This document details amendments to the Union Public Service Commission (Members) Regulations, 1969. Key changes include adjustments to salary structures for the Chairman and members, provisions for leave entitlements mirroring those of Indian Administrative Service members, clarification on pension eligibility for individuals transitioning from government service, and the application of rules related to the Chief Election Commissioner and other Election Commissioners. It also outlines the applicability of existing rules and orders regarding terms of service for the Chairman and members, ensuring their conditions of service are not disadvantaged by the amendments. The notification was issued on June 18, 2007, and the regulations come into effect on May 1, 2007.
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(भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उपखंड (i) तारीख: जून, 2007 में प्रकाशनार्थ)
भारत सरकार
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
(कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग)
नई दिल्ली, तारीख: 2007
अधिसूचना
साठकाठनि०………(अ)- राष्ट्रपति, संविधान के अनुच्छेद 318 के खंड (क) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, संघ लोक सेवा आयोग (सदस्य) विनियम, 1969 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात् :-
- (1) इन विनियमों का संक्षिप्त नाम संघ लोक सेवा आयोग (सदस्य) संशोधन विनियम, 2007 है ।
(2) ये 1 मई, 2007 को लागू समझे जाएंगे । -
संघ लोक सेवा आयोग (सदस्य) विनियम, 1969 में, (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त विनियम कहा गया है) विनियम 4 के स्थान पर निम्नलिखित विनियम रखा जाएगा, अर्थात् :-
- “4. वेतन:- अध्यक्ष को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के वेतन के बराबर और अन्य सदस्यों को किसी निर्वाचन आयुक्त के वेतन के बराबर, वेतन का संदाय किया जाएगा :
पश्चात यदि कोई व्यक्ति, यथास्थिति, अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में पद ग्रहण करने की तारीख के ठीक पूर्व संघ की सरकार के अधीन या किसी राज्य सरकार के अधीन, किसी पूर्ववर्ती सेवा की बाबत (किसी निःशक्तता या क्षति पेंशन से भिन्न) कोई पेंशन प्राप्त कर रहा था, या प्राप्त करने के लिए पात्र होते हुए, उसने ऐसी पेंशन लेने का निश्चय किया था, तो यथास्थिति, अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में सेवा की बाबत उसके वेतन में से निम्नलिखित को घटा दिया जाएगा, अर्थात् :-
(क) उस पेंशन की रकम ; और
(ख) यदि पद ग्रहण करने के पूर्व उसने ऐसी पूर्ववर्ती सेवा की बाबत, उसे देय पेंशन के किसी भाग के बदले में उसका संराशिकृत मूल्य प्राप्त किया था तो पेंशन के उस भाग की रकम ।”
- उक्त विनियमों में, विनियम 4क का लोप किया जाएगा ।
-
उक्त विनियमों में, विनियम 6 के स्थान पर निम्नलिखित विनियम रखा जाएगा, अर्थात् :-“6. छुट्टी,- (1) किसी व्यक्ति को, जो अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में पद ग्रहण करने की तारीख के ठीक पूर्व सरकार की सेवा में था, उसकी पदावधि के दौरान न कि उसके पश्चात्, उन नियमों के अनुसार छुट्टी मंजूर की जा सकेगी, जो उस सेवा को तत्समय लागू हों, जिसमें वह ऐसी तारीख के पूर्व था और विनियम 8 में किसी बात के होते हुए भी, वह ऐसी तारीख को अपने नाम जमा छुट्टी को अग्रनीत करने का हकदार होगा ।
(2) किसी अन्य व्यक्ति को, जिसे अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाता है, ऐसे नियमों के अनुसार छुट्टी मंजूर की जा सकेगी जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी सदस्य को तत्समय लागू हैं ।
(3) अध्यक्ष या किसी सदस्य को छुट्टी मंजूर करने या नामंजूर करने और उसे मंजूर की गई छुट्टी को प्रतिसंहत या कम करने की शक्ति, राष्ट्रपति में निहित होगी I”। - उक्त विनियमों में, विनियम 7 और अनुसूची का लोप किया जाएगा ।
- उक्त विनियमों में विनियम 8 के स्थान पर निम्नलिखित विनियम रखा जाएगा, अर्थात् :-
“8. अध्यक्ष और सदस्यों को संदेय पेंशन (1) – किसी व्यक्ति के बारे में, जो अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में पद ग्रहण करने की तारीख के ठीक पूर्व सरकार की सेवा में था, यह समझा जाएगा कि वह उस सेवा से उस तारीख को सेवानिवृत्त हो गया है जिसको वह अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में पद ग्रहण करता है, किन्तु अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में उसकी पश्चात्वर्ती वह सेवा चालू रहने वाली अनुमोदित सेवा मानी जाएगी जिसे उस सेवा में पेंशन के लिए गणना में लिया जाएगा, जिसमें वह था ।
(2) जहां, अध्यक्ष या कोई सदस्य (चाहे उपविनियम (3) में विनिर्दिष्ट किसी रीति से या त्यागपत्र द्वारा) पद छोड़ता है वहां वह इस प्रकार पद छोड़ने पर्–
(क) ऐसी पेंशन का हकदार होगा जो समय-समय पर यथासंशोधित मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (सेवा शर्त) अधिनियम, 1991 (1991 का 11) के उपबंधों के अनुसार यथास्थिति, अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में की गई सेवा की अवधि के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त या किसी निर्वाचन आयुक्त को संदेय पेंशन के बराबर है ; और
(ख) ऐसी पेंशन (जिसके अंतर्गत पेंशन का संराशिकरण भी है), कुटुंब पेंशन और उपदान का हकदार होगा, जो समय-समय पर यथासंशोधित उक्त अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त या किसी निर्वाचन आयुक्त को अनुज्ञेय हैं ।
(3) उस दशा के सिवाय जहां अध्यक्ष या कोई सदस्य त्यागपत्र द्वारा पद छोड़ता है इन विनियमों के प्रयोजन के लिए यह तभी समझा जाएगा कि उसने अब अपना पद छोड़ दिया है जब-
(क) उसने पदावधि पूरी कर ली है ; या
(ख) उसने पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है ; या
(ग) चिकित्सक द्वारा यह प्रमाणित कर दिया जाता है कि उसका पद छोड़ना उसकी अस्वस्थता के कारण आवश्यक है I”। - उक्त विनियमों में, विनियम 9 के स्थान पर निम्नलिखित विनियम रखा जाएगा, अर्थात् :-टिप्पण : मूल विनियम भारत के राजपत्र में, अधिसूचना सं० सा०काःनि० 1402, तारीख 11 अक्तूबर, 1969 द्वारा किए गए थे और पश्चातवर्ती संशोधन निम्नलिखित द्वारा किए गए—
| क्र०सं० | सा०काःनि० सं० | प्रकाशन की तारीख |
|---|---|---|
| 1. | 1230 | $06-10-79$ |
| 2. | 1418 | $01-12-79$ |
| 3. | 357 | $08-03-80$ |
| 4. | 977 | $27-09-80$ |
| 5. | 832 | $12-08-81$ |
| 6. | 388 | $21-05-83$ |
| 7. | 640 | $03-09-83$ |
| 8. | 584 | $30-05-84$ |
| 9. | 692 | $06-09-86$ |
| 10. | 344 | $30-04-88$ |
| 11. | 583 | $30-07-89$ |
| 12. | 379 | $04-06-90$ |
| 13. | $667(\mathrm{~m})$ | $04-07-92$ |
| 14. | $496(\mathrm{~m})$ | $30-06-93$ |
| 15. | 373 | $02-07-93$ |
| 16. | $150(\mathrm{~m})$ | $26-03-96$ |
| 17. | $03-12-97$ | |
| 18. | 221 | $17-07-99$ |
| 19. | 230 | $28-04-2001$ |”9. साधारण भविष्य निधि में अभिदाय करने का अधिकार- अध्यक्ष या किसी सदस्य के रूप में पद धारण करने वाला प्रत्येक व्यक्ति साधारण भविष्य निधि (केन्द्रीय सेवा) में अभिदाय करने का अधिकार होगा।”। |
-
उक्त विनियमों में, विनियम 10 के स्थान पर निम्नलिखित विनियम रखा जाएगा, अर्थात् :-
- “10. सेवा की अन्य शर्तें- इन विनियमों में जैसा अन्यथा उपबंधित उसके सिवाय, यात्रा भत्ता, किराया मुक्त मकान की सुविधा और ऐसे किराया मुक्त मकान के मूल्य पर आयकर के संदाय से छूट, सवारी सुविधा, सत्कार भत्ता, चिकित्सीय सुविधा, पश्च सेवानिवृत्ति फायदों से संबंधित सेवा की शर्तें और सेवा की ऐसी अन्य शर्तें जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (सेवा शर्त) अधिनियम, 1991 (1991 का 11) के उपबंधों और उसके अधीन बनाए गए समय-समय पर यथासंशोधित नियमों के अनुसार मुख्य निर्वाचन आयुक्त या किसी निर्वाचन आयुक्त को लागू होती है, जहां तक हो सके अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को लागू होंगी।”।
- उक्त विनियमों में, विनियम 11, विनियम 11क, विनियम 12, विनियम 13, विनियम 14 और विनियम 14क का लोप किया जाएगा।
-
उक्त विनियमों में, विनियम 15 के स्थान पर निम्नलिखित विनियम रखा जाएगा, अर्थात् :-
- “15. नियमों और आदेशों का लागू होना- (1) अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की सेवा की शर्तें, जिनके लिए इन विनियमों में अभिव्यक्त रूप से उपबंध नहीं किया गया है, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों को तत्समय लागू नियमों और आदेशों द्वारा अवधारित की जाएंगी।
(2) इन विनियमों की किसी बात से यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह अध्यक्ष या किसी सदस्य की सेवा की शर्तों को उसकी नियुक्ति की तारीख को विद्यमान शर्त से कम हितकर बनाती है।”
(सी.बी. अलीवाल)
संयुक्त सचिव, भारत सरकार