Amendment to the Central Civil Services (Classification, Control and Appeal) Rules, 1965

A

This document details amendments to the Central Civil Services (Classification, Control and Appeal) Rules, 1965, specifically concerning the procedures for disciplinary proceedings. Key changes include modifications to Rule 15, which now outlines the process for referring cases to the UPSC for consultation when necessary. It specifies the documents to be sent with the reference, such as the inquiry officer’s report and the disciplinary authority’s comments. The amendment also clarifies the procedure for serving the UPSC’s advice to the government servant and receiving their representation. Furthermore, it revises Rule 16 to align with the updated Rule 15, and introduces procedural changes in Rules 17, 19, 27, 29, and 29-A, particularly regarding consultation with the UPSC and providing the government servant an opportunity to respond to the advice. Rule 32 has also been omitted. These amendments are effective from their publication in the Official Gazette.

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असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (I) PART II—Section 3—Sub-section (I) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY

सं. 564]
No. 564]

नई दिल्ली, शुक्रवार, अक्तूबर 31, 2014/कार्तिक 9, 1936 NEW DELHI, FRIDAY, OCTOBER 31, 2014/KARTIKA 9, 1936

कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) अधिसूचना नई दिल्ली, 31 अक्तूबर, 2014

सा.का.नि. 769(अ).—संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक एवं अनुच्छेद 148 के खंड (5) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग में कार्यरत व्यक्तियों के संबंध में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के साथ परामर्श करने के पश्चात, राष्ट्रपति, केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 1965 में और संशोधन करने के लिए एतदद्वारा निम्नलिखित नियम बनाते हैं, नामत: —

  1. (1) इन नियमों को केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2014 कहा जाएगा।
  2. (2) वे सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
  3. केन्द्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 1965 में (इसके बाद इन्हें उक्त नियम कहा जाएगा),-
  4. (क) नियम 15 में, उप-नियम 2क, 3 और 4 के लिए निम्नलिखित उप-नियम प्रतिस्थापित किए जाएंगे, नामत: :—

“(3) (क) अनुशासनिक प्राधिकारी ऐसे प्रत्येक मामले में, जिसमें आयोग से परामर्श करना आवश्यक है, आयोग को उसकी सलाह के लिए भेजेगा अथवा भिजवाएगा:

1) आरोप के किसी ब्यौरे पर जांच प्राधिकारी के निष्कर्षों से असहमति, यदि कोई हो, के स्वयं के अनंतिम कारणों सहित जांच प्राधिकारी की रिपोर्ट की एक प्रति; और
2) जांच रिपोर्ट पर सरकारी सेवक के अभ्यावेदन पर अनुशासनिक प्राधिकारी की टिप्पणियां और असहमति टिप्पणी, यदि कोई हो, तथा जांच कार्यवाही के सभी केस-रिकार्ड। (ख) अनुशासनिक प्राधिकारी खंड (क) के अंतर्गत प्राप्त आयोग की सलाह की एक प्रति सरकारी सेवक को भेजेगा अथवा भिजवाएगा, जिससे यह अपेक्षित होगा कि यदि वह चाहे तो आयोग की सलाह पर अपना लिखित अभ्यावेदन अथवा प्रस्तुतीकरण पंद्रह दिनों के भीतर अनुशासनिक प्राधिकारी को प्रस्तुत करें।


(4) अनुशासनिक प्राधिकारी, सरकारी सेवक द्वारा प्रस्तुत किए गए अभ्यावेदन यदि कोई हो, पर उप-नियम (2) और/अथवा उप-नियम (3) के खंड (ख) के अंतर्गत विचार करेगा तथा उप-नियम (5) और (6) में यथाविनिर्दिष्ट उस मामले में अगली कार्यवाही से पूर्व अपने निष्कर्षों को दर्ज करेगा।
(5) आरोप के सभी या किन्हीं ब्यौरों पर अपने निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए यदि अनुशासनिक प्राधिकारी की यह राय हो कि नियम 11 के खंड (i) से (iv) तक में विनिर्दिष्ट शास्त्रियों में से कोई शास्ति सरकारी सेवक पर अधिरोपित की जानी चाहिए तो वह नियम 16 में किसी बात के होते हुए भी ऐसी शास्ति अधिरोपित करने का आदेश देगा।
(6) यदि अनुशासनिक प्राधिकारी की आरोप के सभी या किन्हीं ब्यौरों पर अपने निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए और जांच के दौरान पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर यह राय हो कि नियम 11 के खंड (v) से (ix) में विनिर्दिष्ट शास्त्रियों में से कोई शास्ति सरकारी सेवक पर अधिरोपित की जानी चाहिए तो वह ऐसी शास्ति अधिरोपित करने के लिए आदेश करेगा और वह आवश्यक नहीं होगा कि सरकारी सेवक को अधिरोपित की जाने के लिए प्रस्तावित शास्ति के बारे में अभ्यावेदन करने का कोई अवसर दिया जाए।
(ख) नियम 16 में, —
(i) उप-नियम (1) में, —
(क) शब्दों, कोष्ठकों एवं आंकड़ों “उप-नियम (3)” के लिए शब्दों, कोष्ठकों एवं आंकड़ों “उप-नियम (5)” प्रतिस्थापित किया जाएगा;
(ख) खंड (घ) और (ड.) के लिए निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किए जाएंगे; नामत: : —
“(घ) आयोग से परामर्श, जहां आवश्यक हो, कर लिया गया हो। अनुशासनिक प्राधिकारी आयोग की सलाह की एक प्रति सरकारी सेवक को भेजेगा अथवा भिजवाएगा, जिसमे यह अपेक्षित होगा कि यदि वह चाहे तो आयोग की सलाह पर अपना लिखित अभ्यावेदन अथवा प्रस्तुतीकरण पंद्रह दिनों के भीतर अनुशासनिक प्राधिकारी को प्रस्तुत करें।
(ड.) अवचार या कदाचार के प्रत्येक लांछन की बाबत निष्कर्ष अभिलिखित कर दिया गया हो”
(ii) उप-नियम (2) में खंड (vi) और (vii) के लिए निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किए जाएंगे : —
“(vi) आयोग की सलाह पर सरकारी सेवक का अभ्यावेदन यदि कोई हो;
(vii) कदाचार अथवा दुर्व्यवहार के प्रति लांछन की बाबत निष्कर्ष; और
(viii) मामले में किए गए आदेश उन आदेशों के कारण।”
(ग) नियम 17 में, “और आयोग द्वारा दी गई सलाह, यदि कोई हो, की एक प्रति भी” शब्दों को हटा दिया जाएगा;
(घ) नियम 19 में, द्वितीय परंतुक में, “जहां ऐसा परामर्श आवश्यक है किया जाएगा” शब्दों के पश्चात् “और सरकारी सेवक को आयोग की सलाह के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का अवसर प्रदान किया गया है” शब्द जोडे जाएंगे;
(ड.) नियम 27 में, उप-नियम (2) में, परंतुक में, खंड (i) में “जहां ऐसा परामर्श आवश्यक है” शब्दों के पश्चात् “और सरकारी सेवक को आयोग की सलाह के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का अवसर प्रदान किया गया है” शब्द जोडे जाएंगे;
(च) नियम 29 में, उप-नियम (1) में प्रथम परंतुक में, “जहां ऐसा परामर्श आवश्यक है, कर सकेगा” शब्दों के पश्चात् “और सरकारी सेवक को आयोग की सलाह के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का अवसर प्रदान किया गया है” शब्द जोडे जाएंगे;
(छ) नियम 29-क में, परंतुक में, “ऐसा परामर्श भी किया जाएगा” शब्दों के पश्चात “और सरकारी सेवक को आयोग की सलाह के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का अवसर प्रदान किया गया है” शब्द जोडे जाएंगे;
(ज) नियम 32 को हटा दिया जाएगा।


टिप्पणी: मूल नियम, भारत के राजपत्र में दिनांक 20 नवंबर, 1965 की अधिसूचना सं. 7/2/63 स्था.(क) के तहत प्रकाशित किए गए थे और निम्नलिखित अधिसूचना मंह्रवाओं के तहत संशोधित किए गए थे:-

1. का.आ. 1149, दिनांक 13 अप्रैल, 1966 ;
2. का.आ. 1596, दिनांक 04 जून, 1966 ;
3. का.आ. 2007, दिनांक 09 जुलाई, 1966 ;
4. का.आ. 2648, दिनांक 02 सितम्बर, 1966 ;
5. का.आ. 2854, दिनांक 01 अक्तूबर, 1966 ;
6. का.आ. 1282, दिनांक 15 अप्रैल, 1967 ;
7. का.आ. 1457, दिनांक अप्रैल 29,1967 ;
8. का.आ. 3253, दिनांक 16 सितम्बर, 1967 ;
9. का.आ. 3530, दिनांक 07 अक्तूबर, 1967 ;
10. का.आ. 4151, दिनांक 25 नवम्बर, 1967 ;
11. का.आ. 321, दिनांक 09 मार्च, 1968 ;
12. का.आ. 1441, दिनांक 27 अप्रैल, 1968 ;
13. का.आ. 1870, दिनांक 01 जून, 1968 ;
14. का.आ. 3423, दिनांक 28 सितम्बर, 1968 ;
15. का.आ. 5008, दिनांक 27 सितम्बर, 1969 ;
16. का.आ. 397, दिनांक 07 फरवरी, 1970 ;
17. का.आ. 35217, दिनांक 25 सितम्बर, 1971 ;
18. का.आ. 249, दिनांक 01 जनवरी, 1972 ;
19. का.आ. 990, दिनांक 22 अप्रैल, 1972 ;
20. का.आ. 1600, दिनांक 01 जुलाई, 1972 ;
21. का.आ. 2789, दिनांक 14 अक्तूबर, 1972 ;
22. का.आ. 929, दिनांक 31 मार्च, 1972 ;
23. का.आ. 1648, दिनांक 06 जुलाई, 1974 ;
24. का.आ. 2742, दिनांक 31 जुलाई, 1976 ;
25. का.आ. 4664, दिनांक 11 सितम्बर, 1976 ;
26. का.आ. 3062, दिनांक 8 अक्तूबर, 1977 ;
27. का.आ. 3573, दिनांक 26 नवम्बर, 1977 ;
28. का.आ. 3574, दिनांक 26 नवम्बर, 1977 ;
29. का.आ. 3671, दिनांक 03 सितम्बर, 1977 ;
30. का.आ. 2464, दिनांक 02 सितम्बर, 1978 ;
31. का.आ. 2465, दिनांक 02 सितम्बर, 1978 ;
32. का.आ. 920,, दिनांक 17 फरवरी, 1979 ;
33. का.आ. 1769 दिनांक 05 जुलाई, 1980 ;
34. का.आ. 264, दिनांक 29 जनवरी, 1981 ;
35. का.आ. 2126, दिनांक 08 अगस्त, 1981 ;
36. का.आ. 2203, दिनांक 22 अगस्त, 1981 ;
37. का.आ. 2512, दिनांक 03 अक्तूबर, 1981 ;
38. का.आ. 168, दिनांक 23 जनवरी, 1982 ;
39. का.आ. 1535, दिनांक 12 मई, 1984 ;
40. अधिका. 11012/15/84(क), स्था-, दिनांक 05 जुलाई, 1985
  1. अधिका. 11012/05/85स्या.-, (क) दिनांक 29 जुलाई, 1985 ;
  2. अधिका. 11012/06/85स्या.-,(क) दिनांक अगस्त 06,1985 ;
  3. का.आ. 5637, दिनांक 21 सितम्बर, 1985 ;
  4. का.आ. 5743, दिनांक 28 सितम्बर, 1985 ;
  5. का.आ. 4089, दिनांक 13 सितम्बर, 1986 ;
  6. अधिका. 11012/24/85स्या.-,(क) दिनांक 26 नवम्बर, 1986 ;
  7. का.आ. 830, दिनांक 28 मार्च, 1987 ;
  8. का.आ. 831, दिनांक 28 मार्च, 1987 ;
  9. का.आ. 1591, दिनांक 27 जून, 1987 ;
  10. का.आ. 1825, दिनांक 18 जुलाई, 1987 ;
  11. का.आ. 3060, दिनांक 15 अक्तूबर, 1988 ;
  12. का.आ. 3061, दिनांक 16 अक्तूबर, 1988 ;
  13. का.आ. 2207, दिनांक 16 सितम्बर, 1989 ;
  14. का.आ. 1084, दिनांक 28 लबवै, 1990 ;
  15. का.आ. 2208, दिनांक 25 अगस्त, 1990 ;
  16. का.आ. 1481, दिनांक 13 जून, 1992 ;
  17. सा.का.नि. 289, दिनांक 20 जून, 1992 ;
  18. सा.का.नि. 589, दिनांक 26 सितम्बर, 1992 ;
  19. सा.का.नि. 499, दिनांक 08 अक्तूबर, 1994 ;
  20. सा.का.नि. 276, दिनांक 10 जून, 1995 ;
  21. सा.का.नि. 17, दिनांक 20 फरवरी, 1996 ;
  22. सा.का.नि. 125, दिनांक 16 मार्च, 1996 ;
  23. सा.का.नि. 417, दिनांक 05 अक्तूबर, 1996 ;
  24. सा.का.नि. 337, दिनांक 02 सितंबर, 2000 ;
  25. सा.का.नि. 420, दिनांक 28 अक्तूबर, 2000 ;
  26. सा.का.नि. 211, दिनांक 14 अप्रैल, 2001 ;
  27. सा.का.नि. 60, दिनांक 13 फरवरी, 2002 ;
  28. सा.का.नि. 2, दिनांक 03 जनवरी, 2004 ;
  29. सा.का.नि. 113, दिनांक 10 अप्रैल, 2004 ;
  30. सा.का.नि. 225, दिनांक 10 जुलाई, 2004 ;
  31. सा.का.नि. 287, दिनांक 28 अगस्त, 2004 ;
  32. सा.का.नि. 1, दिनांक 20 सितंबर, 2004 ;
  33. सा.का.नि. 49, दिनांक 29 मार्च, 2008 ;
  34. सा.का.नि. 12, दिनांक 07 फरवरी, 2009 ;
  35. का.आ. 946, दिनांक 09 अप्रैल, 2009 ;
  36. का.आ. 1762 (अ), दिनांक 16 जुलाई, 2009 ; और
  37. सा.का.नि. 55 (अ), दिनांक 02 रीफाच, और 2010
  38. का.आ. 2079(अ), दिनांक 01 जनवरी, 2014