ लिया जा सकता है।

(4) पितृत्व अवकाश छुट्टी के लेखा में नहीं डाला जाएगा।

(5) यदि उपर्युक्त उप नियम (1) में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर पितृत्व अवकाश नहीं लिया जाता तो उसे विलोपित माना जाएगा।

टिप्पण :– सामान्यतः पितृत्व अवकाश होने से किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जाएगा।”

  1. उपर्युक्त नियमावली में नियम 43-ख में उपनियम (i) में आंकड़ों तथा शब्द “135 दिनों” के स्थान पर आंकड़े तथा शब्द “180 दिन” प्रतिस्थापित किए जाएं;

  2. उपर्युक्त नियमावली में नियम 43-ख के बाद निम्न नियम अंतर्स्थापित किया जाएगा:-

“43-ग शिशु देखभाल अवकाश—(1) कोई महिला सरकारी कर्मचारी जिसके 18 वर्ष से कम आयु के दो छोटे बच्चे तथा जिसके खाते में कोई अर्जित अवकाश नहीं हो उसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसकी पूर्ण सेवा अवधि के दौरान दो बच्चों की सीमा तक चाहे वे उनकी देखभाल के लिए हों अथवा उनकी परीक्षा तथा बीमारी आदि जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु, अधिकतम दो वर्ष अर्थात् 730 दिन तक बच्चा देखभाल अवकाश प्राप्त किया जा सकता है।

(2) बच्चा देखभाल अवकाश के दौरान उसे छुट्टी पर जाने से तत्काल पहले आहरित होने वाले वेतन के समान छुट्टी वेतन दिया जाएगा।

(3) बच्चा देखभाल अवकाश किसी अन्य अवकाश के साथ-साथ लिया जा सकता है।

(4) नियम 30 के उपनियम (1) अथवा नियम, 31 के उपनियम (1) में विहित चिकित्सीय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने हेतु की गई अपेक्षा के बावजूद यथा ग्राह्य तथा अनुग्राह्य अवकाश (60 दिन से अधिक की परिवर्तित छुट्टी तथा नहीं मिल पाने वाली छुट्टी सहित) एक वर्ष की अधिकतम अवधि तक यदि आवेदन किया गया हो, उप नियम (1) के अंतर्गत दिया जाने वाला शिशु देखभाल अवकाश के साथ-साथ प्रदान किया जा सकता है।

(5) शिशु देखभाल अवकाश एक बार से अधिक बार लिया जा सकता है।

(6) शिशु देखभाल अवकाश छुट्टी खाते में नहीं डाला जाएगा।

[फा. सं. 11012/1/2009-स्था. (छुट्टी)]
सिम्मी आर. नाकरा, निदेशक (पी. एंड ए) पाद टिप्पण :- मुख्य नियम दिनांक 8 अप्रैल, 1972 के का.आ. संख्या 940 द्वारा प्रकाशित किए गए थे तथा पिछली बार दिनांक 3 नवंबर, 2007 की जीएसआर संख्या 229 द्वारा संशोधित किए गए।