This document details an amendment to the Central Civil Services (Leave) Rules of 1972. The key change concerns the maximum duration of leave an employee can take consecutively – it cannot exceed five years without being considered a resignation, unless specifically approved by the President due to exceptional circumstances. The amendment also ensures that government employees are given a reasonable opportunity to explain the reasons for their absence before the provisions are applied. This notification was issued by the Department of Personnel and Training, under the Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensions.
SOURCE PDF LINK :
Click to access 13026_2_2010-Estt.Leave-29032012-Hindi.pdf
Click to view full document content

REGD. NO. D.L.-33004/99
भारतीय सेना की रजिस्ट्री
The Gazette of India
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 143] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, मार्च 29, 2012/चैत्र 9, 1934
No. 143]
NEW DELHI, THURSDAY, MARCH 29, 2012/CHAITRA 9, 1934
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 29 मार्च, 2012
सा.का.नि. 261(अ).—संविधान के अनुच्छेद 148 के खण्ड (5) के साथ पठित अनुच्छेद 309 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों के संबंध में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक से परामर्श करने के बाद, राष्ट्रपति केन्द्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियमावली, 1972 में और संशोधन करने के लिए एतदद्वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :—
- (1) इन नियमों को केन्द्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियमावली, 2012 के नाम से जाना जाएगा।
- (2) ये सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
- केन्द्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियमावली, 1972 में, नियम 12 के लिए निम्नलिखित नियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :—
“12(1) किसी भी सरकारी कर्मचारी को पांच वर्ष से अधिक समय हेतु किसी लगातार अवधि के लिए किसी भी किस्म का अवकाश को स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
(2) जब तक कि राष्ट्रपति, मामलों की आपवादिक परिस्थितियों को देखते हुए, अन्यथा, यह निर्धारित, न करे कि कोई सरकारी सेवक छुट्टी लेकर अथवा छुट्टी के बिना पांच वर्ष से अधिक समय की किसी, लगातार अवधि के लिए विदेश सेवा के बजाय अन्य सेवा पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है तो उसे सेवा से त्यागपत्र दिया हुआ समझा जाएगा।”
बशर्ते कि ऐसी अनुपस्थिति के लिए कारणों की व्याख्या करने हेतु कोई तर्कसंगत अवसर उप-नियम (2) के प्रावधानों को लागू करने से पहले उस सरकारी सेवक को दिया जाएगा।
[फा. सं. 13026/2/2010-स्था. (छुट्टी)]
ममता कन्व्हा, संयुक्त सचिव
नोट : मूल नियम दिनांक 8 अप्रैल, 1972 के अधिसूचना सं. का.आ. 940 के तहत प्रकाशित कर दिए गए थे और उनमें अंतिम संशोधन अधिसूचना सं. सा.का.नि. 255(अ) दिनांक 28 मार्च, 2012 के तहत किया गया था।