Right to Information (Amendment) Rules, 2012

R

The Central Government has introduced the Right to Information (Amendment) Rules, 2012, superseding the Central Information Commission (Appeal Procedure) Rules, 2005, and the Right to Information (Regulation of Fee and Cost) Rules, 2005. These new rules outline the procedures and fees related to applications filed under the Right to Information Act, 2005. Key provisions include the application fee, charges for providing information, exemptions from fees for individuals below the poverty line, and various methods for fee payment. The rules also detail the process for appeals to the Central Information Commission, including the requirements for filing an appeal, the commission’s procedure for deciding appeals, and the rules for the appellant’s presence during hearings. Finally, it specifies how the Commission’s orders will be issued and authenticated, and includes a form for the format of appeals.

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असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY

सं. 390] नई दिल्ली, मंगलवार, जुलाई 31, 2012/श्रावण 9, 1934
No. 390] NEW DELHI, TUESDAY, JULY 31, 2012/SHRAVANA 9, 1934

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)

अधिसूचना

नई दिल्ली, 31 जुलाई, 2012

सा.का.वि. 603(अ).— केंद्रीय सरकार, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (2005 का 22) की धारा 27 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और केंद्रीय सूचना आयोग (अपील प्रक्रिया) नियम, 2005 तथा सूचना का अधिकार (फीस और लागत का विनियमन) नियम, 2005 को अधिकृत करते हुए, सिवाय उन बातों के, जो ऐसे अधिक्रमण के पूर्व की गई हैं या जिनके किए जाने का लोप किया गया है, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :-

  1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ – (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम सूचना का अधिकार नियम, 2012 है ।
  2. ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे ।
  3. परिभाषाएँ – इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,—
  4. (क) “अधिनियम” से सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (2005 का 22) अभिप्रेत है ;
  5. (ख) “आयोग” से अधिनियम की धारा 12 की उपधारा (1) के अधीन गठित केंद्रीय सूचना आयोग अभिप्रेत है ;
  6. (ग) “प्रथम अपील प्राधिकारी” से लोक प्राधिकरण में का ऐसा अधिकारी अभिप्रेत है जो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी से रैंक में ज्येष्ठ है, जिसके समक्ष धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन अपील होती है ;
  7. (घ) “रजिस्ट्रार” से आयोग का इस प्रकार पदामिहित कोई अधिकारी अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत अपर रजिस्ट्रार, संयुक्त रजिस्ट्रार और उप रजिस्ट्रार भी है;

” (क) “धारा” से अधिनियम की कोई धारा अभिप्रेत है ;
(च) सभी अन्य शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त है किंतु इन नियमों में परिभाषित नहीं हैं, वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके हैं ।
3. आवेदन फीस – अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (1) के अधीन आवेदन के साथ दस रुपए की फीस संलग्न होगी और साधारणतया उसमें, उपबंधों को छोड़कर, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी तथा उस आवेदक का पता अंतर्विष्ट करते हुए पांच सौ से अधिक शब्द नहीं होंगे :

परंतु किसी भी आवेदन को केवल इस आधार पर नामंजूर नहीं किया जाएगा कि उसमें पांच सौ से अधिक शब्द हैं ।
4. सूचना उपलब्ध कराने के लिए फीस – अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (4) और धारा 7 की उपधारा (1) और उपधारा (5) के अधीन सूचना उपलब्ध कराने के लिए फीस निम्नलिखित दरों पर प्रभारित की जाएगी, अर्थात् :-
(क) ए-3 और उससे छोटे आकार के कागज के प्रत्येक पृष्ठ के लिए दो रुपए ;
(ख) बड़े आकार के कागज में किसी फोटोप्रति की वास्तविक लागत या कीमत ;
(ग) नमूनों अथवा प्रतिमानों के लिए वास्तविक लागत या कीमत ;
(घ) प्रत्येक डिस्केट या फ्लापी के लिए पचास रुपए ;
(ङ) किसी प्रकाशन के लिए नियत कीमत अथवा प्रकाशन से उद्धरणों के लिए फोटोप्रति के प्रत्येक पृष्ठ के लिए दो रुपए ;
(च) अभिलेखों का निरीक्षण करने के संबंध में निरीक्षण के प्रथम घंटे के लिए कोई फीस नहीं है और पश्चात्‌वर्ती प्रत्येक घंटे या उसके किसी भाग के लिए पांच रुपए की फीस ; और
(छ) सूचना प्रदान करने में अंतर्वलित उतना डाक प्रभार जितना पचास रुपए से अधिक हो ।
5. फीस के संदाय से छूट – नियम 3 और नियम 4 के अधीन ऐसे किसी व्यक्ति से कोई फीस प्रभारित नहीं की जाएगी जो गरीबी रेखा से नीचे का हो, परंतु यह तब जबकि इस बारे में समुचित सरकार द्वारा जारी किया गया प्रमाणपत्र आवेदन के साथ संलग्न हो ।
6. फीस के संदाय का ढंग – इन नियमों के अधीन फीस का संदाय निम्नलिखित किसी भी रीति में किया जा सकेगा, अर्थात् :-
(क) यथास्थिति, लोक प्राधिकारी को अथवा लोक प्राधिकरण के केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी को नकद रूप में, उसकी समुचित रसीद लेकर ;
(ख) लोक प्राधिकरण के लेखा अधिकारी को संदेय मांग देय ड्राफ्ट या बैंकर चैक या भास्लीय पोस्टल आर्डर द्वारा ; या
(ग) लोक प्राधिकरण के लेखा अधिकारी को इलैक्ट्रानिक साधनों द्वारा, यदि लोक प्राधिकरण के पास इलैक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से फीस प्राप्त करने की सुविधा है ।
7. आयोग के सचिव की नियुक्ति – केंद्रीय सरकार एक ऐसे अधिकारी को, जो भारत सरकार के अपर सचिव के रैंक से नीचे का न हो, आयोग के सचिव के रूप में नियुक्त करेगी ।
8. आयोग को अपील – प्रथम अपील प्राधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश से अथवा प्रथम अपील प्राधिकारी द्वारा उसकी अपील का निपटारा न किए जाने से व्यथित कोई व्यक्ति, आयोग के समक्ष परिशिष्ट में दिए गए


स्र्यविधान में अपील फाइल कर सकंगा और उसकुं साथ अपीलार्थी द्वारा सम्यक् स्र्य से अधिप्रमाणित और सत्यापित निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न होंगे, अर्थात् :-
(i) केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को प्रस्तुत किए गए आवेदन की एक प्रति ;
(ii) केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी से प्राप्त उत्तर् यदि कोई हो की एक प्रति ;
(iii) प्रथम अपील प्राधिकारी को की गई अपील की एक प्रति ;
(iv) प्रथम अपील प्राधिकारी से प्राप्त आदेश यदि कोई हो, की एक प्रति ;
(v) ऐसे अन्य दस्तावेजों की प्रतियां जिनका अपीलार्थी द्वारा अवलंब लिया गया है और जिन्हे उसने अपील में निर्दिष्ट किया है ; और
(vi) अपील में निर्दिष्ट दस्तावेजों की एक अनुक्रमणिका ।
9. अपील का लौटाया जाना – यदि अपील के साथ नियम 8 में यथाविनिर्दिष्ट दस्तावेज संलग्न नहीं हैं तो उसे अपीलार्थी को, उसमें की कमियों को दूर करने के लिए तथा सभी प्रकार से संपूर्ण अपील फाइल करने के लिए लौटाया जा सकंगा ।
10. अपील की प्रक्रिया – (1) अपील प्राप्त होने पर, यदि आयोग का यह समाधान नहीं होता है कि यह कार्यवाही किए जाने के लिए कोई उपयुक्त मामला है तो वह अपीलार्थी को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् तथा अपने कारणों को लेखबद्ध करने के पश्चात् अपील को खारिज कर सकंगा :

पस्तु ऐसी किसी अपील को, यदि उसकं साथ नियम 8 में यथाविनिर्दिष्ट दस्तावेज संलग्न हैं, केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा कि वह विनिर्दिष्ट स्र्यविधान में नहीं की गई है ।
(2) आयोग ऐसी किसी अपील पर विचार नहीं करेगा जब तक कि उसका यह समाधान नहीं हो जाता है कि अपीलार्थी ने अधिनियम के अधीन उसको उपलब्ध सभी उपचारों का फायदा उठा लिया है ।
(3) उपनियम (2) के प्रयोजनों के लिए, किसी व्यक्ति के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने अधिनियम के अधीन उपलब्ध सभी उपचारों का फायदा उठा लिया है-
(क) यदि उसने प्रथम अपील प्राधिकारी के समक्ष अपील फाइल की हो और प्रथम अपील प्राधिकारी या ऐसे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा, जो ऐसी अपील पर आदेश पारित करने के लिए सक्षम हो, अपील पर अंतिम आदेश कर दिया गया हो ; या
(ख) जहां प्रस्तुत अपील के बारे में प्रथम अपील प्राधिकारी द्वारा कोई अंतिम आदेश नहीं किया गया है और उस तारीख से, जिसको ऐसी अपील प्रस्तुत की गई थी, पैंतालीस दिन की अवधि व्यपगत हो.गई हो ।
11. अपीलों का विनिश्चय करने की प्रक्रिया – आयोग, किसी अपील का विनिश्चय करते समय,-
(i) संबंधित या हितबद्ध व्यक्ति से शपथ पर या शपथपत्र पर मौखिक या लिखित साक्ष्य ग्रहण कर सकता है ;
(ii) दस्तावेजों, लोक अभिलेखों या उसकी प्रतियों का परिशीलन कर सकता है ;
(iii) प्राधिकृत अधिकारी के माध्यम से अतिरिक्त ब्यौरों या तथ्यों की जांच करा सकता है ;
(iv) यथास्थिति, केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी, केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी या प्रथम अपील प्राधिकारी की या ऐसे व्यक्ति की, जिसकी कार्रवाई के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की गई है, सुनवाई कर सकता है;
(v) अन्य पक्षकार की सुनवाई कर सकता है ; और


… (vi) केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी, केंद्रीय सहायक लोक सूचना अधिकारी, प्रथम अपील प्राधिकारी या ऐसे अन्य व्यक्ति से, जिसके विरुद्ध अपील होती है, या अन्य पक्षकार से शपथपत्र पर साक्ष्य ग्रहण कर सकता है ।
12. आयोग के समक्ष अपीलार्थी की उपस्थिति – (1) अपीलार्थी को सुनवाई की तारीख के कम से कम सात स्पष्ट दिन पूर्व तारीख सूचित की जाएगी ।
(2) अपीलार्थी, आयोग द्वारा अपील की सुनवाई किए जाने के समय, व्यक्तिगत रूप से या अपने सम्यक् रूप से प्राधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से अथवा यदि वीडियो कान्फ्रेंसिग की सुविधा उपलब्ध है तो वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से उपस्थित हो सकंगा ।
(3) जहां आयोग का यह समाधान हो जाता है कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं जिनके कारण अपीलार्थी सुनवाई के समय उपस्थित होने में असमर्थ है तो आयोग, अंतिम विनिश्चय किए जाने के पूर्व अपीलार्थी को सुनवाई का एक अन्य अवसर प्रदान कर सकंगा या कोई अन्य समुचित कार्रवाई, जो वह ठीक समझे, कर सकंगा ।
13. लोक प्राधिकारी द्वारा प्रस्तुति – लोक प्राधिकारी, अपने पक्षकथन को प्रस्तुत करने के लिए किसी प्रतिनिधि या अपने किसी अधिकारी को प्राधिकृत कर सकंगा ।
14. आयोग द्वारा सूचना की तामील – आयोग, नाम से सूचना जारी कर सकंगा जिसकी तामील निम्नलिखित में से किसी माध्यम से की जा सकंगी, अर्थात् :-
(i) स्वयं पक्षकार द्वारा तामील करके ;
(ii) आदेशिका तामीलकर्ता के माध्यम से दस्ती परिदान द्वारा ;
(iii) इलैक्ट्रानिक पता उपलब्ध होने की दशा में इलैक्ट्रानिक मेल द्वारा ।
15. आयोग का आदेश – आयोग का आदेश लिखित में होगा और रजिस्ट्रार द्वारा या आयोग द्वारा इस प्रयोजन के लिए प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा सम्यक् रूप से अधिप्रमाणित रूप में आयोग की मुद्रा से जारी किया जाएगा ।
[फा. सं. 1/35/2009-आई.आर.]
मनोज जोशी, संयुक्त सचिव
परिशिष्ट

अपील का रूपविधान
(नियम 8 देखिए)

  1. अपीलार्थी का नाम और पता
  2. केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी का नाम और पता, जिसे आवेदन संबोधित किया गया था
  3. केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी का नाम और पता, जिसने आवेदन का उत्तर दिया था

[ भाग II-खण्ड 3(i)] भारत का राजपत्र : असाधारण
4. प्रथम अपील प्राधिकारी का नाम और पता, जिसने प्रथम अपील का विनिश्चय किया था
5. आवेदन की विशिष्टियां
6. ऐसे आदेश (आदेशी) की, संस्थांक सहित, यदि कोई हो, जिसके (जिनके) विरुद्ध अपील की गई है, विशिष्टियां
7. अपील के संक्षिप्त तथ्य, जिनके कारण अपील की गई है
8. प्रार्थना या ईप्सित अनुतोष
9. प्रार्थना या अनुतोष के आधार
10. अपील से सुसंगत कोई अन्य सूचना
11. अपीलार्थी द्वारा सत्यापन/अधिप्रमाणन